बरसात के मौसम में 100 रुपये खर्च कर उगाएं कोचई, 25 किलो तक मिलेगा उत्पादन,जानें जैविक खेती का तरीका
बस्तर के किसान फरसु कश्यप बताते हैं कि सबसे पहले फावड़ा से गड्ढा खोदना है. इसके बाद गोबर खाद डालकर कांदा को लगा देना है. इसे अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती है. यह बरसात के पानी में अच्छा उग जाता है. लगभग एक महीने से डेढ़ महीने में इसके पत्ते बड़े होने लगते हैं, जिन्हें सब्जी के रूप में बनाया जा सकता है.
जंगलों में मिलने वाली देसी खेक्सी अब बनेगी कमाई का जरिया, बीज से भी तैयार करें पौधे
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मल्हार क्षेत्र में रहने वाले जैविक किसान यदुनंदन प्रसाद वर्मा ने देसी खेक्सी की खेती को लेकर लोगों के बीच बनी कई भ्रांतियों को दूर किया है. जंगलों, पहाड़ों और खेतों की मेड़ों पर प्राकृतिक रूप से मिलने वाली देसी खेक्सी अब व्यावसायिक खेती के जरिए किसानों की अच्छी कमाई का माध्यम बन रही है.
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