अनूप सोनी की जगह अजय देवगन करेंगे क्राइम पेट्रोल का नया सीजन होस्ट, जानिए डेट और टाइम के साथ शो में क्या होगा खास
Ajay Devgn Crime Patrol Host: सोनी टीवी पर हम सभी सालों से क्राइम पेट्रोल (Crime Patrol) देखते आ रहे हैं. इसके जरिए हमें सीख के साथ-साथ सतर्क रहने के बारे में बताया जाता है, इस क्राइम शो को कई सालों से टीवी एक्टर सोनी होस्ट करते हुए नजर आए थे. अब बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन (Ajay Devgn) क्राइम पेट्रोल के नए सीजन को होस्ट करते हुए नजर आएंगे. सोनी एंटरटेनमेंट ने हाल ही में एक प्रोमो रिलीज किया है. जिसमें अजय देवगन नजर आए. इस दौरान एक्टर जुर्म की दुनिया के काले कारनामों के बारे में बात करते हुए नजर आए. आइए जानते हैं कि क्राइम पेट्रोल के नए सीजन में इस बार क्या खास होगा और इसे किस दिन और किस टाइम देख सकेंगे.
अजय देवगन करेंगे क्राइम पेट्रोल का नया सीजन होस्ट
क्राइम पेट्रोल के प्रोमो में अजय देवगन कहते हैं, 'बचपन में हमें सिखाया जाता है, अजनबियों से बचकर रहना, रात को घर का ताला लगाना, पर अब जो हो रहा है और ऐसे बहुत सारे केस हैं, जुर्म करने वाला कोई अंजान नहीं, अपना होता है. जिन्हें हमारे घर का रास्ता भी पता होता है और कभी कभार चाबी भी होती है और डाइनिंग टेबल पर कुर्सी भी. मतलब कई केसों में अपना ही खून शामिल होता है. इस बार क्राइम पेट्रोल हम ऐसे केस को सामने लाना चाह रहे हैं. जिन्होंने देश को हिला दिया, हमें घबराना नहीं है बल्कि समझना है क्योंकि आज ऐसा हो रहा है. ऐसे ही कुछ केसों में मैं आपके साथ रहूंगा. साथ में समझेंगे. क्राइम पेट्रोल के नए सीजन में, क्राइम पेट्रोल, क्राइम का करंट सीजन.'
जानिए कब और किस टाइम आएगा शो
क्राइम पेट्रोल का नया सीजन 31 अगस्त से सोनी चैनल पर आएगा. वहीं, इसकी टाइमिंग के बारे में बात करें तो यह हर सोमवार से गुरुवार को रात 10.30 ऑन एयर होगा. क्राइम पेट्रोल के नए सीजन को लेकर लोगों के बीच काफी एक्साइटमेंट है. एक्टर अपने अंदाज में इसे होस्ट करते हुए नजर आएंगे. इसके साथ ही दर्शकों को बेसब्री से क्राइम पेट्रोल का इंतजार है.
क्या होगा खास
क्राइम पेट्रोल के नए सीजन में सबसे खास तो यही है कि इस बार अजय देवन शो होस्ट करते हुए नजर आएंगे. उनकी कड़क आवाज और सीरियस पर्सनैलिटी शो को और भी ज्यादा असरदार बनाएगी. इसके साथ ही शो में उन सच्ची कहानियों को दिखाया जाएगा, जिसने पूरे देश को झकझोर कर दिया था. मेकर्स का फोकस डर नहीं सतर्कता पर होगा. एक्टर भी प्रोमो में बोलते हुए नजर आए कि उनका पूरा फोकस दर्शकों में डर पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें अवेयर और सावधान बनाना है. वह यह भी कहते हुए नजर आए कि अपराध के इस दौर में 'मैं रहूंगा आपके साथ. नए प्रोमो और टीज़र से साफ है कि इस बार शो की सिनेमैटोग्राफी, एक्टिंग और स्टोरी को पेश करने का तरीका बहुत दमदार होने वाला है.
अब तक कौन-कौन कर चुका है क्राइम पेट्रोल होस्ट
क्राइम पेट्रोल का पहला सीजन साल 2003 में आया था, जिसे एक्टर दिवाकर पुंडीर ने होस्ट किया था. बाद में उन्हें शक्ति आनंद ने रिप्लेस किया था. वहीं, इस शो को घर-घर में पॉपुलर बनाने का क्रेडिट अनूप सोनी को जाता है. उन्होंने कई सीजन को अपने दमदार अंदाज और आवाज में होस्ट किया था. उनके अलावा कुछ सीजन्स और स्पेशल सीरीज को साक्षी तंवर, सोनाली कुलकर्णी, दिव्यांका त्रिपाठी, आशुतोष राणा, शिल्पा शेट्टी, रेनूका शहाणे और नकुल मेहता जैसे बड़े सितारों ने भी बतौर होस्ट किया. अब क्राइम पेट्रोल के नए सीजन में अजय देवगन होस्ट की कमाल संभालते हुए नजर आएंगे. बताया जा रहा है कि उनके साथ एक्टर राजेश राजेश तैलंग भी नजर आएंगे.
