₹22000 करोड़ के घाटे में टाटा की ये कंपनी, 7 मई को कॉस्ट कटिंग और नए CEO पर लेगी फैसला
टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ₹22,000 करोड़ से ज्यादा के घाटे में है। 7 मई की बोर्ड मीटिंग में यह कॉस्ट कटिंग और नए CEO पर फैसला ले सकती है। बढ़ती ईंधन कीमतें और पश्चिम एशिया तनाव एयरलाइन पर दबाव बढ़ा रहे हैं। जानिए डिटेल।
West Bengal Election: 293 केंद्र और 459 हॉल, बंगाल में मतगणना के लिए अभेद्य किलेबंदी; चुनाव आयोग ने कसी कमर
West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. राज्य की जनता ने अपना फैसला ईवीएम में दर्ज कर दिया है और अब वोटो की गिनती की बारी है. चुनाव आयोग ने इस महाकुंभ के अंतिम पड़ाव के लिए अपनी सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने मतगणना प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक विस्तृत योजना पेश की है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि आयोग का मुख्य लक्ष्य निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से मतगणना संपन्न कराना है, ताकि लोकतंत्र की मर्यादा बनी रहे.
मतगणना केंद्रों का ढांचा और विशेष इंतजाम
राज्य भर में मतगणना के लिए कुल 293 केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों के भीतर 459 मतगणना हॉल तैयार किए गए हैं, जहां वोटो की गिनती का काम चलेगा. अग्रवाल ने बताया कि इनमें से 129 एकल हॉल हैं और 163 दोहरे मतगणना हॉल हैं. कुछ खास विधानसभा क्षेत्रों जैसे मेटियाब्रुज, सप्तग्राम और बिजपुर में मतगणना के 10-10 दौर होंगे. हर हॉल की निगरानी के लिए एक-एक मतगणना पर्यवेक्षक तैनात किया गया है और पूरे राज्य में कुल 539 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं. बिजली कटौती जैसी समस्याओं से निपटने के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि लोड शेडिंग के कारण काम न रुके.
#WATCH | Kolkata: SD Pandey, CRPF DIG, visited the strongroom at Sakhawat Memorial Government Girls' High School in Bhabanipur assembly constituency and checked the security arrangements ahead of the vote counting for West Bengal Assembly elections tomorow. pic.twitter.com/OWDYP0srIw
— ANI (@ANI) May 3, 2026
सुरक्षा का अभेद्य तीन-स्तरीय घेरा
मतगणना के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा की जबरदस्त घेराबंदी की गई है. राज्य पुलिस, राज्य सशस्त्र पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) को मिलाकर एक तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की जाएगी. इस सुरक्षा घेरे का उल्लंघन करने की अनुमति किसी को भी नहीं होगी. मनोज अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसके लिए सीधे तौर पर केंद्रीय बल जिम्मेदार होंगे. मतगणना केंद्रों पर सीएपीएफ की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं, जो चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगी.
#WATCH | Kolkata: West Bengal Chief Electoral Officer Manoj Kumar Agarwal says, "All arrangements are in place. There is a three-tier security arrangement; our RO (Returning Officer), ARO (Assistant Returning Officer), counting agents, and counting supervisors are all ready; they… pic.twitter.com/vRsvcWOEHh
— ANI (@ANI) May 3, 2026
एजेंटों और अधिकारियों के लिए कड़े नियम
मतगणना प्रक्रिया में शामिल होने वाले एजेंटों और उम्मीदवारों के लिए भी सख्त नियमावली तैयार की गई है. किसी भी एजेंट को मतगणना पूरी होने से पहले परिसर छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अगर किसी आपात स्थिति में बाहर जाना पड़ता है, तो इसके लिए रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा. डेटा एंट्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के लिए यह तय किया गया है कि हर दौर की गिनती पूरी होने के बाद ही उसे सिस्टम में दर्ज किया जाएगा. केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी लगातार वैधानिक नियमों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि कोई तकनीकी चूक न हो.
शांति व्यवस्था और विजय जुलूस पर पाबंदी
चुनाव आयोग ने मतगणना के दिन और उसके बाद शांति बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेटों के साथ बैठक की है. राज्य के संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू रहेगी, जिसका मतलब है कि कहीं भी भारी भीड़ जमा होने की अनुमति नहीं होगी. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को जीत के बाद विजय जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी गई है. अगर कोई ऐसा कार्यक्रम आयोजित करना चाहता है, तो उसे पहले स्थानीय पुलिस से अनुमति लेनी होगी. आयोग ने साफ कर दिया है कि कलिगंज जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज
मतदान के दौरान हुई गड़बड़ियों को लेकर भी आयोग सख्त नजर आ रहा है. सिफारिशों के आधार पर 15 बूथों पर फिर से मतदान कराया गया है. इसके अलावा, ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन पीठासीन अधिकारियों और एक बीएलओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इन अधिकारियों के खिलाफ जांच जारी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें. उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तरह दोनों चरणों का मतदान शांतिपूर्ण रहा, उसी तरह मतगणना भी बिना किसी हिंसा के संपन्न होगी.
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