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IND vs SL : टीम इंडिया को खलेगी इन 2 खिलाड़ियों की कमी, खुद श्रीलंकाई दिग्गज ने बताया प्लेइंग-11 में किसे देना चाहिए मौका?

IND vs SL : भारतीय क्रिकेट टीम 15 अगस्त से श्रीलंका में 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने वाली है. इस सीरीज में भारत की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में होने वाली है. भारत के लिए इस सीरीज में रविंद्र जडेजा स्पिन डिपार्टमेंट को लीड करते हुए नजर आएंगे. उनके अलावा स्पिन लाइन-अप में कुलदीप यादव, मानव सुथार और सारांश जैन मौजद हैं. इन सभी के होने के बाद टीम इंडिया को रविचंद्रन अश्विन की कमी खलने वाली है. ऐसा श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज फरवीज महारूफ ने कहा है. 

श्रीलंका के खिलाफ 15-19 अगस्त तक होने वाले पहले टेस्ट मैच से पहले फरवीज महारूफ ने ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की आद दिलाई है. उन्होंने कहा कि, भारत को अश्विन की कमी इस दौरे पर खेलने वाली है. हालांकि उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार की स्पिन तिकड़ी भारत के लिए इस सीरीज में अहम हो सकती है. उन्होंने और क्या कहा है, आइए इस बारे में जानते हैं.

टीम इंडिया को खलेगी अश्विन की कमी - महारूफ

फरवीज महारूफ ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बात करते हुए आईएएनएस से ​​कहा, 'अश्विन की कमी बहुत खलेगी. साथ ही विराट, रोहित और जसप्रीत की कमी भी खलेगी. मुझे लगता है कि ये लोग गेम के लेजेंड हैं. रिकॉर्ड खुद बोलते हैं. अश्विन ने जब भी श्रीलंका का टूर किया, उन्होंने अच्छा किया. ऐसा इसलिए है क्योंकि श्रीलंका में, आप सभी टर्न के बारे में बात करते हैं. अगर आप सच में गहराई से देखें, तो यह बाउंस ही है जो स्पिनर्स के लिए विकेट लेता है. इस टीम में रवि अश्विन, इन कंडीशंस में गेंदबाजी के लिए आदर्श होते. साथ ही टीम इंडिया को वॉशिंगटन सुंदर की कमी भी बहुत खलेगी'.

जडेजा और सुथार पर उठाए सवाल - महारूफ

उन्होंने आगे कहा कि, 'अश्विन की जगह भरना मुश्किल है. नंबर खुद ही सब कुछ बताते हैं. सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि नंबर छह पर उनकी बल्लेबाजी भी काफी अहम होती थी. भारतीय टीम के बाकी स्पिनर्स की बात करें तो, मुझे सच में पसंद आया कि मानव सुथार ने कुछ महीने पहले अफगानिस्तान के खिलाफ अपना डेब्यू कैसे किया और वार्म-अप गेम में भी उन्होंने कैसी गेंदबाजी की. उनकी पेस और बाउंस, मुझे सच में पसंद हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इंडिया रवि जडेजा और मानव सुथार को एक ही टीम में खिलाएगा? आइडियली दो लेफ्ट-हैंड स्पिनर्स और सारांश जैन ने अभी तक अपना डेब्यू नहीं किया है, लेकिन वे अच्छे बॉलर लगते हैं. श्रीलंका जैसी क्वालिटी और अनुभवी बैटिंग लाइन-अप के खिलाफ डेब्यू पर उनसे बहुत उम्मीदें होंगी. अगर आप मुझसे पूछें, तो मैं कुलदीप यादव के साथ-साथ दो लेफ्ट-हैंड स्पिनर्स के साथ जाऊंगा'.

