JPSC से CGL तक होगी जांच, सिस्टम में होगा सुधार; छात्र आंदोलन के बीच CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में सरकार का रुख स्पष्ट किया है. सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा समेत कई परीक्षाओं की जांच और भर्ती व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाने की बात कही है.
14वीं JPSC परीक्षा पर सरकार का बड़ा फैसला
छात्रों के लगातार विरोध और बातचीत के कई दौर के बाद सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 14वीं JPSC PT की नियमित और बैकलॉग परीक्षा रद्द करने पर सहमति बनी है. इसके अलावा ACF परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है.
#WATCH | Ranchi: Jharkhand CM Hemant Soren says, "We made every effort to ensure the House functioned, you witnessed currency notes being tossed and displayed in the House. Notes that are the very basis of their (BJP) presence here and the foundation of their politics. You are… pic.twitter.com/RdwH2kkqBc
— ANI (@ANI) August 11, 2026
FRO परीक्षा में भी जांच के बाद गड़बड़ी मिलने पर उसे रद्द करने की बात कही गई है. सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
TDPL से कराई गई परीक्षाओं की भी होगी जांच
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL की भूमिका की जांच भी शामिल रही है. सरकार ने TDPL के माध्यम से कराई गई भर्ती परीक्षाओं की जांच के लिए सहमति जताई है.
सरकार के अनुसार, जांच में यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी साबित होती है तो उसके परिणाम और प्रक्रिया पर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी. इस फैसले को परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
JSSC-CGL को लेकर क्या कहा गया?
JSSC-CGL परीक्षा भी छात्रों के आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है. अभ्यर्थी इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने फिलहाल इसे सीधे रद्द करने के बजाय जांच की बात कही है. सरकार की ओर से कहा गया है कि CGL परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं की दोबारा जांच कराई जाएगी.
जरूरत पड़ने पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का विकल्प भी सामने रखा गया है. हालांकि, छात्रों की मांग अभी इससे आगे जाकर परीक्षा रद्द करने और स्वतंत्र जांच की है.
JPSC-JSSC सिस्टम में सुधार का भरोसा
मुख्यमंत्री ने केवल मौजूदा विवादों को सुलझाने पर ही जोर नहीं दिया, बल्कि भर्ती परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत भी बताई. सरकार की तरफ से JSSC में सुधार के लिए कदम उठाने की बात कही गई है.
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है. वे ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें प्रश्नपत्र, परीक्षा केंद्र, OMR, मूल्यांकन और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और भविष्य में अभ्यर्थियों के बीच किसी तरह का संदेह पैदा न हो.
CBI जांच पर अभी नहीं बनी सहमति
छात्र आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण मांगों में CBI जांच भी शामिल है. हालांकि इस मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच अभी सहमति नहीं बनी है. सरकार ने CID जांच जारी रखने का रुख अपनाया है. साथ ही, यदि जांच के दौरान वित्तीय अनियमितता या घोटाले से जुड़ी कोई बात सामने आती है तो संबंधित केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की संभावना जताई गई है. यही मुद्दा दोनों पक्षों के बीच गतिरोध की बड़ी वजह बना हुआ है.
छात्र आंदोलन और सरकार के बीच क्यों बढ़ा तनाव?
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी है. बातचीत के कई दौर के बावजूद कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद छात्रों ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतरे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव और बल प्रयोग की घटनाओं ने विवाद को और बढ़ा दिया.
सरकार की ओर से लगातार छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करने और आंदोलन को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखने की अपील की जा रही है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
जांच प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
सरकार के फैसलों के बाद अब निगाहें जांच की प्रक्रिया और उसके परिणाम पर हैं. 14वीं JPSC परीक्षा रद्द होने, अन्य परीक्षाओं की जांच और JSSC व्यवस्था में सुधार के फैसले से छात्रों की कई मांगों पर सरकार ने कदम आगे बढ़ाया है. लेकिन CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच जैसी मांगों पर अभी मतभेद कायम हैं.
ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत ही इस पूरे विवाद का रास्ता निकालने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है.
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ILT20 में खेलते दिखेंगे डेविड मिलर और हेनरिक क्लासेन, तीन साल के बाद स्टोइनिस की भी वापसी
इंटरनेशनल लीग टी20 (ILT20) के पांचवें सीजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं. इस बार लीग में डेविड मिलर, हेनरिक क्लासेन और मार्कस स्टोइनिस जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खेलते दिखेंगे. टूर्नामेंट 22 नवंबर से 20 दिसंबर तक खेला जाएगा.
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