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Pressure Cooker Tips: कुकर में खाना बनाते समय अपनाएं ये 8 आसान ट्रिक्स, खाना बनेगा झटपट और स्वादिष्ट 

Pressure Cooker Tips: रसोई में प्रेशर कुकर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में से एक है। दाल, चावल, सब्जी और पुलाव जैसी कई डिश मिनटों में तैयार हो जाती हैं। कई बार कुकर में खाना बनाते समय दाल का पानी बाहर निकलना, चावल का चिपक जाना या सब्जियों का रंग फीका पड़ना जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।

अगर आप भी ऐसी परेशानियों का सामना करते हैं, तो कुछ आसान किचन टिप्स आपके काम आ सकती हैं। ये छोटे-छोटे उपाय खाना बनाने का अनुभव बेहतर बना सकते हैं और आपकी कुकिंग को और आसान बना सकते हैं।

1. दाल का पानी बाहर आने से रोकें
दाल बनाते समय कुकर के अंदरूनी किनारे पर थोड़ा-सा घी लगाने की घरेलू ट्रिक अपनाई जा सकती है। इससे झाग कम बनने और पानी के बाहर निकलने की संभावना कम हो सकती है।

2. नींबू से चमकाएं कुकर
अगर कुकर के अंदर जले या काले निशान दिखाई दें, तो उसमें पानी और नींबू के टुकड़े डालकर कुछ देर गर्म करें। इससे सफाई करना आसान हो सकता है।

चावल को बनाएं खिला-खिला

3. चावल को बनाएं खिला-खिला
चावल पकाते समय सही मात्रा में पानी का इस्तेमाल करें। साथ ही थोड़ा-सा नींबू का रस डालने से चावल के दाने अलग-अलग रहने में मदद मिल सकती है।

4. गैसकेट का रखें ध्यान
कुकर की रबर गैसकेट को इस्तेमाल के बाद साफ और सूखी जगह पर रखें। समय-समय पर उसकी स्थिति जांचते रहें, ताकि कुकर सुरक्षित और सही तरीके से काम करता रहे।

5. पुरानी गंध दूर करें
अगर कुकर में किसी मसाले या खाने की महक रह गई है, तो उसमें पानी और नींबू डालकर कुछ देर गर्म करें। इससे बदबू कम करने में मदद मिल सकती है।

6. सब्जियों का रंग बनाए रखें
हरी सब्जियों को जरूरत से ज्यादा न पकाएं। ओवरकुकिंग से उनका रंग और टेक्सचर बदल सकता है।

कुकर को उसकी क्षमता से अधिक न भरें 

7. ग्रेवी का स्वाद बढ़ाएं
कुकर में ग्रेवी वाली सब्जी बनाते समय मसालों को पहले अच्छी तरह भून लें। इससे खाने का स्वाद और खुशबू बेहतर हो सकती है।

8. जले हुए निशान साफ करें
अगर कुकर के तले में जले हुए निशान रह जाएं, तो पानी में प्याज के कुछ टुकड़े डालकर गर्म करें। इसके बाद सामान्य तरीके से सफाई करें और कुकर को खुरचने से बचें।

जरूरी सावधानियां

  • कुकर का इस्तेमाल करने से पहले उसकी गैसकेट जांच करें।
  • वेंट पाइप और सीटी की जांच जरूर करें।
  • कुकर को उसकी क्षमता से अधिक न भरें।
  • बताए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

(Disclaimer): यह लेख सामान्य किचन टिप्स और घरेलू उपायों पर आधारित है। इनके परिणाम कुकर, सामग्री और उपयोग के तरीके के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

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Vande Mataram Bill बना कानून, राष्ट्रपति Murmu ने दी मंजूरी; राष्ट्रगान जैसा ही अब होगा सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को 'वंदे मातरम बिल' को मंज़ूरी दे दी, जिससे राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण मिल गया है। संसद ने पिछले महीने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पास किया, जिसमें 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' में संशोधन किया गया। इस कानून का मकसद 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' जैसी ही कानूनी सुरक्षा देना है।
 

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राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब कानून बन गया है। अब ऐसे अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा हो सकती है। इससे पहले, 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' के तहत राष्ट्रीय गान ('जन गण मन') को गाने से जानबूझकर रोकना या इसे गाते समय किसी सभा में बाधा डालना मना था। इन अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा का प्रावधान था, जबकि दूसरी बार और उसके बाद हर बार दोषी पाए जाने पर कम से कम एक साल की जेल की सज़ा होती थी। पुराने कानून में राष्ट्रीय गीत के लिए वैसी सुरक्षा नहीं थी।

बिल में कहा गया है कि अभी 'वंदे मातरम' के गायन के अपमान को रोकने के लिए कोई खास कानूनी प्रावधान नहीं है, जबकि इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्राप्त है। इसलिए, किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत गाने से जानबूझकर रोकने या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में बाधा डालने से रोकने के लिए, उक्त अधिनियम की धारा 3 में संशोधन करके राष्ट्रीय गीत को भी इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव है, ताकि ऐसे कार्यों को दंडनीय बनाया जा सके।
 

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बिल में आगे कहा गया है कि संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी, 1950 को कहा था कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित गीत 'वंदे मातरम' - जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी - को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान ही सम्मान दिया जाएगा और उसे उसके बराबर का दर्जा प्राप्त होगा।
 
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  Sports

मैदान पर छक्कों की बौछार, बाहर स्पॉन्सर्स की कतार... जानिए कैसे 15 की उम्र में वैभव सूर्यवंशी बने ब्रांड्स के फेवरेट 'पोस्टर बॉय'

Vaibhav Sooryavanshi 5 brands: भारतीय क्रिकेट में हर दशक में कोई न कोई ऐसा अनोखा खिलाड़ी आता है, जिसकी तुलना सीधे सचिन तेंदुलकर के शुरुआती दिनों से होने लगती है. वैभव सूर्यवंशी की यात्रा भी कुछ ऐसी ही सनसनीखेज रही है. इतनी कम उम्र में इंटरनेशनल दबाव का सामना करना और फिर अपने बल्ले की धमक से प्रतिद्वंद्वियों को पस्त करना उनकी मानसिक मजबूती का सबूत है. क्रिकेट मैदान पर उनके इस उल्कापिंड जैसी तेज़ी से हुए उभार ने सिर्फ खेल प्रेमियों का ध्यान ही नहीं खींचा, बल्कि कॉर्पोरेट जगत और दुनिया के बड़े ब्रांड्स को भी अपनी ओर आकर्षित किया है. आज वैभव मैदान के अंदर अपनी धमाकेदार पारियों और मैदान के बाहर अपनी बढ़ती ब्रांड वैल्यू के चलते चर्चा के केंद्र में हैं. Fri, 14 Aug 2026 05:01:03 +0530

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