'मैंने गुस्से में वो चार्ट फाड़ दिया...' हरभजन सिंह ने सालों बाद मानी अपनी गलती, बताए उन्हें NCA से क्यों निकाला गया?
Harbhajan Singh : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के एक बड़े बयान ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है. हरभन ने उन पूराने दिनों की बात की है, जब उनको नेशनल क्रिकेट एकादमी से निकाल दिया गया था. आज उन्होंने सालों बाद अपनी गलती मानी है. हभजन सिंह ने उन पुराने दिनों को याद करते हुए बताया है कि, उस समय उन्हें गुस्सा आ गया था, जिसके चलते उन्होंने ऐसा फैसला लिया था. उन्होंने अपने बयान में बहुत कुछ ऐसा कहा है, जो आपको भी हैरान कर सकता है.
इस बयान से पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने ये भी साफ कर दिया है, जब वो इंडियन क्रिकेट टीम के लिए क्रिकेट खेला करते थे. उन दिनों खिलाड़ियों को किस तरह की परेशानियां उठानी पड़ती थी. खिलाड़ियों को नेशनल क्रिकेट एकदामी जो आज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के नाम से जानी जाती है, जहां पर भारतीय क्रिकेटर्स को अपनी चोट से ठीक होने और रिहैब पूरा करने के लिए रखा जाता है. अब हरभजन ने अपने बयान में क्या कहा है, आइए जानते हैं.
❤️PUNJAB❤️ pic.twitter.com/Md4kpcQ6xZ
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) August 25, 2025
हरभजन सिंह ने अपनी गलती मान बोली बड़ी बात
हरभजन सिंह ने कहा कि, 'मुझे एनसीए से निकाल दिया गया था और यह मेरी गलती नहीं थी. मैं यह बात अब भी खुलेआम कहता हूं, वहां और पहले के दिनों में खाना अच्छा नहीं था. नियम ऐसे थे कि क्रिकेटरों को बहुत कुछ सिखाया जाता था. डाइट के लिए एक चार्ट लगाया गया था, लेकिन हमें वह नहीं मिल रहा था जो चार्ट में लिखा था. बार-बार शिकायत करने के बाद भी खाने की क्वालिटी में सुधार नहीं हुआ, इसलिए एक दिन मैंने वह चार्ट फाड़ दिया और बस यही मेरी एकमात्र गलती थी.
Harbhajan singh said : “I was removed from NCA, and it wasn’t my mistake. I say this openly even now. The food wasn’t good there and back in the day. The rules were such that the cricketers were taught a lot. A chart was put up for the diet, but we weren’t getting what was… pic.twitter.com/ArfRHC2pr9
— Vipin Tiwari (@Vipintiwari952) August 11, 2026
हरभजन सिंह ने आगे कहा, 'शायद जब तक कोई इस तरह का कदम नहीं उठाता, तब तक चीजें नहीं बदलतीं. मैं अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा था. अगर मैं उस समय खड़ा होकर अपनी बात नहीं रखता, तो आज भी वही डाइट प्लान जारी रहता. प्लान बदला, मुझे भी हटा दिया गया, यह अलग बात है, लेकिन इसमें मेरी कोई गलती नहीं थी. बीसीसीआई में कुछ लोग ऐसे थे, जो नहीं चाहते थे कि कोई उनके सामने खड़ा होकर सवाल करे'.
हरभनज सिंह का अंतरराष्ट्रीय करियर
आपको बता दें कि, भारत के लिए पंजाब के रहने वाले हरभजन सिंह ने अपना डेब्यू 1998 में किया था. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने भारत के लिए 2016 तक क्रिकेट खेला था. वो भारत के लिए 367 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं. उन्होंने भारत के लिए 177 विकेट हासिल किए हैं. इसके साथ ही बल्ले से हरभजन ने 3569 रन बनाए हैं. इसके साथ ही उन्होंने इंडियन क्रिकेट टीम के लिए कई अहम मुकाबलों में मजबूती के साथ रोल निभाया है. वो भारत की 2007 टी20 वर्ल्ड कप और वनडे वर्ल्ड कप 2011 के चैंपियन सदस्य हैं.
