IPL 2026 के बीच सूर्यकुमार यादव को मिली बड़ा खुशखबरी, घर आई लक्ष्मी
IPL 2026 के बीच भारतीय टीम के T20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को एक बड़ी खुशखबरी मिली है. सूर्या अब पिता बन गए हैं. उनकी वाइफ देविशा ने बेटी को दिया जन्म दिया है.
'आप काले हो, काला एक्टर नहीं चाहिए...', इस स्टार ने खोली बॉलीवुड की पोलपट्टी, डार्क स्किन की वजह से हुआ था रिजेक्ट
Dibyendu Bhattacharya Facing Rejection Due to Dark Skin: एक्टर दिब्येंदु भट्टाचार्य आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. अपनी दमदार अदाकारी और अलग तरह के किरदारों की बदौलत उन्होंने फिल्म और वेब सीरीज की दुनिया में एक खास जगह बनाई है. देव डी, ब्लैक फ्राइडे, चिट्टागोंग, लूप लपेटा और लुटेरा जैसी फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने वाले दिब्येंदु ने हाल ही में बॉलीवुड और विज्ञापन जगत में मौजूद रंगभेद को लेकर खुलकर बात की है.
जी हां, एक्टर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि आज भी इंडस्ट्री में स्किन कलर के आधार पर कलाकारों को जज किया जाता है. उन्होंने अपने साथ हुई एक ऐसी घटना साझा की, जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया. तो चलिए आपको बताते हैं दिब्येंदु भट्टाचार्य ने रंगभेद को लेकर क्या कुछ कहा?
“काला होने की वजह से मुझे रिप्लेस कर दिया गया”
आपको बता दें कि एक बातचीत में दिब्येंदु भट्टाचार्य ने बताया कि उन्हें हाल ही में एक विज्ञापन के लिए कास्ट किया गया था. कई दिनों तक बातचीत और तैयारियां चलती रहीं, लेकिन शूटिंग शुरू होने से ठीक तीन दिन पहले उन्हें यह कहकर प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया गया कि उनका रंग सांवला है. एक्टर से कहा गया, 'नहीं दादा, आपको रिप्लेस कर दिया क्योंकि आप काले हो और काला एक्टर नहीं चाहिए.'
बातचीत के दौरान दिब्येंदु ने कहा, “करीब 4-5 दिनों तक लगातार बातचीत चल रही थी. जब मैंने शूट से तीन दिन पहले पूछा कि शूट हो रहा है या नहीं, तब मुझे बताया गया कि मुझे रिप्लेस कर दिया गया है. वजह ये थी कि उन्हें ‘काला’ एक्टर नहीं चाहिए था.” उनकी ये बात सुनकर फैंस भी हैरान रह गए. एक्टर ने कहा कि ये केवल उनके साथ नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में कई कलाकारों के साथ होता है, लेकिन लोग अक्सर खुलकर इस पर बात नहीं करते.
“समाज की सोच बदलना आसान नहीं”
दिब्येंदु भट्टाचार्य ने आगे कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, लेकिन इसे बदलना आसान नहीं है. उनका मानना है कि जब तक बच्चों को बचपन से सही सामाजिक मूल्य और नैतिकता नहीं सिखाई जाएगी, तब तक समाज में मौजूद ऐसी मानसिकता खत्म नहीं होगी. उन्होंने कहा, “अगर बच्चों को शुरू से ही इंसानियत, बराबरी और दूसरों का सम्मान करना नहीं सिखाया जाएगा, तो ऐसी सोच बदलना मुश्किल है.”
जापान और कोरिया का दिया उदाहरण
बातचीत के दौरान दिब्येंदु ने जापान और कोरिया जैसे देशों का उदाहरण भी दिया. उनके मुताबिक वहां बच्चों को कम उम्र से ही अनुशासन, सम्मान और सामाजिक व्यवहार की शिक्षा दी जाती है. उन्होंने कहा कि भारत में ये काफी हद तक परिवार और परवरिश पर निर्भर करता है. अगर घर से सही सीख मिले, तो समाज में भेदभाव जैसी चीजें धीरे-धीरे खत्म हो सकती हैं.
अभिनय से बनाई अलग पहचान
दिब्येंदु भट्टाचार्य उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने बिना किसी स्टारडम या ग्लैमर इमेज के केवल अपनी एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाई. उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी कई दमदार भूमिकाएं निभाई हैं. हाल ही में एक्टर वेब सीरीज अनदेखी के चौथे सीजन में नजर आए, जहां उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई. इससे पहले उन्होंने नेटफ्लिक्स की चर्चित सीरीज मामला लीगल है में भी अहम भूमिका निभाई थी.
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