भारत में 800 सालों बाद वो हुआ है जो दुनिया हिलाने के लिए काफी है। पूरी दुनिया के मुस्लिम, ईसाई और वामपंथी अब सालों तक इस बात पर अध्ययन करेंगे कि 800 सालों बाद भारत में यह ऐतिहासिक चीज कैसे हो गई। बंगाल में करीब 800 सालों बाद सनातन धर्म को मानने वाली सरकार आई है। आपको याद दिला दें कि 1204 ईसवी में बख्तियार खिलजी ने बंगाल पर हमला किया था। तब बंगाल के राजा लक्ष्मण सेन थे। बख्तियार खिलजी ने लक्ष्मण सेन को हराकर बंगाल पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 1204 से 1576 तक बंगाल पर तुर्क और अफगानों का क्रूर कब्जा रहा। इसके बाद 1576 से लेकर 1757 तक डकैत और लुटेरे मुगलों ने बंगाल समेत पूरे भारत को लूटा। भारत पर अत्याचार किए। भारत पर यह इस्लामिक कब्जा था।
1757 से 1947 तक बंगाल समेत पूरे भारत पर अंग्रेज आकर बैठ गए। अंग्रेजों ने बंगाल में भयंकर अत्याचार किए। इस दौरान यहां पर ईसाई राज रहा। इसके बाद बंगाल वामपंथी सरकारों के शिकंजे में आ गया। अब 800 साल बाद 2026 में सनातन धर्म को मानने वाले बंगाल की सत्ता में आकर बैठे हैं। आरएसएस का मानना है कि बंगाल सिर्फ एक राजनैतिक लड़ाई नहीं बल्कि एक सिविलाइजेशनल बैटल रहा है।
आपको बता दें कि अगर ऐसा नहीं होता तो बंगाल तेजी से बांग्लादेश बनने की तरफ बढ़ रहा था। लेकिन बंगाल बाल-बाल बच गया। यह सत्य ममता बनर्जी के तीन सबसे मशहूर नारों से साबित होता है। ममता बनर्जी ने पिछले 15 सालों में जमकर तीन नारों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया। पहला था मां माटी मानुष, दूसरा था जय बांग्ला और तीसरा था खेला होबे। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि ममता बनर्जी ने ये तीनों नारे बांग्लादेश से चुराए थे। जय बांग्ला 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान शेख मुजीबुर रहमान और मुक्ति वाहिनी का युद्ध नाद था। 1991 में बांग्लादेश चुनाव में बेगम खालिदा जिया की बीएनपी पार्टी ने मां माटी मानुष का नारा लगाया था जिसे ममता बनर्जी ने कॉपी कर लिया। तीसरा नारा खेला होबे 2013 का है। जिसे बांग्लादेश की आवामी लीग के नेता शमीम उस्मान ने दिया था। ममता बनर्जी ने 2021 में बंगाल चुनावों के दौरान इस नारे को भी चुरा लिया।
Continue reading on the app
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने इस बार सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हलचल मचा दी। हर तरफ एक ही चर्चा है बीजेपी की ऐतिहासिक जीत। क्योंकि बीजेपी ने ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्जा किया है और इस जीत को बड़े राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इस चुनाव पर अमेरिका से लेकर बांग्लादेश तक की नजरें बनी हुई थी और जैसे ही नतीजे आए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी ऐतिहासिक चुनाव जीत पर बधाई दी। वाइट हाउस के प्रवक्ता ने इस बात की जानकारी दी। वाइट हाउस के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि हाल ही में फोन पर बात करते हुए ट्रंप ने मोदी से कहा था कि भारत खुशकिस्मत है कि उन्हें ऐसा नेता मिला।
आपको बता दें पिछले महीने फोन कॉल के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपनी प्रशंसा जताई थी और कहा था कि भारत उनके जैसा नेता पाकर भाग्यशाली। ट्रंप का यह बयान अपने आप में बताता है कि आखिर क्यों पश्चिम बंगाल का यह चुनाव इतना ज्यादा चर्चा में था। वहीं पश्चिम बंगाल में बीजेपी की इस जीत को एक बड़ी राजनीतिक दीवार टूटने जैसा माना जा रहा है। लंबे समय तक ममता बनर्जी और उनकी पार्टी का दबदबा रहा। लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का फैसला किया। खुद पीएम मोदी ने दिल्ली में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल के भाग्य में एक नया अध्याय जुड़ गया है और यह जनता की ताकत की जीत है। इस बीच बांग्लादेश से भी इस चुनाव पर बड़ा बयान सामने आया।
बांग्लादेश की सत्तारूढ़ पार्टी बीएनपी के नेता एस के अजीजुल बारी हिलाल ने बीजेपी की जीत पर हैरानी जताई लेकिन साथ ही साथ जीत की बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद तृणमूल कांग्रेस की हार चौंकाने वाली है। उन्होंने खासतौर पर शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि उनके नेतृत्व में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की। हलाल ने यह भी उम्मीद जताई कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते पहले की तरह अच्छे और शांतिपूर्ण बने रहेंगे। कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल का यह चुनाव सिर्फ एक राज्य का चुनाव नहीं रहा बल्कि इसने भारतीय राजनीतिक की दिशा और दशा दोनों को बदलने का संकेत दिया है और यही वजह है कि इस चुनाव की चर्चा इस वक्त पूरी दुनिया में देखने को मिल रही है।
Continue reading on the app