भारत और सूडान ने द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हितों के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की
पोर्ट सूडान, 5 मई (आईएएनएस)। भारत और सूडान ने पोर्ट सूडान में विदेश कार्यालय परामर्श का नौवां राउंड आयोजित किया। इसमें अलग-अलग क्षेत्र में आपसी संबंधों में हुए विकास पर चर्चा हुई। दोनों देशों के अधिकारियों ने पारस्परिक हितों के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बात की।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारत-सूडान विदेश ऑफिस परामर्श का 9वां राउंड 4 मई 2026 को पोर्ट सूडान में हुआ, जिसकी सह-अध्यक्षता जॉइंट सेक्रेटरी (डब्ल्यूएएनए) और सूडान के विदेश मामलों और विदेशी सहयोग के अवर सचिव ने की।
इसमें आगे कहा गया, दोनों पक्षों ने पिछले एफओसी के बाद से आपसी संबंधों में हुए विकास की समीक्षा की और व्यापार, कैपेसिटी बिल्डिंग, मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, माइनिंग, कृषि और एसएमईएस पर खास ध्यान दिया गया। दोनों पक्षों ने आपसी फायदे के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए।
जनवरी की शुरुआत में, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने नई दिल्ली में अपने सूडानी समकक्ष मोहिल्डिन सलीम अहमद इब्राहिम के साथ मीटिंग की और सूडान में हिंसा खत्म करने और बातचीत पर लौटने के लिए भारत का रुख दोहराया।
एक्स पर एक पोस्ट में, विदेश मंत्री जयशंकर ने लिखा, सूडान के विदेश मंत्री मोहिल्डिन सलीम अहमद इब्राहिम के साथ आज दोपहर अच्छी मीटिंग हुई। सूडान में हिंसा खत्म करने और बातचीत पर लौटने के लिए भारत का रुख दोहराया। हमारे चल रहे मानवीय सपोर्ट और शिक्षा और कैपेसिटी बिल्डिंग में लेन-देन पर चर्चा हुई। इस बारे में आगे की गतिविधियों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जनवरी में, मोहिल्डिन सलीम अहमद इब्राहिम नई दिल्ली में दूसरी भारत अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग में शामिल होने के लिए भारत के आधिकारिक दौरे पर थे।
भारत और सूडान के बीच संबंध बहुत पुराने समय से हैं। लगभग 5,000 साल पहले मेसोपोटामिया के जरिए नीलोटिक और सिंधु घाटी सभ्यताओं के बीच संपर्क और शायद व्यापार होता था। सूडान में भारतीय दूतावास के मुताबिक, 1953 में पहले सूडानी संसदीय चुनाव सुकुमार सेन ने कराए थे, जो उस समय भारत के चीफ इलेक्शन कमिश्नर थे।
1957 में, सूडानी इलेक्शन कमीशन ने भारतीय इलेक्शन के नियमों और कानूनों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया। भारत ने 1955 में खार्तूम में डिप्लोमैटिक प्रतिनिधित्व खोला।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
संतुलित थाली ही है स्वस्थ जीवन का आधार, जानिए क्या और कितना खाएं?
नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। हमारी सेहत की असली नींव हमारी रोज की थाली में रखी होती है। हम रोज क्या खाते हैं और कितना खाते हैं उसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि हम समझें कि एक संतुलित थाली आखिर होती कैसी है और उसमें क्या-क्या होना चाहिए।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि अपनी थाली को तीन हिस्सों में बांटना चाहिए। थाली का आधा हिस्सा मौसमी फल और सब्जियों से भरा होना चाहिए। ये हमारे शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और फाइबर देते हैं, जिससे पाचन भी अच्छा रहता है और रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है। हरी सब्जियां, गाजर, टमाटर, लौकी, पालक और मौसमी फल जैसे सेब, केला, पपीता आदि रोज खाने चाहिए।
इसके बाद थाली का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा अनाज या मोटे अनाज का होना चाहिए। इसमें गेहूं की रोटी, चावल, रागी, बाजरा और ज्वार जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। ये हमें ऊर्जा देती हैं ताकि हम दिनभर एक्टिव रह सकें। आजकल मोटे अनाज को फिर से अपनाने पर जोर दिया जा रहा है क्योंकि ये ज्यादा पौष्टिक और सेहत के लिए अच्छे होते हैं।
बाकी 25 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन से भरपूर चीजों का होना चाहिए। इसमें दालें, चना, राजमा, सोयाबीन शामिल किए जा सकते हैं। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो अंडा, मछली, चिकन या मीट भी इस हिस्से में आ सकता है। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है और शरीर की मरम्मत में मदद करता है।
इसके साथ ही थोड़ी मात्रा में अच्छे फैट्स भी जरूरी होते हैं। जैसे मूंगफली, बादाम, अखरोट, तिल, अलसी के बीज और सीमित मात्रा में तेल या घी। ये दिमाग और हार्मोन के लिए जरूरी होते हैं। साथ ही अगर संभव हो तो थोड़ा दूध या दही भी रोज की डाइट में शामिल करें, क्योंकि ये कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर दिन एक ही तरह का खाना न खाएं, बल्कि अलग-अलग अनाज, सब्जियां और दालें शामिल करें। इससे शरीर को हर तरह के पोषक तत्व मिलते हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
















.jpg)