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मौसम की बेरुखी और सिस्टम की नाकामी, बारिश कम, यूरिया-डीएपी की किल्लत से चौपट हो रही फसलें
Rajasthan Farmers: राजस्थान के किसानों पर इस साल मौसम और सिस्टम, दोनों की दोहरी मार पड़ी है. पहले तो मानसून की सुस्त शुरुआत ने खरीफ फसलों की बुआई की रफ्तार को धीमा कर दिया और अब खाद की भारी कमी ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है. हालत यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार खरीफ की बुआई का क्षेत्र बारह लाख हेक्टेयर तक सिकुड़ गया है. जहां पिछले साल एक सौ तैंतालीस लाख हेक्टेयर में बुआई हो गई थी, वहीं इस बार यह आंकड़ा महज एक सौ इकतीस लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका है.
बाजरा, मक्का, धान, ज्वार और दालों जैसी प्रमुख फसलों की बुआई भी अपने लक्ष्य का केवल अस्सी प्रतिशत ही हो पाई है. कुछ इलाकों में बारिश होने पर किसानों ने मजबूरी में बिना डीएपी और एनपीके के ही सोलह लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बीज बो दिए, जिसके परिणामस्वरूप अब फसलें बेहद कमजोर स्थिति में हैं और चौपट होने की कगार पर हैं.
बारिश की कमी से गहराता संकट
प्रदेश में बारिश के आंकड़े भी किसानों को लगातार निराश कर रहे हैं. राज्य में अब तक औसत से ग्यारह प्रतिशत से अधिक कम वर्षा दर्ज की गई है. सामान्य तौर पर इस समय तक 256 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अभी यह आंकड़ा लगभग 227 मिलीमीटर के आसपास ही अटका है. अगर पिछले साल के मानसून से इसकी तुलना की जाए, तो तब तक चार सौ मिलीमीटर से अधिक बदरा बरस चुके थे. इस सूखे जैसे हालात ने खेतों में खड़ी और बोई जा चुकी फसलों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.
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आवंटन और आपूर्ति के बीच बड़ा फासला
किसानों की मुसीबत सिर्फ पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद का गहराता संकट इसे और भयावह बना रहा है. राजस्थान को केंद्र की तरफ से यूरिया, डीएपी और एनपीके का जो आवंटन किया गया था, वह जमीनी स्तर पर आधा-अधूरा ही पहुंच पाया है. राज्य को सवा तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक डीएपी मिलना था, लेकिन करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन डीएपी अभी तक राज्य को नहीं मिल सका है. इसी तरह यूरिया और एनपीके की आपूर्ति भी तय कोटे से काफी कम हुई है। हालांकि, कृषि विभाग के आला अधिकारियों का दावा है कि सूबे में केवल डीएपी को लेकर ही थोड़ी दिक्कत है और यूरिया व एनपीके का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. लेकिन खेतों में पसीना बहा रहे किसानों का दर्द इन सरकारी दावों से बिल्कुल अलग है.
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मुनाफाखोरी और कालाबाजारी की मार
सरकारी सिस्टम की लापरवाही और निगरानी में ढील का सीधा फायदा मुनाफाखोर और सोसाइटियां उठा रही हैं. गंभीर आरोप हैं कि राजस्थान के किसानों के हिस्से की खाद मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में डायवर्ट की जा रही है. इसके अलावा कृषि कार्य के लिए आवंटित सब्सिडी वाली खाद का धड़ल्ले से व्यावसायिक इस्तेमाल भी हो रहा है. खाद की इस कृत्रिम किल्लत ने बड़े पैमाने पर कालाबाजारी को जन्म दिया है. सरकार जिस यूरिया की कीमत दो सौ छियासठ रुपये तय करती है, वह थोक बाजार में चार सौ रुपये और किसान तक पहुंचते-पहुंचते पांच सौ रुपये का हो जाता है. इसके साथ ही, कई जगहों पर किसानों को जबरन नैनो यूरिया भी बेचा जा रहा है, जिसकी उन्हें फिलहाल कोई आवश्यकता ही नहीं है. कृषि विभाग की इसी सुस्त मॉनिटरिंग के कारण आज किसान मौसम की बेरुखी और सिस्टम की नाकामी के बीच पिस रहा है.
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