जोड़ों के दर्द से राहत दिलाएगा घुटना संचालन, आयुष मंत्रालय से जानिए सही विधि
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। घुटना संचालन योग के उन व्यायामों में से एक है जिसे अभ्यास की शुरुआत में किया जाता है। यह अभ्यास विशेष रूप से घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को मजबूत बनाने में सहायक होता है। आजकल की जीवनशैली में घंटों बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि की कमी और उम्र के साथ जोड़ों में जकड़न की समस्या आम हो गई है। ऐसे में घुटना संचालन शरीर को अंदर से गर्म करता है, रक्त संचार को बेहतर बनाता है और मांसपेशियों को अगले योगाभ्यास के लिए तैयार करता है।
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घुटना संचालन योग करने की पूरी विधि बताई। इस अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले किसी शांत और हवादार स्थान पर चटाई बिछाकर सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच लगभग एक फुट की दूरी रखें और रीढ़ को सीधा रखें। अब अभ्यास शुरू करें। श्वास लेते हुए दोनों भुजाओं को धीरे-धीरे कंधों के स्तर तक ऊपर उठाएं और ध्यान रखें कि हथेलियां नीचे की ओर रहें। भुजाएं कंधे की सीध में और जमीन के समानांतर होनी चाहिए। इसके बाद श्वास छोड़ते हुए घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ें और शरीर को आधे बैठे हुए स्थिति में लाएं।
इस स्थिति में ऐसा महसूस होना चाहिए जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं। पीठ सीधी रखें, पेट अंदर और कंधे ढीले रखें। अंतिम स्थिति में पहुंचकर कुछ सेकंड रुकें। इस अवस्था में दोनों भुजाएं और दोनों घुटने जमीन के समानांतर रहने चाहिए। दृष्टि सामने और शरीर संतुलित रखें।
अब श्वास लेते हुए धीरे-धीरे शरीर को वापस सीधा करें और साथ ही भुजाओं को भी नीचे ले आएं। इस पूरी प्रक्रिया को एक चक्र माना जाता है। शुरुआत में इसे दो बार दोहराएं। धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार आप इसे 3 से 5 बार तक बढ़ा सकते हैं। अभ्यास पूरा होने के बाद सामान्य स्थिति में वापस आकर कुछ देर विश्राम करें।
अभ्यास के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे जरूरी है कि श्वास को सहज और सामान्य रखें। श्वास को न रोकें और न ही झटके से कोई गति करें। यह अभ्यास अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। यदि अभ्यास के दौरान घुटनों या कमर में तेज दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। खासतौर पर आर्थराइटिस यानी गठिया के गंभीर दर्द, सूजन या हाल ही में हुई सर्जरी की स्थिति में इस अभ्यास को बिल्कुल न करें।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
हैकर ग्रुप के दावों पर एचसीएलटेक का जवाब, कहा- 'सिस्टम में सेंधमारी के कोई सबूत नहीं, ग्राहक सेवाएं सुरक्षित'
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। देश की दिग्गज आईटी सर्विस कंपनी एचसीएलटेक ने सोमवार को स्पष्ट किया कि एक हैकर समूह द्वारा कर्मचारियों से जुड़ा डेटा लीक होने के दावों की जांच में अब तक कंपनी के सिस्टम में किसी तरह की सेंधमारी के सबूत नहीं मिले हैं। कंपनी ने कहा कि शुरुआती जांच के अनुसार न तो उसके आईटी सिस्टम प्रभावित हुए हैं और न ही किसी ग्राहक के प्रोजेक्ट या डेटा पर इसका असर पड़ा है।
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में एचसीएलटेक ने बताया कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक हैकर ग्रुप के दावे का उल्लेख किया गया था, जिसमें कंपनी के कर्मचारियों से संबंधित कुछ डेटा के संभावित सार्वजनिक होने की बात कही गई थी। इन दावों के बाद कंपनी ने तत्काल जांच शुरू की।
कंपनी ने कहा, प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि कथित डेटा सीमित मात्रा में हो सकता है और यह कई वर्ष पुराना प्रतीत होता है।
एचसीएलटेक ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक उसे अपने किसी भी सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश या साइबर सुरक्षा उल्लंघन का कोई प्रमाण नहीं मिला है। साथ ही कंपनी के ग्राहकों के साथ चल रही परियोजनाओं या उनके डिजिटल वातावरण पर किसी प्रकार का प्रभाव भी सामने नहीं आया है।
कंपनी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और यदि समीक्षा के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती है, तो उसे नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप सार्वजनिक किया जाएगा।
एचसीएलटेक ने अपने बयान में कहा, साइबर सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और हमें सौंपी गई सूचनाओं की सुरक्षा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में देश की एक अन्य बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को भी इसी तरह के दावों पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा था। टीसीएस ने भी कहा था कि उसे अपनी जांच में कंपनी के सिस्टम या ग्राहकों के डिजिटल वातावरण में किसी तरह की सेंधमारी का कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला।
टीसीएस के अनुसार, जिन सूचनाओं का उल्लेख साइबर खुफिया अलर्ट्स में किया गया था, वे चार वर्ष से अधिक पुरानी थीं और केवल बुनियादी कर्मचारी जानकारी तक सीमित थीं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया था कि ग्राहक डेटा, ग्राहक सिस्टम या कंपनी के परिचालन सिस्टम किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं हुए हैं।
टीसीएस ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया था कि कथित हमलावर ने पासवर्ड स्प्रेइंग और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) फटीग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने का दावा किया था। हालांकि जांच में इन दावों की पुष्टि नहीं हुई।
इस बीच, एचसीएलटेक के शेयरों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। खबर लिखे जाने के समय कंपनी के शेयर एनएसई पर 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,365 रुपए के स्तर पर कारोबार करते नजर आए।
--आईएएनएस
डीबीपी
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