वियतनाम के राष्ट्रपति को पीतल का बोधि वृक्ष और नमोह 108 किया गया भेंट, डिनर में महाराष्ट्र व बिहार के खानपान की दिखी झलक
नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारत के अपने पहले स्टेट विजिट के दौरान राष्ट्रपति भवन में वियतनाम के प्रेसिडेंट टो लैम की मेजबानी की। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। वियतनाम के राष्ट्रपति के लिए आयोजित दावत में बिहार और महाराष्ट्र का स्वाद भी शामिल था। इसके साथ ही इस आधिकारिक दौरे पर उन्हें खास तोहफा भी दिया गया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने वियतनामी नेता के सम्मान में एक दावत दी और कहा कि भारत और वियतनाम के बीच गहरे ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंध हैं जो आपसी रिश्तों को मजबूत करते रहते हैं।
राष्ट्रपति टो लैम का स्वागत करते हुए, मुर्मू ने कहा कि आसियान के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के फ्रेमवर्क में भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विजन में वियतनाम की अहम जगह है।
बिहार की खाने की खास चीजें: सिलाओ खाजा, गया अनरसा, मिथिला मखान, हाजीपुर मालभोग केला।
सिलाओ खाजा - सिलाओ खाजा बिहार के नालंदा जिले के सिलाओ की एक मशहूर पारंपरिक मिठाई है, जिसे इसकी खास पहचान और विरासत के लिए जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला है। अपनी नाजुक, कई लेयर वाली बनावट के लिए जानी जाने वाली यह कुरकुरी और परतदार डिश पुराने तरीकों से मैदा, चीनी और घी का इस्तेमाल करके बनाई जाती है। इसका हल्का टेक्सचर और संतुलित मिठास इसे मुंह में आसानी से घुलने देती है, जिससे एक खास स्वाद मिलता है।
गया अनरसा - गया अनरसा बिहार के गया की एक पारंपरिक डिश है, जो अपने खास स्वाद और कल्चरल महत्व के लिए मशहूर है। यह भीगे हुए चावल के आटे और गुड़ का इस्तेमाल करके तैयार किया जाता है, आटे को ध्यान से फर्मेंट किया जाता है और छोटे-छोटे गोल आकार दिए जाते हैं, फिर इसे हल्का तला जाता है ताकि एक नरम, मुंह में घुलने वाला टेक्सचर मिल सके। अक्सर तिल से कोट किया हुआ, यह नेचुरल मिठास के साथ हल्का नटी स्वाद देता है। गया अनरसा इस क्षेत्र की समृद्ध पाक विरासत और कुशल कारीगरी को दर्शाता है।
मिथिला मखाना - मिथिला मखाना, जिसे फॉक्स नट्स या कमल के बीज भी कहते हैं, बिहार के मिथिला इलाके का एक प्रीमियम प्रोडक्ट है। मिथिला मखाना को इसकी खास शुरुआत और क्वालिटी के लिए जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला है। प्रोटीन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, यह बिहार की खेती की विरासत और वहां के किसानों के कुशल तरीकों को दिखाता है।
हाजीपुर मालभोग केला - हाजीपुर मालभोग केला बिहार के हाजीपुर के उपजाऊ मैदानों में उगाई जाने वाली एक प्रीमियम किस्म है, जो अपने बेहतरीन स्वाद और क्वालिटी के लिए मशहूर है। यह अपनी तेज खुशबू, कुदरती मिठास और मुलायम, क्रीमी टेक्सचर के लिए जाना जाता है। हाजीपुर मालभोग केला बिहार में बागवानी में बेहतरीन होने और अच्छी क्वालिटी की पैदावार के लिए इसके कमिटमेंट का प्रतीक है।
महाराष्ट्र की खाने की खास चीजें: आम और मिलेट बार
आम - रत्नागिरी आम, जिन्हें अल्फांसो या हापुस के नाम से जाना जाता है, महाराष्ट्र के रत्नागिरी इलाके की सबसे अच्छी आम की किस्मों में से एक हैं, जिन्हें जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला हुआ है। तटीय कोंकण इलाके में उगाए जाने वाले ये आम अपनी तेज खुशबू, चमकीले सुनहरे रंग, मुलायम टेक्सचर और जबरदस्त मिठास के लिए जाने जाते हैं।
