जोश हेजलवुड के पास होगा बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, बांग्लादेश के खिलाफ 5 विकेट लेते ही करेंगे बड़ा कारनामा
AUS vs BAN: बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड के पास एक बड़ा कीर्तिमान बनाने का मौका होगा. बांग्लादेश की टीम इस वक्त ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है, जहां दोनों टीमों के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी. इस सीरीज का आगाज 13 अगस्त से होगा. इस सीरीज का पहला टेस्ट मैच डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा. इस मैच में 5 विकेट लेते ही जोश हेजलवुड एक बड़ा मुकाम हासिल करेंगे और एक खास क्लब में शामिल होंगे.
जोश हेजलवुड के पास स्पेशल क्लब में शामिल होने का मौका
जोश हेजलवुड अपने 300 टेस्ट विकेट पूरे करने के बेहद करीब हैं. बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 5 विकेट लेते ही हेजलवुड टेस्ट में अपने 300 विकेट पूरा कर लेंगे. इसी के साथ वो टेस्ट क्रिकेट यह कारनामा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के 9वें और दुनिया के 42वें गेंदबाज बन जाएंगे. हेजलवुड ने 76 टेस्ट मैचों की 143 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 24.21 के औसत से कुल 295 विकेट अपने नाम किए हैं. इस दौरान उन्होंने 13 बार 5 विकेट लेने का कीर्तिमान बनाया है.
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट पर राज कर रहे हैं ये 'फैब 4' गेंदबाज
ऑस्ट्रेलिया के 'फैब 4' गेंदबाजों की बात करें तो ऑफ स्पिनर नाथन लियोन 567 विकेटों के साथ इस लिस्ट में टॉप पर मौजूद हैं. जबकि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क 433 विकेट के साथ दूसरे नंबर पर हैं. वहीं कप्तान पैट कमिंस 315 टेस्ट विकेट के साथ तीसरे नंबर पर काबिज हैं. जबकि जोश हेजलवुड फिलहाल 295 विकेट ले चुके हैं और टेस्ट क्रिकेट में अपने 300 विकेट पूरे करने से महज 5 कदम दूर हैं. इन चारों गेंदबाजों ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण को इतिहास के सबसे घातक और सफल आक्रमणों में से एक बनाया है.
Nathan Lyon - 567 wickets
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 11, 2026
Mitchell Starc - 433 wickets
Pat Cummins - 315 wickets
Josh Hazlewood - 295 wickets
Hazlewood needs 5 more wickets to complete 300 wickets in Tests - We are witnessing greatness from Fab 4 ???? pic.twitter.com/HNPciIv39n
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश टेस्ट सीरीज का शेड्यूल
पहला टेस्ट: 13-17 अगस्त, मरारा स्टेडियम, डार्विन,
दूसरा टेस्ट: 22-26 अगस्त, ग्रेट बैरियर रीफ एरीना, मैके
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश टीम का स्क्वाड
ऑस्ट्रेलिया की टीम: पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, कैमरून ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंगलिस, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, जेक वेदरल्ड, ब्यू वेबस्टर.
बांग्लादेश की टीम (पहला टेस्ट): नजमुल हुसैन शान्तो (कप्तान), मेहदी हसन मिराज (उप-कप्तान), सौम्या सरकार, शादमान इस्लाम, तंजीद हसन तमीम, मोमिनुल हक शोराब, मुशफिकुर रहीम, लिटन दास, अमित हसन, जेकर अली अनिक, ताइजुल इस्लाम, तस्कीन अहमद, हसन महमूद, सैयद खालिद अहमद, एबादोत हुसैन चौधरी, मुसफिक हसन.
