Nepal: नेपाल की बालेन शाह सरकार के इस फैसले से मचा हड़कंप, प्रशासनिक गलियारों में खलबली
Nepal News: सरकार का कहना है कि यह कदम पिछली सरकारों विशेष रूप से सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा की गई 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' नियुक्तियों को हटाने और पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी था। वैसे नेपाल में नई सरकारों के लिए पिछली नियुक्तियों की समीक्षा करना आम बात है, लेकिन इस बार इसका पैमाना बहुत बड़ा है
अमेरिका-ईरान युद्ध के दोबारा शुरू होने की आशंका के बीच यूक्रेन ने रूसी तेल टैंकरों पर किया बड़ा हमला, ड्रोन अटैक से किया बबार्द
एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच कभी भी जंग दोबारा शुरू होने की आशंका है. वहीं दूसरी ओर यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि उनके सैन्यबलों ने रूस के रणनीतिक काला सागर बंदरगाह, नोवोरोस्सियस्क के प्रवेश द्वारा पर रूस के 'शैडो फ्लीट' (अवैध तेल बेड़े) के दो तेल टैंकरों पर निशाना साधा है.
एक ओर जहां यूक्रेन लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए रूस के तेल बुनियादी ढांचे और रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है. वहीं दूसरी ओर रूस ने भी ड्रोन हमलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की वजह से सीजफायर की संभावनाएं फिलहाल मद्धम पड़ चुकी है.
अवैध तेल के खिलाफ प्रतिबंध लगाना जारी
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर कहा, "हमारे सैनिक रूसी अवैध तेल टैंकरों के खिलाफ प्रतिबंध लगाना जारी रखा. उन्होंने नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह के प्रवेश द्वार पर पानी में ऐसे दो जहाजों को निशाना बनाया. ये टैंकर सक्रिय रूप से तेल परिवहन के लिए उपयोग में लाए जा रहे थे. अब नहीं. समुद्र, वायु और जमीन पर यूक्रेन की लंबी दूरी की क्षमताओं वाले हमले जारी रहने वाले हैं."
300 से अधिक ड्रोन दागे
इस घटना को लेकर रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से बयान सामने आया है. इसमें कहा गया कि वायु रक्षा तंत्र ने रातभर करीब 15 क्षेत्रों में 334 यूक्रेनी ड्रोन को रोका, इनमें मॉस्को के आसपास के क्षेत्र और सेंट पीटर्सबर्ग शहर वाला लेनिनग्राद क्षेत्र को शामिल किए गए हैं. अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है.
आपको बता दें कि यूक्रेन रूसी क्षेत्र के अंदरूनी हिस्सों में लगातार हमले कर रहा है. गौरतलब है कि यूक्रेन के ड्रोन ने बार—बार रूस के प्रमुख ऊर्जा स्थलों पर निशाना बनाया. काला सागर के किनारे मौजूद तुआपसे शहर में, जो मोर्चे से करीब 450 किलोमीटर दूर है. तेल रिफाइनरी और निर्यात टर्मिनल पर दो सप्ताह से थोड़े अधिक वक्त में चार बार अटैक हुए. इससे आग लग गई. लोगों से सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया. धुएं के बड़े गुबार उठे.
तेल पंपिंग स्टेशन पर हमला
यूक्रेन का दावा है कि उसने रूस के पर्म क्षेत्र में मौजूद एक तेल पंपिंग स्टेशन पर लगातार दो दिनों तक हमले किए. पर्म क्षेत्र 1,500 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है. रूसी मीडिया ने इस घटना की रिपोर्ट दी. हालांकि, क्षेत्रीय गवर्नर दिमित्री माखोनिन ने केवल औद्योगिक सुविधाओं पर ड्रोन हमले की पुष्टि की है.
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