Responsive Scrollable Menu

मौसम की बेरुखी और सिस्टम की नाकामी, बारिश कम, यूरिया-डीएपी की किल्लत से चौपट हो रही फसलें

Rajasthan Farmers: राजस्थान के किसानों पर इस साल मौसम और सिस्टम, दोनों की दोहरी मार पड़ी है. पहले तो मानसून की सुस्त शुरुआत ने खरीफ फसलों की बुआई की रफ्तार को धीमा कर दिया और अब खाद की भारी कमी ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है. हालत यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार खरीफ की बुआई का क्षेत्र बारह लाख हेक्टेयर तक सिकुड़ गया है. जहां पिछले साल एक सौ तैंतालीस लाख हेक्टेयर में बुआई हो गई थी, वहीं इस बार यह आंकड़ा महज एक सौ इकतीस लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका है.

 बाजरा, मक्का, धान, ज्वार और दालों जैसी प्रमुख फसलों की बुआई भी अपने लक्ष्य का केवल अस्सी प्रतिशत ही हो पाई है. कुछ इलाकों में बारिश होने पर किसानों ने मजबूरी में बिना डीएपी और एनपीके के ही सोलह लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बीज बो दिए, जिसके परिणामस्वरूप अब फसलें बेहद कमजोर स्थिति में हैं और चौपट होने की कगार पर हैं.

बारिश की कमी से गहराता संकट

प्रदेश में बारिश के आंकड़े भी किसानों को लगातार निराश कर रहे हैं. राज्य में अब तक औसत से ग्यारह प्रतिशत से अधिक कम वर्षा दर्ज की गई है. सामान्य तौर पर इस समय तक 256 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अभी यह आंकड़ा लगभग 227 मिलीमीटर के आसपास ही अटका है. अगर पिछले साल के मानसून से इसकी तुलना की जाए, तो तब तक चार सौ मिलीमीटर से अधिक बदरा बरस चुके थे. इस सूखे जैसे हालात ने खेतों में खड़ी और बोई जा चुकी फसलों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.

ये भी पढ़ें: 'लोकतंत्र सवाल पूछने की स्वतंत्रता देता है तो सुनने का दायित्व भी...', CM योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

आवंटन और आपूर्ति के बीच बड़ा फासला

किसानों की मुसीबत सिर्फ पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद का गहराता संकट इसे और भयावह बना रहा है. राजस्थान को केंद्र की तरफ से यूरिया, डीएपी और एनपीके का जो आवंटन किया गया था, वह जमीनी स्तर पर आधा-अधूरा ही पहुंच पाया है. राज्य को सवा तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक डीएपी मिलना था, लेकिन करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन डीएपी अभी तक राज्य को नहीं मिल सका है. इसी तरह यूरिया और एनपीके की आपूर्ति भी तय कोटे से काफी कम हुई है। हालांकि, कृषि विभाग के आला अधिकारियों का दावा है कि सूबे में केवल डीएपी को लेकर ही थोड़ी दिक्कत है और यूरिया व एनपीके का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. लेकिन खेतों में पसीना बहा रहे किसानों का दर्द इन सरकारी दावों से बिल्कुल अलग है.

ये भी पढ़ें: अटारी बॉर्डर खुला तो क्या अब पाकिस्तानी भी आ सकेंगे भारत? जानिए किसे और कैसे मिलेगी एंट्री...

मुनाफाखोरी और कालाबाजारी की मार

सरकारी सिस्टम की लापरवाही और निगरानी में ढील का सीधा फायदा मुनाफाखोर और सोसाइटियां उठा रही हैं. गंभीर आरोप हैं कि राजस्थान के किसानों के हिस्से की खाद मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में डायवर्ट की जा रही है. इसके अलावा कृषि कार्य के लिए आवंटित सब्सिडी वाली खाद का धड़ल्ले से व्यावसायिक इस्तेमाल भी हो रहा है. खाद की इस कृत्रिम किल्लत ने बड़े पैमाने पर कालाबाजारी को जन्म दिया है. सरकार जिस यूरिया की कीमत दो सौ छियासठ रुपये तय करती है, वह थोक बाजार में चार सौ रुपये और किसान तक पहुंचते-पहुंचते पांच सौ रुपये का हो जाता है. इसके साथ ही, कई जगहों पर किसानों को जबरन नैनो यूरिया भी बेचा जा रहा है, जिसकी उन्हें फिलहाल कोई आवश्यकता ही नहीं है. कृषि विभाग की इसी सुस्त मॉनिटरिंग के कारण आज किसान मौसम की बेरुखी और सिस्टम की नाकामी के बीच पिस रहा है.

ये भी पढ़ें: Breaking News Today LIVE Updates: हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, 5 जिलों में ऑरेंज और 4 में येलो अलर्ट

 

ये भी पढ़ें: छात्रों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस गंभीर नहीं, रोजगार चाहते है नौजवान- GEN-G के मुद्दे पर बोलीं मायावती 

Continue reading on the app

Freedom Sale के आखरी दिन उठाएं धमाकेदार ऑफर्स का लाभ: एक के दाम में खरीदे दो बनारसी साड़ी

कल सेल का आखिरी दिन है, अगर आपने अभी तक ऑफर्स का लाभ नहीं उठाया, तो इन्हें आज ही एक्सप्लोर करें।

Continue reading on the app

  Sports

शुभमन गिल के निशाने पर WTC का बड़ा रिकॉर्ड, ऐसा करने वाले बन जाएंगे पहले भारतीय, गॉल टेस्ट में सुनहरा मौका

shubman gill runs in wtc: शुभमन गिल अब तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 40 मैच खेलकर 2843 रन बना चुके हैं. श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अगर गिल 157 रन बनाने में कामयाब हो गए तो उन्होंने WTC में 3000 रन पूरे हो जाएंगे. गिल इस मुकाम तक पहुंचने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. अब तक कोई भी भारतीय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में ये उपलब्धि नाम नहीं कर पाया है. Wed, 12 Aug 2026 05:01:03 +0530

  Videos
See all

8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव? | DA Hike | Breaking News | TOP NEWS #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T23:30:26+00:00

Jharkhand Student Protest | Paper Leak मामले में होगी CBI जांच ? AJSU अध्यक्ष ने दिया समर्थन #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T23:17:39+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers