Cannes Film Festival: 'टॉक्सिक' की रिलीज से पहले रेड कार्पेट पर जलवा बिखेरने को तैयार तारा सुतारिया, कान्स फिल्म फेस्टिवल में करेंगी डेब्यू
Tara Sutaria Debut In Cannes Film Festival: अभिनेत्री तारा सुतारिया 2026 में अपने पहले कान्स फिल्म फेस्टिवल डेब्यू के लिए तैयार हैं, जहां वह ग्लोबल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
सियोल में अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन, दक्षिण कोरिया के मामलों में दखल का आरोप
सियोल, 2 मई (आईएएनएस)। सियोल में शनिवार को एक प्रोग्रेसिव (प्रगतिशील) नागरिक समूह ने अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाते हुए अमेरिका पर दक्षिण कोरिया के अंदरूनी मामलों में दखल देने का आरोप लगाया।
पुलिस के मुताबिक, करीब 500 लोग ग्वांगवामुन इलाके में अमेरिकी दूतावास के बाहर जमा हुए। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था कि अमेरिका दक्षिण कोरिया की संप्रभुता (आत्मनिर्भरता) को कमजोर कर रहा है और सियोल से के-पॉप एंटरटेनमेंट पावरहाउस हाइब के चेयरमैन बैंग सी-ह्युक पर एग्जिट बैन हटाने की रिक्वेस्ट करके उसके घरेलू मामलों में दखल दे रहा है।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग पर हमला कर रहा है, क्योंकि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध में साथ देने से इनकार किया है और साथ ही वे युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल को जल्दी अमेरिका से वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने वॉशिंगटन की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने उत्तर कोरिया से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगा दी है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने एक अज्ञात उत्तर कोरियाई परमाणु सुविधा से जुड़ी साझा जानकारी को एकतरफा तरीके से सार्वजनिक कर दिया था। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका की ओर से मिशेल पार्क स्टील (एक कंजर्वेटिव और पूर्व रिपब्लिकन सांसद) को दक्षिण कोरिया में नया राजदूत बनाने के फैसले की भी आलोचना की।
कैंडललाइट एक्शन नाम के इस सिविक ग्रुप के लोग जोंगगाक स्टेशन से मार्च करते हुए आए और फिर दूतावास के सामने रुककर रैली की।
पुलिस ने लाउडस्पीकर से दो बार चेतावनी दी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए कहा। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक मान गए और कोई झड़प नहीं हुई।
कुछ घंटे पहले, करीब 6,000 लोगों ने एक अलग प्रदर्शन किया, जो एक कंजर्वेटिव समूह से जुड़े थे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कट्टरपंथी पादरीजियोन क्वांग-हून कर रहे थे।
इन लोगों ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल की ओर से लगाए गए थोड़े समय के मार्शल लॉ को सही ठहराया। उनका कहना था कि अगर देश मुश्किल में हो तो नेता को ऐसा कदम उठाने का अधिकार है।
फरवरी 2026 में भी कंजर्वेटिव और प्रोग्रेसिव समूह कैंडललाइट एक्शन ने अलग-अलग रैलियां की थीं। उस समय एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को 2024 में मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद कहीं गुस्सा तो कहीं खुशी देखने को मिली थी।
--आईएएनएस
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