भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पड़ोसी राज्य में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
भाजपा ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलनों को लेकर ‘‘दोहरा मापदंड’’ अपनाने का आरोप लगाया।
झारखंड में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है।
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी शिकायतें शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है।
मिश्रा ने कहा, ‘‘कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेता जब दिल्ली में विद्यार्थियों के सड़कों पर उतरने पर उनका पुरजोर समर्थन कर रहे थे, तो झारखंड में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को वैसा ही समर्थन क्यों नहीं दे रहे हैं?
क्या झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्र देश के छात्र नहीं हैं?’’
उन्होंने कहा कि राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपना रुख बदलना विपक्ष की विरोधाभासी नीति को उजागर करता है।
मिश्रा ने संसद में विपक्ष द्वारा किए जा रहे व्यवधान को लेकर भी आलोचना की और दावा किया कि विपक्ष ने करीब 15 दिनों तक सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ‘‘संसद बहस, विचार-विमर्श और समाधान तलाशने का मंच है। सरकार सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष में सरकार के जवाब को सुनने की क्षमता और धैर्य भी होना चाहिए।
Continue reading on the app
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि हाल ही में उनके काफिले पर हुए हमले के दौरान उनकी कार पर फेंके गए पत्थर (जिसे उन्होंने "बड़ी ईंट" बताया) की वजह से उन्हें सीने में दर्द हुआ। कोलकाता के श्यामबाजार 5 पॉइंट क्रॉसिंग पर मीडिया से बात करते हुए बनर्जी ने बताया कि शारीरिक परेशानी के कारण वह शुरू में इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर हिचकिचा रही थीं, लेकिन अपनी पार्टी के डिजिटल विंग का समर्थन करने के लिए उन्होंने इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया। बनर्जी ने कहा कि हमारी कार पर जो पत्थर - या बड़ी ईंट - फेंकी गई थी, उसी वजह से मेरे सीने में दर्द हुआ। आज भी मैं आने के मूड में नहीं थी, लेकिन फिर हमने सोचा कि यह प्रोग्राम हमारी IT टीम का है, तो हमें क्यों नहीं जाना चाहिए? इसीलिए हम आए हैं।
यह घटना रविवार को हुई जब बनर्जी TMC पार्टी के एक मृत कार्यकर्ता के परिवार से मिलने नॉर्थ 24 परगना जा रही थीं। उनके साथ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी थीं, तभी उनके काफिले को रोका गया और उस पर चीज़ें फेंकी गईं। शारीरिक हमले के अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कड़ी आलोचना की और उन पर TMC सदस्यों को चुन-चुनकर निशाना बनाकर पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा किसे गिरफ्तार करना है और किसे नहीं, यह पुलिस का काम है। पुलिस का काम सिर्फ़ तृणमूल कांग्रेस के लोगों को गिरफ्तार करना है। बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने BJP कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पार्टी दफ्तरों में TMC सदस्यों को डराया-धमकाया।
उन्होंने आरोप लगाया, आज भी, हमारे तृणमूल कांग्रेस दफ्तर में, जहाँ उपासना, प्रियंका और अन्य लोग मौजूद थे, BJP और पुलिस ने वहाँ जाकर उन्हें परेशान किया।
पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हमले के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ था। उन्होंने इस घटना को पुरानी शिकायतों को लेकर स्थानीय लोगों के गुस्से का नतीजा बताया। प्रेस से बात करते हुए सिंह ने साफ़ किया कि उस जगह पर पार्टी का कोई कार्यक्रम नहीं हो रहा था और कहा कि इसमें BJP के लोग शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पत्थर फेंके, वे अपने घरों में हुई तोड़-फोड़ और लूटपाट के जवाब में ऐसा कर रहे थे। सिंह ने कहा हमारी पार्टी इसके खिलाफ़ है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उनके घरों को लूटा और तोड़ा जा रहा था। वहाँ BJP का कोई कार्यक्रम नहीं था; BJP का कोई भी व्यक्ति वहाँ मौजूद नहीं था।
Continue reading on the app