समुद्र की लहरों के बीच तनाव को किनारे रखकर मानवता की एक नई मिसाल देखने को मिली है। पाकिस्तानी नौसेना ने अरब सागर में तकनीकी खराबी के कारण फंसे एक भारतीय व्यापारिक पोत के चालक दल को महत्वपूर्ण मानवीय और तकनीकी सहायता प्रदान की है। इस अभियान में पाकिस्तानी नौसेना के साथ पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी (PMSA) ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। समाचारपत्र ‘डॉन’ ने सोमवार को प्रकाशित अपनी एक खबर में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया गया कि बचाव और सहायता अभियान में नौसेना की सहायता पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी (पीएमएसए) ने की।
खबर में कहा गया कि मुंबई स्थित समुद्री बचाव एवं समन्वय केंद्र ने पाकिस्तानी प्राधिकारियों से संपर्क कर सहायता का अनुरोध किया था जिसके बाद चालक दल की सहायता के लिए अभियान शुरू किया गया।
इस चालक दल में छह भारतीय और एक इंडोनेशियाई नागरिक शामिल थे।
सूत्रों ने बताया कि ओमान से भारत जा रहे एम.वी. गौतम नामक पोत के चालक दल ने तकनीकी खराबी की सूचना दी।
खबर में कहा गया है कि फंसे हुए चालक दल को भोजन, चिकित्सा और तकनीकी सहित आपात सहायता प्रदान की गई। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी नौसेना ने इस तरह का बचाव अभियान चलाया हो। पिछले महीने भी अरब सागर में संकट की सूचना मिलने के बाद, पाकिस्तानी नौसेना ने एक व्यापारिक पोत से विदेशी नागरिकों सहित चालक दल के 18 सदस्यों को सुरक्षित बचाया था। समुद्री कानून और मानवीय आधार पर किए गए इस बचाव कार्य की सराहना की जा रही है, क्योंकि यह समुद्र में सुरक्षा और सहयोग के अंतरराष्ट्रीय मानदंडों को मजबूती प्रदान करता है।
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह में हुए संदिग्ध ड्रोन हमले पर भारत ने कड़ी कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं, जिसे भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 'अस्वीकार्य' और 'बेहद चिंताजनक' करार दिया है। भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तत्काल शत्रुता रोकने और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया है। विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के खिलाफ है।
MEA ने एक बयान में कहा, "फुजैराह पर हुआ हमला, जिसके परिणामस्वरूप तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, अस्वीकार्य है। हम इन शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को तुरंत रोकने और नागरिक बुनियादी ढांचे तथा निर्दोष नागरिकों को निशाना न बनाने की अपील करते हैं। भारत इस स्थिति से निपटने के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहेगा, ताकि पूरे पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके। हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर स्वतंत्र और बिना किसी रुकावट के आवागमन और व्यापार की भी अपील करते हैं। भारत मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है।"
सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात में एक तेल भंडारण केंद्र पर आग लगने से तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। यह घटना फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज ज़ोन (FOIZ) में हुई और माना जा रहा है कि यह एक ड्रोन हमले के कारण हुई थी।
UAE में भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि की
X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक बयान में, UAE में भारतीय दूतावास ने घायलों की पुष्टि की और कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रभावित व्यक्तियों को उचित चिकित्सा उपचार और सहायता मिले। पोस्ट में लिखा था, "फुजैराह में आज हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं। हम प्रभावित भारतीय नागरिकों की उचित चिकित्सा देखभाल और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।"
UAE की सरकारी समाचार एजेंसी WAM ने बताया कि फुजैराह के अधिकारियों ने कहा कि आग एक ड्रोन हमले के बाद लगी, जिसके ईरान से आने का संदेह है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फुजैराह सिविल डिफेंस की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तुरंत तैनात किया गया।
खलीज टाइम्स सहित विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, घायल हुए तीनों भारतीय नागरिकों को मध्यम चोटें आई हैं। उन्हें पास के एक अस्पताल में ले जाया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
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