फरवीज महारूफ ने अंत में कहा कि, 'मुझे लगता है कि कुलदीप यादव गॉल में शुरुआत करने के लिए सबसे आगे हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ पिछले टेस्ट मैच में, उन्होंने बहुत सारे विकेट लिए. इसलिए, मैं जड्डू, कुलदीप यादव, तीसरे स्पिनर के साथ भारत के तीन स्पिनरों को देखता हूं, मानव सुथार या सारांश जैन. आदर्श रूप से आप एक ऑफ-स्पिनर को देखना पसंद करते हैं. लेकिन मुझे हैरानी नहीं होगी अगर मानव सुथार भी उतना ही अच्छा खेलते हैं, क्योंकि मुझे लगता है कि सतह से बाउंस लेने की उनकी क्षमता गॉल में काम आ सकती है'. 

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JPSC से CGL तक होगी जांच, सिस्टम में होगा सुधार; छात्र आंदोलन के बीच CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान

झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में सरकार का रुख स्पष्ट किया है. सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा समेत कई परीक्षाओं की जांच और भर्ती व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाने की बात कही है.

14वीं JPSC परीक्षा पर सरकार का बड़ा फैसला

छात्रों के लगातार विरोध और बातचीत के कई दौर के बाद सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 14वीं JPSC PT की नियमित और बैकलॉग परीक्षा रद्द करने पर सहमति बनी है. इसके अलावा ACF परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है. 

FRO परीक्षा में भी जांच के बाद गड़बड़ी मिलने पर उसे रद्द करने की बात कही गई है. सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

TDPL से कराई गई परीक्षाओं की भी होगी जांच

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL की भूमिका की जांच भी शामिल रही है. सरकार ने TDPL के माध्यम से कराई गई भर्ती परीक्षाओं की जांच के लिए सहमति जताई है.

सरकार के अनुसार, जांच में यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी साबित होती है तो उसके परिणाम और प्रक्रिया पर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी. इस फैसले को परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

JSSC-CGL को लेकर क्या कहा गया?

JSSC-CGL परीक्षा भी छात्रों के आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है. अभ्यर्थी इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने फिलहाल इसे सीधे रद्द करने के बजाय जांच की बात कही है. सरकार की ओर से कहा गया है कि CGL परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं की दोबारा जांच कराई जाएगी. 

जरूरत पड़ने पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का विकल्प भी सामने रखा गया है. हालांकि, छात्रों की मांग अभी इससे आगे जाकर परीक्षा रद्द करने और स्वतंत्र जांच की है.

JPSC-JSSC सिस्टम में सुधार का भरोसा

मुख्यमंत्री ने केवल मौजूदा विवादों को सुलझाने पर ही जोर नहीं दिया, बल्कि भर्ती परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत भी बताई. सरकार की तरफ से JSSC में सुधार के लिए कदम उठाने की बात कही गई है.

छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है. वे ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें प्रश्नपत्र, परीक्षा केंद्र, OMR, मूल्यांकन और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और भविष्य में अभ्यर्थियों के बीच किसी तरह का संदेह पैदा न हो.

CBI जांच पर अभी नहीं बनी सहमति

छात्र आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण मांगों में CBI जांच भी शामिल है. हालांकि इस मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच अभी सहमति नहीं बनी है. सरकार ने CID जांच जारी रखने का रुख अपनाया है. साथ ही, यदि जांच के दौरान वित्तीय अनियमितता या घोटाले से जुड़ी कोई बात सामने आती है तो संबंधित केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की संभावना जताई गई है. यही मुद्दा दोनों पक्षों के बीच गतिरोध की बड़ी वजह बना हुआ है.

छात्र आंदोलन और सरकार के बीच क्यों बढ़ा तनाव?

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी है. बातचीत के कई दौर के बावजूद कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद छात्रों ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतरे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव और बल प्रयोग की घटनाओं ने विवाद को और बढ़ा दिया.

सरकार की ओर से लगातार छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करने और आंदोलन को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखने की अपील की जा रही है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.

