भारत ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक तेल उद्योग परिसर पर ईरानी हमलों की निंदा की, जिसमें तीन भारतीय घायल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को अस्वीकार्य बताया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया। यह हमला अमेरिकी प्रशासन द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए शुरू की गई परियोजना 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तुरंत बाद हुआ। ईरान ने पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर रखा है। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा यूएई पर हुए हमलों की मैं कड़ी निंदा करता हूं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि भारत यूएई के साथ पूरी तरह एकजुट है और संवाद और कूटनीति के माध्यम से सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है।
मोदी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे पहले, विदेश मंत्रालय के एक बयान में भी फुजैराह पर हुए हमले को अस्वीकार्य बताया गया था। बयान में कहा गया, हम इन शत्रुताओं को तत्काल समाप्त करने और नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने को रोकने का आह्वान करते हैं। मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल करने और स्थिति से निपटने के लिए संवाद और कूटनीति के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया। इसने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन और व्यापार का आह्वान किया और कहा कि भारत समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान के सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तत्पर है।
प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट और विदेश मंत्रालय के बयान दोनों में ईरान का सीधा जिक्र नहीं किया गया। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर सोमवार को मिसाइलों और ड्रोन हमलों का आरोप लगाया है, जिसमें पूर्वी अमीरात फुजैराह में तेल उद्योग परिसर पर हमला भी शामिल है। फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन में लगी भीषण आग में तीन भारतीय मामूली रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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