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PoK में गोलियाँ चलवाने के बाद घबराए शाहबाज शरीफ, अब प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील: सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने JAAC के 99% सदस्यों को कहा ‘देशभक्त’

PoK में हिंसक कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने अब बातचीत की पेशकश की है। वहीं उनके सलाहकार ने प्रदर्शनकारियों को देशभक्त बताया है।

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10 और 20 रुपए के पॉलीमर नोटों को मंजूरी:वित्त मंत्री बोलीं- ट्रायल में दोनों के 100-100 करोड़ नोट छपेंगे, ये 30 साल तक चलेंगे

सरकार ने 10 और 20 रुपए के पॉलीमर बैंक नोट के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। दोनों के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने मंगलवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। सफल ट्रायल के बाद नियमित जारी होंगे नोट RBI ने 10 और 20 रुपए के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल का प्रस्ताव दिया था। ट्रायल सफल होने के बाद इन दोनों के पॉलीमर नोट नियमित रूप से जारी किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। RBI के मुताबिक, पॉलीमर नोट कागज से बने नोटों के साथ जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पॉलीमर नोटों की खरीद की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए फिलहाल इनके जारी होने की सही समय सीमा बता पाना संभव नहीं है। सवाल-जवाब में जानें इस खबर से जुड़ी जरूरी बातें… सवाल 1: पॉलीमर नोट क्या होते हैं और सरकार इन्हें क्यों ला रही? जवाब: पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में बताया था कि ये नोट दुनिया के कई देशों जैसे ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में पॉलीमर करेंसी नोट 30 साल से भी अधिक समय तक सफलतापूर्वक उपयोग में रहे हैं। इन्हें लाने की मुख्य वजहें- लंबी उम्र: ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं हैं। नकली नोटों पर लगाम: पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। छपाई खर्च में बचत: कागजी नोट जल्दी खराब होते हैं, जिससे छपाई का खर्च बढ़ता है। FY25 में आरबीआई ने कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए थे। पॉलीमर नोट लंबे चलेंगे, जिससे बार-बार छापने का खर्च घटेगा। सवाल 2: क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे? जवाब: बिल्कुल नहीं। सरकार और आरबीआई ने पूरी तरह साफ किया है कि पॉलीमर नोट आने से पुराने कागजी नोट चलन से बाहर नहीं होंगे। सर्कुलेशन जारी रहेगा: जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे। सवाल 3: पॉलीमर नोट का प्रस्ताव कब आया था? जवाब: भारत ने 2012 में पहली बार नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोट लाने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी वजहों से प्रोजेक्ट रुक गया था। मई-जून : मीडिया रिपोर्ट्स और आरबीआई की रिपोर्ट में शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोटों पर विचार की बात आई। जून में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पुष्टि की कि पॉलीमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है और इसके नफा-नुकसान का वैल्यूएशन किया जा रहा है। सवाल 4: दुनिया के किन देशों में प्लास्टिक नोट चलते हैं? दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में पॉलीमर बैंकनोट्स चलन में शामिल किए जा चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। सवाल 5: भारत में कब-कब नोट बदले गए? जवाब: आजादी से लेकर अब तक भारत में बड़े पैमाने पर 3 बार नोटबंदी या बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने का फैसला लिया गया है… 1. पहली बार - जनवरी 1946 (ब्रिटिश काल/आजादी से ठीक पहले): क्या हुआ: तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया था। मकसद: काले धन और युद्ध के दौरान हुई अवैध कमाई को बाहर निकालना। बाद में: 1954 में सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट फिर से शुरू किए थे। 2. दूसरी बार - जनवरी 1978 (मोरारजी देसाई सरकार): क्या हुआ: जनता पार्टी की सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया। मकसद: चुनाव में होने वाले काले धन के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार को रोकना। 3. तीसरी बार - 8 नवंबर 2016 (नरेंद्र मोदी सरकार): क्या हुआ: रात 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने देश में चल रहे ₹500 और ₹1,000 के नोटों को रातों-रात अमान्य घोषित कर दिया। बदलाव: इनकी जगह ₹500 का नया नोट और पहली बार ₹2,000 का नया नोट जारी किया गया। ₹2000 के नोट की वापसी (मई 2023): 19 मई 2023 को RBI ने 'क्लीन नोट पॉलिसी' के तहत ₹2,000 के नोट को चलन (सर्कुलेशन) से वापस लेने का ऐलान किया। हालांकि इसे नोटबंदी नहीं कहा गया क्योंकि इसे बैंक में जमा करने या बदलने का समय दिया गया था।