जांच प्रक्रिया पर टिकी निगाहें

सरकार के फैसलों के बाद अब निगाहें जांच की प्रक्रिया और उसके परिणाम पर हैं. 14वीं JPSC परीक्षा रद्द होने, अन्य परीक्षाओं की जांच और JSSC व्यवस्था में सुधार के फैसले से छात्रों की कई मांगों पर सरकार ने कदम आगे बढ़ाया है. लेकिन CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच जैसी मांगों पर अभी मतभेद कायम हैं.

ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत ही इस पूरे विवाद का रास्ता निकालने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है.

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  Sports

BCCI की पहल, Afghanistan क्रिकेट को मिला सहारा, Delhi में भारत के खिलाफ होंगे T20I मैच

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज़ की पुष्टि कर दी है। यह सीरीज़ 13 सितंबर को शुरू होगी और दूसरा व तीसरा मैच क्रमशः 15 और 17 सितंबर को खेला जाएगा। दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम इस सीरीज़ के तीनों मैचों की मेज़बानी करेगा। BCCI के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने इस बात की पुष्टि करते हुए अफ़गानिस्तान का समर्थन किया है, जो इस सीरीज़ में मेज़बान टीम के तौर पर खेलेगा। उन्होंने BCCI और अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच संबंधों पर बात की और कहा कि आने वाली सीरीज़ इन रिश्तों को और मज़बूत करेगी।
 

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मन्हास ने कहा कि BCCI अफ़गानिस्तान में क्रिकेट के विकास में मदद करने और वहाँ के खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेलने के मौके देने के लिए प्रतिबद्ध है। द्विपक्षीय क्रिकेट इसका एक अहम हिस्सा है, क्योंकि इससे टीमों को मज़बूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ़ नियमित रूप से खेलने और कीमती अनुभव हासिल करने का मौका मिलता है। हम इस सीरीज़ के लिए अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का भारत में स्वागत करते हैं और इसे सफल बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं। हमारा मानना ​​है कि साथ मिलकर और भी बहुत कुछ किया जा सकता है और हम दोनों क्रिकेट खेलने वाले देशों के बीच संबंधों को मज़बूत करते हुए अफ़गानिस्तान क्रिकेट का समर्थन करना जारी रखेंगे।

IPL के बाद कप्तानी संभालने के बाद से, श्रेयस अय्यर अपनी काबिलियत के मुताबिक प्रदर्शन करने में संघर्ष करते दिखे हैं। उनकी कप्तानी में भारत को आयरलैंड के हाथों 2-0 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा, और इसके बाद इंग्लैंड से भी सीरीज़ हारनी पड़ी। आखिरकार, ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ मुंबई में जन्मे इस खिलाड़ी ने भारत के T20I कप्तान के तौर पर अपनी पहली सीरीज़ जीती। हालांकि, अफ़गानिस्तान एक बहुत बड़ी चुनौती है, खासकर उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में। अगर पिच से गेंदबाज़ों को थोड़ी भी मदद मिलती है, तो उनका स्पिन अटैक भारतीय टीम के लिए खतरा बन सकता है।
 

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BCCI की औपचारिक पुष्टि के बाद, भारत के प्रस्तावित बांग्लादेश दौरे की संभावना बहुत कम हो गई है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने छह मैचों की व्हाइट-बॉल सीरीज़ के लिए 1 से 13 सितंबर का समय तय किया था, लेकिन ये तारीखें अफ़गानिस्तान सीरीज़ से टकरा रही हैं; इस दौरान कम से कम एक T20I मैच भी खेला जाना है। BCB के प्रस्तावित शेड्यूल में तीन हफ़्ते से भी कम समय बचा है, इसलिए अब बांग्लादेश दौरे की संभावना बहुत कम लग रही है, जब तक कि संबंधित सरकारों की ओर से कोई अप्रत्याशित दखल न हो।
 
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Wed, 12 Aug 2026 12:26:57 +0530

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