भारत की एनपीएस की संपत्ति 15.95 लाख करोड़ रुपए के पार, ईपीएस में योगदान करने वालों की संख्या 7.98 करोड़ पहुंची
नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। भारत की रिटायरमेंट व्यवस्था में बड़ा विस्तार देखने को मिला है। सरकार ने गुरुवार को बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत प्रबंधित संपत्ति 15.95 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, जबकि अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत यह आंकड़ा 51,400 करोड़ रुपए हो गया है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एनपीएस में नामांकन करने वाले सब्सक्राइबर्स की संख्या 2.17 करोड़ से अधिक हो गई है, जबकि एपीवाई के तहत 8.96 करोड़ नामांकन दर्ज किए गए हैं। यह भारत की पेंशन व्यवस्था में लगातार मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।
एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (ईपीएस) में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल 2026 तक इसमें योगदान देने वाले सदस्यों की संख्या बढ़कर 7.98 करोड़ हो गई है।
गैर-अंशदायी सामाजिक पेंशन योजनाएं भी आय सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई हैं। अप्रैल 2026 तक केंद्र सरकार की सामाजिक पेंशन योजना के तहत 2.92 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को कवर किया गया। इसी अवधि में राज्य सरकारों ने भी 1.41 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को पेंशन सहायता प्रदान की।
भारत की पेंशन व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अभी भी परिभाषित लाभ (डिफाइंड-बेनेफिट) पेंशन व्यवस्था पर आधारित है। इसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पेंशन दी जाती है, जिसमें 34 लाख से अधिक रक्षा पेंशनभोगी और 14 लाख रेलवे पेंशनभोगी शामिल हैं।
बयान में कहा गया कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा और रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए रिटायरमेंट सुरक्षा को मजबूत करना सार्वजनिक नीति की महत्वपूर्ण प्राथमिकता बन गया है।
इस संदर्भ में भारत की पेंशन व्यवस्था समय के साथ लगातार विकसित हुई है। इसमें कई नीतिगत फैसलों और संस्थागत सुधारों के जरिए बदलाव किए गए हैं। सरकार का फोकस अब सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सेवाओं को बेहतर बनाने पर है।
भारत की पेंशन व्यवस्था अब कई स्तंभों पर आधारित है, जिनमें परिभाषित लाभ योजनाएं, अंशदायी योजनाएं, संगठित निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए वैधानिक पेरोल आधारित योजनाएं और कर से वित्तपोषित सामाजिक सहायता योजनाएं शामिल हैं।
केंद्र स्तर पर नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (एनएसएपी) को ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सहायता मिल सके। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
अगस्त 2025 तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एनएसएपी के तहत लाभार्थियों को प्रति माह 50 रुपए से लेकर 3,800 रुपए तक की अतिरिक्त सहायता राशि देना शुरू किया है। इसके चलते अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में औसत मासिक पेंशन लगभग 1,000 रुपए तक पहुंच गई है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Punjab Blasts: पंजाब धमाकों पर AAP नेता संजय सिंह का आरोप, शांति भंग करने की हो रही कोशिश, कहा- मामले की हो निष्पक्ष जांच
Punjab Blasts: पंजाब के अमृतसर और जालंधर में हाल के दिनों में हुए धमाकों ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है. इस संवेदनशील मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि देश की शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है. गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इन घटनाओं को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई और सरकार से कई सवाल पूछे.
शांति भंग करने की कोशिश
सांसद संजय सिंह ने इन घटनाओं के पीछे के समय पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि जब भी चुनावी माहौल होता है या राज्य में शांति का वातावरण बनता है, तब ऐसी साजिशें रची जाती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के अमन चैन को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. संजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब की जनता अब ऐसी राजनीति को समझ चुकी है और वह नफरत या हिंसा को कभी स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय राज्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और जनता के बीच तनाव कम करने का काम करें.
पुरानी घटनाओं का जिक्र और निष्पक्ष जांच की मांग
संजय सिंह ने अपनी बात को मजबूती देने के लिए अतीत में हुई कुछ बड़ी आतंकी घटनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि देश में पहले भी कई ऐसी बड़ी वारदातें हुई हैं जिनके जवाब आज तक जनता को नहीं मिले हैं. लोग आज भी यह जानना चाहते हैं कि उन घटनाओं के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन थे और सुरक्षा में चूक के लिए कौन जिम्मेदार था. पंजाब के संदर्भ में उन्होंने मांग की कि अमृतसर और जालंधर धमाकों की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और गहन होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह केवल पुलिस की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसकी जड़ तक जाकर यह पता लगाना चाहिए कि इसके पीछे किन ताकतों का हाथ है.
पंजाब का गौरव और भाईचारा सर्वोपरि
संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि पंजाब ने बहुत कठिन दौर देखे हैं और वहां के लोगों ने बहुत कुर्बानियां दी हैं. पंजाब की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान हमेशा से प्रेम और सौहार्द की रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसक घटना को हल्के में लेना राज्य के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा होगा. उन्होंने जनता से यह अपील भी की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी एकता बनाए रखें. सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब की शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह चाहती है कि केंद्र सरकार और राज्य की एजेंसियां मिलकर काम करें ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
सुरक्षा को राजनीति से ऊपर रखने की सलाह
प्रेस वार्ता के अंत में संजय सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक ऐसा विषय है जिस पर पक्ष और विपक्ष को एक सुर में बात करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब भी कोई धमाका होता है या आतंकी घटना होती है, तो उसका नुकसान किसी एक दल को नहीं बल्कि पूरे समाज और आम नागरिकों को होता है. सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करे. उन्होंने मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि जनता का सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे. उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ काम करने और समय समय पर जनता को सही जानकारी देने का आग्रह किया ताकि भ्रम की स्थिति पैदा न हो.
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