हेल्दी मिलेट बार - मिलेट महाराष्ट्र की खेती की विरासत का एक अहम हिस्सा हैं, जो सोलापुर, अहमदनगर और मराठवाड़ा जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं। ये मौसम को झेलने वाली फसलें अपने ज्यादा न्यूट्रिशनल कंटेंट के लिए जानी जाती हैं, जिसमें डाइटरी फाइबर, प्रोटीन और जरूरी मिनरल शामिल हैं। मिलेट का इस्तेमाल नए और स्वादिष्ट तरीकों से भी किया जाता है, जैसे ये मिलेट बार, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ-साथ चलते-फिरते मिलने वाले आम भी हैं। इस रूप में, मिलेट पुराने और नए जमाने का मेल दिखाते हैं।
इसके साथ ही उन्हें खास तोहफे में नमोह 108 (कमल), बोधि वृक्ष के साथ पीतल का बुद्ध और रेशमी कपड़ा तोहफे में दिया गया।
नमोह 108 (कमल): नमोह 108, नेशनल बॉटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई), लखनऊ, उत्तर प्रदेश द्वारा विकसित किया गया राष्ट्रीय पुष्प (कमल) की एक यूनिक वैरायटी है। नमोह 108 का बहुत कल्चरल महत्व है क्योंकि यह पुरानी भारतीय विरासत और मॉडर्न बायोटेक्नोलॉजिकल अचीवमेंट के बीच एक लिविंग ब्रिज का काम करता है।
इस कमल की वैरायटी को खास तौर पर ठीक 108 पंखुड़ियों वाला बनाकर एनबीआरआई ने एक ऐसी संख्या को फिजिकली दिखाया है जिसे हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में पवित्र और मैथमेटिकली परफेक्ट माना जाता है। यह संख्या मेडिटेशन माला के मोतियों, सबकॉन्टिनेंट में पवित्र पीठों (जगहों) और वैदिक ट्रेडिशन में अलग-अलग कॉस्मिक कैलकुलेशन से मैच करती है, जिससे यह फूल स्पिरिचुअल होलनेस का प्रतीक बन जाता है। इसका नाम ही, नमोह, संस्कृत शब्द सैल्यूटेशन या ओबेइसेंस से लिया गया है, जो इस बॉटैनिकल सैंपल को ट्रेडिशनल मंत्रों और प्रार्थनाओं की भाषा के साथ और भी अलाइन करता है।
बोधि वृक्ष: इस पीतल की मूर्ति में बुद्ध ध्यान की मुद्रा में बैठे हैं, जो एक जटिल, गोल घेरे के सामने है जो बोधि वृक्ष की फैली हुई, नाजुक पत्तियों जैसा दिखता है। बुद्ध को अभय मुद्रा में दिखाया गया है, उनका दाहिना हाथ निडरता और सुरक्षा के इशारे में उठा हुआ है, जबकि उनका बायां हाथ उनकी गोद में एक छोटा कटोरा पकड़े हुए है, जो पोषण और करुणा का प्रतीक है। मेटल का काम बहुत ज्यादा डिटेल में है, खासकर पेड़ की बारीक, लयबद्ध शाखाओं में, जो बनावट में ऑर्गेनिक ग्रोथ और आध्यात्मिक छतरी का एहसास देती है। कमल की पंखुड़ी जैसे स्टाइलिश बेस पर रखी, पीतल की सुनहरी, रिफ्लेक्टिव सतह इस पीस को गर्मी और चमक का एहसास देती है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के कुशल कारीगरों द्वारा बनाई गई यह मूर्ति, जो अपने पीतल के बर्तनों के लिए मशहूर शहर है, पीढ़ियों की पारंपरिक कारीगरी और बारीकियों पर ध्यान देने को दिखाती है।
रेशमी कपड़ा: यह रेश्मी या सिल्क कपड़ा उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर वाराणसी से आता है, यह इलाका सदियों से अपनी बेहतरीन टेक्सटाइल कला और शाही ब्रोकेड के लिए मशहूर है। इस मटीरियल में एक सुंदर, टोन-ऑन-टोन जैक्वार्ड बुनाई है जो आपस में जुड़े हुए फूलों और बेलों का पैटर्न दिखाती है।
जब इसे पारंपरिक आओ दाई में बनाया जाता है, तो यह बनारसी-प्रेरित सिल्क भारतीय विरासत और वियतनामी शान का एक सुंदर मेल बनाता है। गहरा फ्यूशिया रंग और बारीक बुना हुआ टेक्सचर क्लासिक सिल्हूट के साथ एक शानदार कंट्रास्ट देता है।
--आईएएनएस
केके/पीएम
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‘मेरे बेटे को साजिश के तहत मारा गया’, चंद्रनाथ रथ की मां का बड़ा आरोप, दोषियों के लिए मांगी उम्रकैद
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. इस मामले में अब चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ का बयान सामने आया है. उन्होंने बेटे की हत्या पर गहरा दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. हसीरानी रथ ने कहा कि वह एक मां हैं और दोषियों के लिए फांसी की सजा नहीं चाहतीं. उन्होंने मांग की कि आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी जाए. उनका कहना है कि यह हत्या राजनीतिक कारणों से हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पहले ही धमकी दी थी कि 4 मई के बाद कोई उन्हें नहीं बचा पाएगा और अब वही बात सच साबित हुई है.
VIDEO | BJP leader Suvendu Adhikari's PA Chandranath Rath murder case: Mother of the deceased said,
— Press Trust of India (@PTI_News) May 7, 2026
"I am a mother who lost her son, I want those behind this to be punished. However, I am also a mother. So, I don't want the criminals to be hanged but given life imprisonment. I… pic.twitter.com/RPuro3d2wD
‘हादसे में मौत होती तो कम दुख होता’
हसीरानी रथ ने कहा कि अगर उनके बेटे की मौत किसी हादसे में होती तो शायद उन्हें इतना दुख नहीं होता. लेकिन जिस तरह से उनके बेटे को प्रताड़ित कर मार दिया गया, उससे पूरा परिवार टूट गया है. उन्होंने यह भी कहा कि जब से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनाव में हराया है, तब से उनका परिवार लगातार खतरे में जी रहा है.
#WATCH | Chandipur, Purba Medinipur, West Bengal: Hasirani Rath, mother of BJP leader Suvendu Adhikari's PA Chandra, who was shot dead near Madhyamgram last night, says, "I want the guilty to be punished. I am a mother, I do not want them to be hanged. I want life imprisonment… pic.twitter.com/h1OMxWFbO3
— ANI (@ANI) May 7, 2026
देर रात हुआ था हमला
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात चंद्रनाथ रथ अपनी कार से जा रहे थे. तभी कुछ हमलावर उनकी गाड़ी का पीछा करने लगे. बताया जा रहा है कि एक कार और कई बाइक लगातार उनके पीछे थीं. कुछ दूरी पर हमलावरों ने उनकी कार को रोक लिया और बेहद करीब से कई गोलियां चला दीं. चंद्रनाथ रथ को पांच गोलियां लगीं. गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
#WATCH | Barasat, North 24 Parganas, West Bengal: Visuals of the car of the alleged suspect, seized by police.
— ANI (@ANI) May 7, 2026
BJP leader Suvendu Adhikari's PA Chandranath was shot dead near Madhyamgram last night. pic.twitter.com/OJ1yoHT0iZ
मामले की जांच कर रही है पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि हमलावर सिर्फ चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाकर आए थे. कार में मौजूद अन्य लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया. घटनास्थल से कई खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद हुई हैं. पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है.
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