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  Sports

IPL Update: Ashwin ने CSK के Coach के लिए लिया Eoin Morgan का नाम, MS Dhoni तय करेंगे भविष्य की रणनीति

चेन्नई सुपर किंग्स के खेमे में इन दिनों बदलाव का दौर चल रहा है। लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाले स्टीफन फ्लेमिंग से रिश्ता खत्म होने के बाद अब फ्रेंचाइजी नए कोच की तलाश में है। इसी बीच पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने एक ऐसा नाम सामने रखा है, जिसने क्रिकेट जगत में चर्चा बढ़ा दी है। अश्विन के मुताबिक पूर्व इंग्लैंड कप्तान इयोन मोर्गन चेन्नई सुपर किंग्स के अगले कोच बन सकते हैं।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि मोर्गन का नाम नए कोच के लिए काफी मजबूती से चर्चा में है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह तय नहीं है कि मोर्गन इसी साल जिम्मेदारी संभालेंगे या टीम के साथ बाद में जुड़ेंगे। उनके मुताबिक एक संभावना यह है कि कोई दूसरा व्यक्ति पहले टीम का ढांचा तैयार करे और मोर्गन बाद में जिम्मेदारी संभालें।

गौरतलब है कि इयोन मोर्गन ने 2023 में पेशेवर क्रिकेट से दूरी बना ली थी। इसके बाद वह मुख्य रूप से क्रिकेट विशेषज्ञ और कमेंटेटर के तौर पर नजर आए हैं। उन्होंने अभी तक किसी अंतरराष्ट्रीय या फ्रेंचाइजी टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी नहीं संभाली है। इसके बावजूद सीमित ओवरों के क्रिकेट की उनकी समझ को काफी मजबूत माना जाता है।

मोर्गन ने इंग्लैंड की सफेद गेंद वाली टीम में बड़ा बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने 2019 में पहली बार एकदिवसीय विश्व कप का खिताब जीता था। आक्रामक सोच, खिलाड़ियों से प्रदर्शन निकालने की क्षमता और मैदान पर तेज फैसले लेने के लिए उनकी पहचान रही है। यही वजह है कि कोचिंग का अनुभव नहीं होने के बावजूद उन्हें इस भूमिका के लिए गंभीर उम्मीदवार माना जा रहा है।

बता दें कि चेन्नई सुपर किंग्स पिछले कुछ सत्रों में अपने पुराने स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सकी है। पांच बार की चैंपियन टीम के लिए हाल के दो सत्र निराशाजनक रहे हैं। ऐसे में फ्लेमिंग के जाने को टीम में नए तरीके से बदलाव की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

इस बदलाव में महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। अश्विन का मानना है कि कम से कम अगले एक साल तक धोनी टीम को दिशा देने में अहम योगदान दे सकते हैं। उनके मुताबिक अगले बड़े बदलाव से पहले धोनी के नेतृत्व में टीम का नया ढांचा तैयार किया जा सकता है।

मौजूदा जानकारी के अनुसार, अगले बड़े खिलाड़ियों के चयन से पहले केवल एक साल का समय बचा है। ऐसे में कोच की नियुक्ति का समय भी महत्वपूर्ण होगा। अश्विन का मानना है कि धोनी के अनुभव का इस्तेमाल करते हुए टीम इस बदलाव को बेहतर तरीके से संभाल सकती है।

स्टीफन फ्लेमिंग का लंबा दौर खत्म होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स अब एक नए अध्याय की ओर बढ़ रही है। इयोन मोर्गन तुरंत जिम्मेदारी संभालते हैं या बाद में टीम से जुड़ते हैं, यह आने वाले समय में साफ होगा, लेकिन अश्विन के बयान ने सीएसके के नए कोच को लेकर चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया हैं।
Thu, 13 Aug 2026 21:13:17 +0530

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