मिचेल स्टार्क के पास भी होगा इतिहास रचने का मौका
बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मिचेल स्टार्क के पास भी इतिहास रचने का मौका होगा. मिचेल स्टार्क अपने घरेलू मैदान ऑस्ट्रेलिया में अब तक 138 इंटरनेशनल मैचों की 195 पारियों में गेंदबाजी करते हुए कुल 395 विकेट अपने नाम किए हैं. ऐसे में 5 विकेट लेते ही वो घरेलू मैदान पर अपने 400 इंटरनेशनल विकेट पूरा कर लेंगे. ऐसा करने वाले वो ऑस्ट्रेलिया के सिर्फ तीसरे गेंदबाज बन जाएंगे. वहीं घरेलू मैदानों पर ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल विकेट लेने का रिकॉर्ड शेन वॉर्न के नाम दर्ज है. वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया में 152 इंटरनेशनल मैचों की 213 पारियों में कुल 453 विकेट चटकाए हैं. वहीं, ग्लेन मैक्ग्रा ने 162 मैचों की 227 पारियों में 449 विकेट लेने का कारनामा किया है. जबकि स्टार्क 395 विकेट अपने नाम कर चुके हैं.
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा हरिद्वार, सेवा, सुरक्षा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ कांवड़ मेला-2026
देवभूमि उत्तराखंड में कांवड़ मेला-2026 ने आस्था, भक्ति और जनभागीदारी का अभूतपूर्व दृश्य प्रस्तुत किया. इस वर्ष करीब 5 करोड़ शिवभक्तों के हरिद्वार पहुंचने से धर्मनगरी में श्रद्धा का विराट स्वरूप देखने को मिला. देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कांवड़ियों ने गंगाजल उठाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया. विशाल जनसमूह के बावजूद प्रशासन और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रा को व्यवस्थित बनाए रखने की कोशिश की गई.
करोड़ों श्रद्धालुओं ने दिखाया महादेव के प्रति विश्वास
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में लगातार शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही. कंधों पर कांवड़, जुबां पर भोलेनाथ का नाम और मन में शिवभक्ति लिए श्रद्धालु कठिन यात्रा पूरी करते नजर आए.
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का हरिद्वार पहुंचना भगवान शिव के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है. साथ ही यह उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति देशभर के लोगों के विश्वास को भी रेखांकित करता है.
भक्ति के साथ दिखा अनुशासन और सेवा का भाव
कांवड़ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर सेवा और जनसहयोग का भी उदाहरण बना. विशाल भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां लगातार सक्रिय रहीं.
यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई.
पुलिस और प्रशासन की अहम भूमिका
इतने बड़े जनसमागम को सुरक्षित तरीके से संचालित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहा. पुलिस और प्रशासन की टीमों ने यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े मोर्चों पर काम किया.
इसके साथ ही आपदा प्रबंधन दलों को भी सतर्क रखा गया. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया.
स्वच्छता कर्मियों और स्वयंसेवकों का भी योगदान
कांवड़ यात्रा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखना भी एक बड़ी जिम्मेदारी थी. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच स्वच्छता कर्मियों ने लगातार काम किया. स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं तथा स्थानीय नागरिकों ने भी श्रद्धालुओं की सहायता में योगदान दिया. इन सभी के सामूहिक प्रयासों ने कांवड़ मेले को व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उत्तराखंड की सेवा परंपरा का दिखा स्वरूप
कांवड़ मेले के दौरान उत्तराखंड ने एक बार फिर अपनी सेवा और आतिथ्य की परंपरा को सामने रखा. स्थानीय लोगों से लेकर प्रशासनिक अमले तक, सभी ने अपनी-अपनी भूमिका निभाते हुए श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में योगदान दिया.
करीब 5 करोड़ शिवभक्तों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि देवभूमि के धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है.
महादेव से सभी के कल्याण की कामना
कांवड़ मेला-2026 के सफल आयोजन के बाद अब सभी शिवभक्तों के लिए भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जा रही है. आस्था के इस विराट आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भक्ति के साथ सेवा, सहयोग और अनुशासन जुड़ जाएं तो विशाल जनसमागम भी सकारात्मक अनुभव में बदल सकता है.
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