| फॉर्मेट | मैच | पारी | विकेट | सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | इकॉनमी | औसत | 4 विकेट | 5 विकेट |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 103 | 190 | 417 | 8/84 | 2.84 | 32.5 | 16 | 25 |
| वनडे | 236 | 227 | 269 | 5/31 | 4.31 | 33.4 | 22 | 3 |
| टी20 इंटरनेशनल | 28 | 27 | 25 | 4/12 | 6.21 | 25.3 | 1 | 0 |
चंद्र मिशन के लिए भारत-अमेरिका की ऐतिहासिक साझेदारी, ISRO को नासा से मिला मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता
NASA-ISRO: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन' (NASA) ने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो को मून मिशन में शामिल होने का बड़ा ऑफर दिया है. नासा की ओर से ISRO को आर्टेमिस मिशन के तहत मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता मिला है. इस बात की जानकारी मंगलवार को अमेरिकी दूतावास ने दी. दूतावास ने बताया कि नासा ने आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) के तहत भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने के लिए इसको को अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने का ऑफर दिया है.
अंतरिक्ष में क्या है अमेरिका की तैयारी?
दोनों पक्ष उन समझौतों के तहत ओपन साइंटिफिक डेटा शेयरिंग में सहयोग पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए भी सहमत हुए हैं, जिनका मकसद बाहरी अंतरिक्ष के नागरिक अन्वेषण और उसके इस्तेमाल के गवर्नेंस को बेहतर बनाना है. बता दें कि नासा अंतरिक्ष में अमेरिका की लीडरशिप को मजबूत करने, वैज्ञानिक खोजों को बढ़ावा देने, इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ इनोवेशन को आगे बढ़ाने और मंगल ग्रह के मिशन के लिए इंसानों को तैयार करने के मकसद से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक मून बेस बना रहा है.
भारत ने जून 2023 में किए थे आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर
बता दें कि 21 जून, 2023 को भारत आर्टेमिस समझौते का 27वां हस्ताक्षरकर्ता देश बना था. जिसका मकसद देशों के बीच अंतरिक्ष अन्वेषण सहयोग को दिशा देना है. जारी बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका ने नागरिक और कमर्शियल अंतरिक्ष सहयोग पर अपनी बातचीत को आगे बढ़ाया और भविष्य में विज्ञान और मानव अंतरिक्ष उड़ान टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर भी ध्यान केंद्रित किया. बयान के मुताबिक, ये बातचीत भारत-अमेरिका सिविल स्पेस जॉइंट वर्किंग ग्रुप (CSJWG) की 9वीं बैठक के दौरान हुई, जिसकी मेजबानी भारत ने 5 और 6 अगस्त को बेंगलुरु में ISRO मुख्यालय में की थी.
US Ambassador to India Sergio Gor tweets, "NASA has invited ISRO to join its Moon Base program, deepening the US-India deep space partnership! The news came as the Department of State and NASA co-chaired the 9th Civil Space Joint Working Group in Bengaluru, advancing the US-India… https://t.co/HlRVP6YwuJ pic.twitter.com/8mncKFKZ6r
— ANI (@ANI) August 11, 2026
क्या बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर?
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "NASA ने ISRO को अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जिससे अमेरिका-भारत की डीप स्पेस पार्टनरशिप और मजबूत होगी! यह खबर तब आई जब डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट और NASA ने बेंगलुरु में 9वें सिविल स्पेस जॉइंट वर्किंग ग्रुप की सह-अध्यक्षता की, जिससे अमेरिका-भारत TRUST पहल को आगे बढ़ाया गया."
जानें क्या है अमेरिका का आर्टेमिस मिशन?
बता दें कि आर्टेमिस मिशन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का एक महत्वकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य इंसानों को 50 साल बाद फिर से इंसानों को चंद्रमा पर भेजना है. इसके साथ ही चंद्रमा की सतह पर स्थाई बस्ती बसाना और भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन की तैयारी करना है. आर्टेमिस I का पहला चरण नवंबर 2022 में लॉन्च किया गया था, जो एक मानव-रहित परीक्षण उड़ान थी. इसमें ओरियन अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के पास से सफलतापूर्वक उड़ान भरी थी.
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