Uttarakhand Update: CM पुष्कर सिंह धामी के फैसले से स्कूल, गांव और सड़क परियोजनाओं को रफ्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में विकास, आपदा प्रबंधन, स्कूल मरम्मत, बाढ़ सुरक्षा और हेलीपैड निर्माण सहित कई कार्यों के लिए ₹74 करोड़ मंजूर किए।
Explainer: गॉल का 'चक्रव्यूह' क्या तोड़ पाएगी कप्तान शुभमन गिल की युवा सेना? जानें श्रीलंका का यह मैदान क्यों है सबसे खतरनाक
IND vs SL: भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर 15 अगस्त से 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। इस सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. इस बार टीम इंडिया की कमान शुभमन गिल के हाथों में है, जो न तो श्रीलंका के खिलाफ कोई टेस्ट मैच खेले हैं और न ही श्रीलंका में कभी टेस्ट मैच खेले हैं. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की रेस में बने रहने के लिए यह सीरीज टीम इंडिया के लिए बेहद अहम है. भारत को दोनों मैचों में जीत दर्ज करनी होगी। हालांकि, गॉल के मैदान पर मेजबान श्रीलंका को हराना दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में से एक माना जाता है. तो चलिए जानते हैं कि गॉल का यह ऐतिहासिक मैदान कप्तान शुभमन गिल और उनकी युवा सेना के लिए किसी 'चक्रव्यूह' से कम क्यों नहीं है.
गॉल के मैदान का भूगोल और इसकी अनूठी परिस्थितियां
गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम को दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण मैदानों में से एक माना जाता है. यह मैदान जितना खूबसूरत है, उतना ही बल्लेबाजों के लिए खतरनाक भी है. हिंद महासागर के बिल्कुल किनारे स्थित होने के कारण इस मैदान पर मौसम और वातावरण का प्रभाव देखने को मिलता है, जिसका असर खेल पर भी पड़ता है. समुद्र के नजदीक होने के कारण इस मैदान पर तेज हवाएं चलती रहती है. मैच के शुरुआती सेशन में हवा की वजह से तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलता है. हालांकि, फिर खेल आगे बढ़ने के साथ गेंद 'रिवर्स स्विंग' भी होने लगती है. गॉल में अत्यधिक उमस होने के कारण गेंद पुरानी होते ही यहां की सूखी सतह और तटीय मौसम के कारण अचानक 'रिवर्स स्विंग' होने लगती है. ऐसे में बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं.
गॉल की पिच स्पिनर्स के लिए स्वर्ग
गॉल की पिच को स्पिनर्स के लिए स्वर्ग माना जाता है. यहां दुनिया की किसी भी पिच के मुकाबले स्पिनर्स को जल्दी मदद मिलने लगती है. पहले ही दिन यहां टर्न देखने को मिलने लगता है. गॉल की पिच की ऊपरी परत सूखी होती है, जो मैच के पहले ही दिन, खासकर दूसरे सेशन से टूटने लगती है, जिसके कारण न सिर्फ गेंद टर्न होती है, बल्कि काफी उछाल भी देखने को मिलता है. इतना ही नहीं, कुछ गेंदें नीचे भी रह जाती हैं. श्रीलंका के बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या का गॉल में रिकॉर्ड बेहद ही शानदार है. वह इस मैदान की दरारों और टर्न का भरपूर फायदा उठाते हैं. वहीं पिछले कुछ सालों में टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजी भी रही है. भारतीय बल्लेबाज स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए हैं, जिससे टीम इंडिया का खतरा और बढ़ जाता है.
स्क्वाड के 15 खिलाड़ियों में से सिर्फ 3 को है श्रीलंका में खेलने का अनुभव
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में कुल 15 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इनमें से सिर्फ 3 ही खिलाड़ियों को श्रीलंका में टेस्ट खेलने का अनुभव है. ये खिलाड़ी केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव हैं. खुद कप्तान शुभमन गिल पहली बार श्रीलंका के खिलाफ उनकी धरती पर टेस्ट खेलते नजर आएंगे. इसके अलावा यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल और सरफराज खान जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए गॉल की टर्निंग पिच पर खुद को साबित करना सबसे बड़ी चुनौती होगी.
CAPTAIN × COACH - Shubman Gill and Gautam Gambhir in serious conversation during practice session ???????? pic.twitter.com/2Idp9ryiDw
— Maina Singh (@Maina_Singhx77) August 10, 2026
भारत के लिए गॉल में अतीत की यादें
भारतीय टीम के लिए गॉल का इतिहास मिला-जुला रहा है. विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने साल 2017 में यहां शानदार जीत दर्ज की थी, लेकिन उससे पहले साल 2015 में भारत को गॉल टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा था. उस मैच में श्रीलंका को कम स्कोर पर समेटने के बाद भारतीय टीम पूरी तरह से मजबूत स्थिति में थी, लेकिन फिर दिनेश चांदीमल की एक शानदार पारी के बाद दिग्गज स्पिनर रंगना हेराथ की जादुई फिरकी के सामने भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई थी. इस तरह टीम इंडिया को जीते हुए मैच में हार का सामना करना पड़ा था. श्रीलंका की टीम भले ही दुनिया की किसी भी पिच पर संघर्ष कर रही हो, लेकिन गॉल के मैदान पर मेजबान टीम बेहद खतरनाक हो जाती है. धनंजय डी सिल्वा की कप्तानी में श्रीलंकाई टीम अपनी पिचों का फायदा उठाना जानती है. ऐसे में यह मैच टीम इंडिया के लिए आसान नहीं होने वाला है.
जसप्रीत बुमराह की गैर-मौजूदगी और कमजोर तेज गेंदबाजी आक्रमण
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को एक बड़ा झटका लगा है. स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इस सीरीज से बाहर हो गए हैं, क्योंकि वे पूरी तरह से फिट नहीं हैं. उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को टीम में शामिल किया गया है. बुमराह की अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी का पूरी जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा पर आ गया है. सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा पहली बार श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने उतरेंगे. गॉल की पिचों पर जहां तेज गेंदबाजों को विकेट निकालने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, वहां बुमराह जैसे गेंदबाज की कमी टीम इंडिया को बहुत खलने वाली है. श्रीलंकाई बल्लेबाज अपने घरेलू मैदानों पर स्पिन को बहुत अच्छे से खेलते हैं, लेकिन वे अच्छी गति और रिवर्स स्विंग के सामने मुश्किल में भी फंसते हैं. ऐसे में बुमराह के बाहर होने से श्रीलंका के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को राहत मिलेगी और वे एक बड़ी पारी खेल सकते हैं.
Mohammed Siraj with the winning runs ????????
— BCCI (@BCCI) August 9, 2026
A successful chase in Colombo for #TeamIndia against SLC XI ????????
Scorecard ▶️ https://t.co/g7rdlUUjY2 pic.twitter.com/4rAFzHXWXN
इस टेस्ट सीरीज की तैयारियों के लिए भारतीय टीम ने श्रीलंका इलेवन के खिलाफ 7 से 9 अगस्त तक एक वार्मअप मैच खेला था. इस मैच में टीम इंडिया ने 6 विकेट से जीत दर्ज की. बल्लेबाजों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा. अब देखने वाली बात है कि गॉल में टीम इंडिया का प्रदर्शन कैसा रहता है.
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