T20 में गर्दा उड़ाने के बाद दलीप ट्रॉफी की तैयारी में जुटे वैभव सूर्यवंशी, VIDEO में देखें कैसे बदल रहे हैं अपना गेम
Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अगली बार दलीप ट्रॉफी 2026 में खेलते नजर आने वाले हैं. ये घरेलू टूर्नामेंट 23 अगस्त से शुरू होगा, जिसके लिए 15 साल के इस खिलाड़ी ने तैयारी शुरू कर दी है. वैभव अपनी आतिशी बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन अब वह खुद को फर्स्ट क्लास क्रिकेट के लिए तैयार कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने प्रैक्टिस शुरू कर दी है. खुद सूर्यवंशी ने अपने प्रैक्टिस का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें आप देख सकते हैं कि वह कैसे खुद को फर्स्ट क्लास क्रिकेट के लिए तैयार कर रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी ने की डिफेंड की प्रैक्टिस
अपनी आतिशी बल्लेबाजी से टी-20 फॉर्मेट में तूफान मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी अब डिफेंड की प्रैक्टिस कर रहे हैं. दरअसल, वैभव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह गेंद को हिट नहीं बल्कि डिफेंड करने की प्रैक्टिस करते दिख रहे हैं. हालांकि, वैभव को डिफेंड करते देख फैंस ने अतरंगी प्रतिक्रिया दीं. कईयों का ऐसा कहना है कि उन्हें उड़ा-उड़ाकर ही बल्लेबाजी करनी चाहिए, तभी मजा आएगा. तो अन्य यूजर ने लिखा- पहली बार वैभव को डिफेंड करते हुए देख रहा हूं.
ईस्ट जोन टीम के उपकप्तान हैं वैभव सूर्यवंशी
23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी 2026 की शुरुआत होने वाली है. एक बार फिर खिताब के लिए 6 टीमें भिड़ती नजर आने वाली हैं. इसमें नॉर्थ जोन, साउथ जोन और ईस्ट जोन, वेस्ट जोन, सेंट्रल जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन की टीमें शामिल होती हैं. इस बार ईस्ट जोन की टीम की कमान ईशान किशन को सौंपी है, तो वहीं टीम का उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी को बनाया गया है. ऐसे में अब ईस्ट जोन की ओर से वैभव सूर्यवंशी मैदान पर उतरेंगे और विपक्षी टीम के गेंदबाजों की क्लास लगाते नजर आएंगे.
वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी सभी की नजरें
ईस्ट जोन की ओर से ईशान किशन की कप्तानी में वैभव सूर्यवंशी 23 अगस्त से मैदान पर उतरेंगे. दलीप ट्रॉफी के इस मुकाबले पर एक बार फिर सभी की नजरें 15 साल के इस स्टार बल्लेबाज पर टिकी होंगी. याद हो, जब पिछली बार वैभव घरेलू टूर्नामेंट में खेले थे, तो उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सभी को हैरान किया था. बताते चलें, वैभव सूर्यवंशी एशियन गेम्स 2026 की भारतीय टीम का हिस्सा हैं, जिसमें 24 सितंबर से 1 अक्टूबर तक पुरुष टीम के मुकाबले खेले जाएंगे.
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कैसा है वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े
वैभव सूर्यवंशी के फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड कुछ खास अच्छे नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने सिर्फ 8 मैच ही खेले हैं. सूर्यवंशी ने अब तक 8 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिसकी 12 पारियों में उन्होंने 17.25 के औसत और 90 की स्ट्राइक रेट से 207 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 1 अर्धशतक लगाया है. उनके बल्ले से 29 चौके और 6 छक्के निकले हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 2 कैच भी लपके हैं.
दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन की टीम
ईस्ट जोन - अभिमन्यु ईश्वरन, सुदीप घरामी, शाहबाज अहमद, सूरज सिंधु जायसवाल, मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार, ईशान किशन (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), शिखर मोहन, अनुकूल रॉय, विराट सिंह, शुभ्रांशु सेनापति, वैभव सूर्यवंशी (उपकप्तान), डेनिश दास, और अभिजीत सरकार
नॉर्थ जोन - कन्हैया वधावन (कप्तान), आयुष बडोनी (उप-कप्तान), सनत सांगवान, कमरान इकबाल, यश ढुल, आयुष दोसेजा, अब्दुल समद, निशांत सिंधु, अर्जुन शर्मा, आबिद मुश्ताक, अर्शदीप सिंह, सुनील कुमार, अंशुल कंबोज, युद्धवीर सिंह, और निखिल कश्यप।
सेंट्रल जोन - रजत पाटीदार (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), सारांश जैन, अमन मोखड़े, कुणाल चंदेला, जीशान अंसारी, आर्यन पांडे, अरशद खान, आयुष पांडे, यश राठौड़, हर्ष दुबे, कुणाल सिंह राठौड़ (विकेटकीपर), यश ठाकुर और नचिकेत भुटे
वेस्ट जोन - रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), शम्स मुलानी (उप-कप्तान), पृथ्वी शॉ, हार्विक देसाई (विकेटकीपर), शिवालिक शर्मा, मुशीर खान, सरफराज खान, जयमीत पटेल, उर्विल पटेल (विकेटकीपर), सिद्धार्थ देसाई, तनुष कोटियन, शार्दुल ठाकुर, अतीत सेठ, तुषार देशपांडे और मुकेश चौधरी
नॉर्थ ईस्ट जोन - तेची नेरी, रॉबिन लिंबू, बिश्वोरजीत सिंह कोंथौजाम, इमलीवाती लेम्तुर, किशन लिंडोह, जोसेफ लाल थानखुमा, अर्पित सुभाष, प्रियोजीत के, रोनाल्ड मेइतेई, आकाश कुमार चौधरी, वीनो जी झिमोमी, लालरेम्पुइया, जोनाथन रोंगसेन, जोतिन सिंह फिरोइजाम, और आशीष थापा
साउथ जोन - तिलक वर्मा (कप्तान), रिकी भुई (उप-कप्तान), अभिनव तेजराना, एसके रशीद, के हिमातेजा, आर स्मरण, एन जगदीसन, करुण नायर, टी त्यागराजन, श्रेयस गोपाल, के साई तेजा, टी विजय, वी कवरप्पा, और अमन खान
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अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के नाम भारत ने किए दर्ज, चीन की आपत्ति पर विदेश मंत्रालय का दो टूक जवाब
अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत और चीन के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है. भारत की ओर से राज्य के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के आधिकारिक भारतीय नाम दर्ज किए जाने पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है. चीन ने भारत के इस कदम को ‘अवैध’ और ‘अमान्य’ बताया है. इसके जवाब में भारत ने साफ कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न हिस्सा है और किसी भी तरह की नाम बदलने की कवायद इस वास्तविकता को प्रभावित नहीं कर सकती.
भारत ने 27 जगहों के नाम आधिकारिक रिकॉर्ड में किए शामिल
चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों के नाम बदलकर अपने मानचित्रों में दर्ज किए जाने के बीच भारत ने अपने स्तर पर राज्य के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके मानक भारतीय नामों के साथ आधिकारिक मानचित्र में दर्ज किया है.
भारत का यह कदम ऐसे समय आया है, जब चीन पिछले कई वर्षों से अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग स्थानों के लिए चीनी नाम जारी करता रहा है. बीजिंग की ओर से इन नामों के जरिए क्षेत्र पर अपने दावे को मजबूत करने की कोशिश की जाती रही है.
चीन 2017 से बदलता रहा है नाम
चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने वर्ष 2017 से कई मौकों पर अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग स्थानों के नाम जारी किए हैं. अप्रैल 2026 में भी चीन की ओर से ऐसी ही एक नई सूची सामने आई थी.
भारत ने शुरू से ही चीन की इस प्रक्रिया को खारिज किया है. नई दिल्ली का कहना है कि किसी स्थान का नाम बदल देने मात्र से उसकी भौगोलिक या राजनीतिक स्थिति नहीं बदलती.
भारत के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश ऐतिहासिक, प्रशासनिक और संवैधानिक रूप से भारत का हिस्सा है और इस तथ्य पर किसी दूसरे देश की ओर से जारी किए गए नामों का कोई असर नहीं पड़ता.
Bi-Weekly Media Briefing by the Official Spokesperson (August 11, 2026)
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 11, 2026
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चीन ने भारत के कदम को बताया ‘अवैध’
भारत द्वारा 27 स्थानों के नाम दर्ज किए जाने के बाद चीन ने सोमवार, 10 अगस्त को इस पर प्रतिक्रिया दी. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भारत के कदम को अवैध बताते हुए कहा कि चीन तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता.
चीन अरुणाचल प्रदेश को ‘जांगनान’ और तिब्बत को ‘शीजांग’ नाम से संबोधित करता है. बीजिंग का दावा है कि अरुणाचल प्रदेश का बड़ा हिस्सा उसके क्षेत्र में आता है. हालांकि, भारत लंबे समय से चीन के इस दावे को पूरी तरह खारिज करता रहा है.
भारत का दो टूक जवाब, नाम बदलने से हकीकत नहीं बदलेगी
चीनी बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और कोई भी कदम इस निर्विवाद वास्तविकता को बदल नहीं सकता.
भारत पहले भी चीन की ओर से स्थानों के नाम बदलने की कार्रवाई को निरर्थक और बेतुका बता चुका है. नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि ऐसे प्रयासों से जमीनी स्थिति या भारत के प्रशासनिक अधिकार में कोई बदलाव नहीं होता.
भारत-चीन संबंधों पर क्या पड़ सकता है असर?
अरुणाचल प्रदेश को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद हैं. ऐसे में स्थानों के नाम को लेकर होने वाली यह कवायद केवल कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापक सीमा विवाद से भी जुड़ी हुई है.
चीन के सरकारी मीडिया ने भी भारत के इस कदम को लेकर चेतावनी दी है. रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों देशों के संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच इस तरह के कदम सीमा पर तनाव बढ़ा सकते हैं.
हालांकि भारत का कहना है कि अपने क्षेत्र के स्थानों के आधिकारिक नाम दर्ज करना उसका संप्रभु अधिकार है. ऐसे में आने वाले समय में अरुणाचल प्रदेश को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
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