पिछले दो दिनों में 87.28 लाख से ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की हुई डिलीवरी, सप्लाई पूरी तरह सामान्य: सरकार
नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि पिछले दो दिनों में देश भर में 87.28 लाख से ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई है, जबकि इस दौरान करीब 88.82 लाख सिलेंडर की बुकिंग हुई। इन डिलीवरी में से लगभग 95 प्रतिशत डिलीवरी उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ऑथेंटिकेशन कोड के आधार पर की गई, ताकि वितरण स्तर पर गड़बड़ी रोकी जा सके।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि मध्य पूर्व संकट के बावजूद देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। खाना पकाने वाली गैस की ऑनलाइन बुकिंग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है, और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस की कमी की खबर नहीं है।
पिछले दो दिनों में लगभग 1.2 लाख छोटे 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर भी बेचे गए हैं। 3 अप्रैल से अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने शहरी क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों के लिए छोटे सिलेंडरों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 10,400 से ज्यादा जागरूकता शिविर लगाए हैं।
इसके अलावा, पिछले दो दिनों में 15,900 मीट्रिक टन से ज्यादा (करीब 8.37 लाख 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के बराबर) कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति, राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी की बिक्री की योजना तय करती है।
बयान में आगे कहा गया है कि देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन भी तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक करीब 6.31 लाख कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और 2.67 लाख नए कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जिससे कुल संख्या 8.98 लाख तक पहुंच गई है। इसके अलावा, करीब 6.93 लाख नए ग्राहकों ने कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देश भर में कार्रवाई जारी है। मंगलवार को 2,100 से ज्यादा छापेमारी की गई।
मंत्रालय ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने 366 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया है और 75 डिस्ट्रीब्यूटरों को निलंबित किया गया है।
वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि देश भर में सभी पेट्रोल पंपों पर इन ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
मंत्रालय ने आगे बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बावजूद देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सप्लाई लगातार बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। एलपीजी उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग करने और डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही, घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अगर ईरान ने प्रस्ताव किया मंजूर तो संघर्ष होगा खत्म : ट्रंप
वाशिंगटन, 6 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान उनके प्रस्ताव को मान लेता है तो संघर्ष विराम मुमकिन है। इसके साथ ही चेतावनी भरे अंदाज में ये भी कहा कि अगर नहीं माना तो बड़े आक्रमण के लिए तैयार रहे।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा कि अगर ईरान पहले से तय शर्तों को मान लेता है, तो एपिक फ्यूरी खत्म हो जाएगा। इसके बाद लागू “ब्लॉकेड (नौसैनिक नाकेबंदी) के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी देशों के लिए खुला रखा जाएगा, जिसमें ईरान भी शामिल होगा।
इसके साथ ही चेतावनी दी कि अगर ईरान सहमत नहीं होता, तो बमबारी शुरू हो सकती है, और वह पहले से कहीं ज्यादा तीव्र होगी।
ट्रंप की ये नई पोस्ट प्रोजेक्ट फ्रीडम पर लगी रोक के बाद सामने आई है। अमेरिका ने इस अभियान का मकसद होर्मुज में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित अपनी निगरानी में बाहर निकालना बताया था। होर्मुज ईरान-अमेरिका के तनाव का अहम कारण है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दावा किया था कि मानवता की रक्षा के लिए अमेरिका ये अहम कदम उठा रहा है।
ये बयान विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस बयान के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने प्रेस के सामने दावा किया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म हो गया है क्योंकि अमेरिका ने इस ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के उद्देश्यों को हासिल कर लिया है। साथ में कहा कि अमेरिका ऐसे हालात दोबारा नहीं चाहता और शांति का रास्ता अपनाना चाहता है।
एपिक फ्यूरी ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य हमले को नाम दिया गया था। इजरायल के साथ मिलकर अमेरिका ने तेहरान पर बमबारी की थी। 28 फरवरी 2026 से ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा एक प्रमुख सैन्य अभियान था। दोनों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रमों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसके बाद अब इसे सफल बताते हुए रोक दिया गया।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
















