Responsive Scrollable Menu

स्कूलों में मिलने वाले जंक फूड पर होगी और सख्ती; एफएसएसएआई ने वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों के लिए प्रस्तावित की नई सीमाएं

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने स्कूलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर नियम और सख्त करने का प्रस्ताव रखा है। खाद्य नियामक ने ऐसे खाद्य उत्पादों की पहचान के लिए निर्धारित मात्रात्मक मानक प्रस्तावित किए हैं, जिनमें अधिक मात्रा में अतिरिक्त वसा, चीनी या नमक होता है।

Continue reading on the app

विक्रम साराभाई : इसरो की स्थापना में अहम भूमिका से लेकर परमाणु उर्जा आयोग के अध्यक्ष भी रहे

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय भौतिक वैज्ञानिक और अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई की बुधवार को जयंती है। 12 अगस्त, 1919 को अहमदाबाद में उनका जन्म में एक प्रतिष्ठित उद्योगपति अंबालाल साराभाई के परिवार में हुआ था। बचपन से ही विज्ञान में उनकी रुचि थी। उन्होंने देश में अंतरिक्ष अनुसंधान की आवश्यकता को सबसे पहले रेखांकित किया और परमाणु ऊर्जा के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

विक्रम साराभाई परमाणु उर्जा आयोग के अध्यक्ष रहे थे। गणित और विज्ञान में बचपन से ही उनकी रुचि थी। जब वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से लौटे, तो 28 वर्ष की उम्र में अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी) की स्थापना की थी। वर्ष 1966 से 1971 तक उन्होंने यहां काम भी किया था। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम अहमदाबाद) की स्थापना में साराभाई की अहम भूमिका थी।

साराभाई कैंब्रिज जाने से पहले गुजरात में पढ़ाई करते थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वर्ष 1942 में, उनको भारत वापस लौटना पड़ा था। यहां आकर, उन्होंने ब्रह्मांडीय किरणों (कॉस्मिक रे) को लेकर शोध किया था। महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकटरमण के दिशा-निर्देश में उन्होंने इस पर रिसर्च किया था। इस शोध के बाद, वे फिर से कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में डॉक्टरेट करने चले गए थे। उन्होंने ब्रह्मांडीय किरणों पर एक थीसिस लिखा था। वर्ष 1947 में, वे देश में लौटे और फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी की स्थापना की।

वर्ष 1962 में विक्रम साराभाई ने इंडियन नेशनल कमिटी फॉर स्पेस रिसर्च की स्थापना की थी, बाद में इसका नाम बदलकर इसरो कर दिया गया। 1966 में वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा के निधन के बाद साराभाई को परमाणु उर्जा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने बतौर अध्यक्ष होमी जहांगीर भाभा के सपनों को आगे बढ़ाया।

विक्रम साराभाई ने भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल, अहमदाबाद), इंडियन इंस्टीट्यू ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम, अहमदाबाद), कम्युनिटी साइंट सेंटर (अहमदाबाद), दर्पण एकेडमी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (अहमदाबाद) और विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (तिरुवनंतपुरम) की स्थापना की थी।

विक्रम साराभाई को कई पुरस्कारों से नवाजा गया था। वर्ष 1962 में उनको शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से नवाजा गया था। वर्ष 1966 में उनको पद्मभूषण दिया गया था। 30 दिसंबर 1971 को साराभाई का केरल के कोवलम में निधन हो गया था। वर्ष 1972 में मरणोपरांत उनको पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

--आईएएनएस

एसडी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल रेप केस में गिरफ्तार, मेडिकल स्टूडेंट ने पुलिस को बताई आपबीती

Abishek Porel IPL Cricketer Arrest News: शिकायतकर्ता मेडिकल छात्रा ने अभिषेक पोरेल पर शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाने और मारपीट समेत जानलेवा धमकी का भी आरोप लगाया है. पोरेल ने इन आरोपों से साफ इनकार किया था, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस को ये गिरफ्तारी करनी पड़ी. Tue, 11 Aug 2026 14:54:23 +0530

  Videos
See all

World Lion Day: पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, भारत में तेजी से बढ़ रही एशियाई शेरों की आबादी! Gir National #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T09:45:21+00:00

उत्तराखंड के Chamoli में भारी बारिश से तमक नाले का पुल बहा,Dehradun में हाई एलर्ट! Uttarakhand News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T09:41:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers