मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध पर हुए क्रूज बोट हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार सुबह एक 5 साल के बच्चे और उसके चाचा के शव पानी से बरामद किए गए। यह हादसा गुरुवार शाम को आए भीषण तूफान के कारण हुआ था, जिसमें 40 से ज्यादा यात्रियों से भरी बोट पलट गई थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी
हादसे के बाद सेना, NDRF और SDRF की टीमों ने बड़ा बचाव अभियान चलाया। रविवार को मयूरम (5) और उसके चाचा कामराज के शव मिलने के साथ ही अब तक कुल 13 शव बरामद किए जा चुके हैं। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, बोट पर 43 लोग सवार थे, जिनमें से 28 को सुरक्षित बचा लिया गया है। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह बोट 2006 मॉडल की थी और इसे इस तरह डिजाइन किया गया था कि यह कभी न डूबे। सरकार का दावा है कि हादसा अचानक आए तेज तूफान और लहरों की वजह से हुआ है। फिर भी, मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी गई है और क्रूज के तीन सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। जांच टीम एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
चश्मदीदों ने लगाए लापरवाही के आरोप
हादसे में बची एक पर्यटक संगीता कोरी ने बताया कि क्रूज पर सुरक्षा के इंतजाम बेहद खराब थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रियों को पहले से लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी। जब बोट में पानी भरने लगा, तब क्रू मेंबर्स ने जैकेट बांटना शुरू किया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा नियमों का पालन होता, तो कई जान बचाई जा सकती थी।
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महाराष्ट्र के पुणे में चार साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस मामले में पुलिस की तत्परता और सरकार के सख्त रुख के बीच पीड़ित बच्ची के पिता का एक भावुक वीडियो सामने आया है। पिता ने हाथ जोड़कर राजनेताओं से एक खास अपील की है।
इंसाफ मिलने तक कोई नेता घर न आए
पीड़िता के पिता ने वीडियो जारी कर स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल जाता और अपराधी को फांसी नहीं हो जाती, तब तक कोई भी नेता उनके घर न आए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'यह हमारी विनम्र विनती है कि जब तक दोषी को मौत की सजा नहीं मिलती, तब तक कोई भी राजनेता संवेदना व्यक्त करने के लिए हमारे घर कदम न रखे। सजा मिलने के बाद ही हम किसी से मिलेंगे।'
आरोपी को फांसी दिलाने की तैयारी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। सरकार इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि वे इतने पुख्ता सबूत जुटाएंगे कि आरोपी को फांसी की सजा मिलना तय हो सके और उसे किसी भी कानूनी कमी का फायदा न मिले।
अपराधी का पुराना रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया है कि 65 वर्षीय आरोपी एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ 1998 में छेड़छाड़ और 2015 में पॉक्सो व हत्या की कोशिश जैसे गंभीर मामले दर्ज हुए थे। हालांकि, 2019 में सबूतों के अभाव में वह बरी हो गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी की मानसिकता शुरू से ही आपराधिक रही है, जिसे देखते हुए इस बार कड़ी कानूनी घेराबंदी की जा रही है।
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