पाकिस्तान : खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या
इस्लामाबाद, 3 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत इलाके के कैची कमर क्षेत्र में रविवार को एक पुलिस कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।
लक्की मरवत जिले के पुलिस अधिकारी (डीपीओ) के प्रवक्ता कुदरतुल्लाह खान ने बताया कि हथियारबंद हमलावरों ने कांस्टेबल इरफानुल्लाह को उसके घर के पास निशाना बनाया।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिसकर्मी को गोली लगने की चोटें आईं और सेराई नौरंग कस्बे के अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह पुलिसकर्मी पेशावर में तैनात था और छुट्टी लेकर अपने गांव आया हुआ था। घटना के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी।
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान में खासकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे सीमावर्ती प्रांतों में, पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
शुक्रवार को भी ऐसा ही एक हमला हुआ था, जिसमें खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू शहर के कंगर जान बहादुर इलाके में एक पुलिस वाहन पर रॉकेट हमला किया गया था। इसमें एक कांस्टेबल की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे।
बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी यासिर आफरीदी के अनुसार, फतेह खेल चेकपोस्ट से वाहन पुलिस लाइनों की ओर जा रहा था, तभी उस पर हमला किया गया। इसके बाद फायरिंग और विस्फोट भी हुए, जिसके कारण मिरयान रोड को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया।
27 अप्रैल को भी बलूचिस्तान के पिशिन जिले के हुरमजई इलाके में एक चेकपोस्ट पर हुए हमले में एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई थी।
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने स्वचालित हथियारों से चेकपोस्ट पर फायरिंग की थी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की थी, लेकिन कुछ देर तक चली इस गोलीबारी में हेड कांस्टेबल की जान चली गई। हमलावर मौके से फरार हो गए थे।
--आईएएनएस
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राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, ‘बदले की राजनीति’ का लगाया आरोप, 5 मई को करेंगे द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात
पंजाब की भगवंत मान सरकार पर ‘बदले की राजनीति’ और शक्तियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए, आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अब सीधे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगाएंगे। राष्ट्रपति भवन ने इस अहम मुलाकात के लिए 5 मई को सुबह 10:40 बजे का समय निर्धारित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रतिनिधिमंडल में राघव चड्ढा के साथ तीन अन्य सांसद भी शामिल होंगे, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पंजाब में राजनीतिक घमासान अपने चरम पर है और पूर्व आप नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर दमनकारी कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति को पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा अपनाई जा रही कथित ‘बदले की राजनीति’ से अवगत कराना है। राघव चड्ढा और उनके साथ आए अन्य बागी सांसदों का आरोप है कि पंजाब सरकार अपनी संवैधानिक शक्तियों और सरकारी मशीनरी का घोर दुरुपयोग कर रही है। उनका दावा है कि जिन नेताओं ने हाल ही में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में विलय किया है, पंजाब सरकार अब उन्हें जानबूझकर ‘टार्गेट’ कर रही है और उन पर अनुचित तथा दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई कर रही है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में ये सांसद राष्ट्रपति से पंजाब सरकार की इन कथित दमनकारी नीतियों और राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे, ताकि राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जा सके।
24 अप्रैल को राघव चड्ढा समेत सात सांसदों का भाजपा में विलय
यह बैठक उस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के ठीक बाद हो रही है जब 24 अप्रैल 2024 को राघव चड्ढा समेत सात आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से किनारा कर भाजपा में विलय का ऐलान किया था। इनमें से छह सांसद पंजाब से चुने गए थे। इस घटना को आम आदमी पार्टी ने लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए इन सांसदों की राज्यसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। वहीं, चड्ढा गुट ने पंजाब सरकार पर दमनकारी और प्रतिशोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा था कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और आदर्शों से पूरी तरह भटक चुकी है। दो-तिहाई बहुमत होने के कारण इन सांसदों का भाजपा में विलय राज्यसभा सभापति द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया है, जिसने आप को और मुश्किल में डाल दिया है।
आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले इन सात राज्यसभा सांसदों में राघव चड्ढा के अलावा संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल के नाम प्रमुख हैं। इन सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद से ही पंजाब में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज की खबर
ताजा घटनाक्रमों में, आम आदमी पार्टी छोड़कर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने कई प्राथमिकियां दर्ज की हैं। सूत्रों ने बताया है कि पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो गंभीर प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। हालांकि, इन प्राथमिकियों के बारे में अब तक कोई अन्य विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे रहस्य और गहरा गया है। बताया जा रहा है कि पंजाब पुलिस की एक टीम संदीप पाठक को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली भी पहुंची थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही पाठक अपनी एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) में सवार होकर अपने घर से निकल चुके थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में पाठक अपने घर से निकलते हुए दिख रहे हैं और कुछ संवाददाता उनसे इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जानने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पूर्व प्रोफेसर संदीप पाठक को कभी आम आदमी पार्टी की चुनाव एवं प्रचार रणनीति तैयार करने और पार्टी संगठन को मजबूत करने का अहम श्रेय दिया जाता था। कभी ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी माने जाने वाले पाठक ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
यह घटनाक्रम 30 अप्रैल को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ट्राइडेंट लिमिटेड के परिसर पर की गई छापेमारी के तुरंत बाद सामने आया है। गौरतलब है कि राज्यसभा सदस्य राजिंदर गुप्ता इस कंपनी के मानद चेयरमैन हैं। गुप्ता भी उन सात सांसदों में से एक हैं जिन्होंने पिछले महीने ‘आप’ छोड़ दी थी और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। इससे पहले पंजाब पुलिस ने सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा भी वापस ले ली थी, जिसे भी बदले की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। ये सभी घटनाएं पंजाब सरकार और भाजपा में शामिल हुए पूर्व आप सांसदों के बीच बढ़ते टकराव को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।
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