Assam Assembly Elections: क्या असम में पलटेगा पासा? नतीजों से पहले कांग्रेस गठबंधन की बड़ी बैठक, जीत की हुंकार
Assam Assembly Elections: असम विधानसभा चुनाव के नतीजों की घड़ी करीब आते ही प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है. सोमवार 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों ने अपनी ताकत झोंक दी है. शनिवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षकों और गठबंधन के नेताओं ने चुनाव परिणामों को लेकर लंबी चर्चा की.
बैठक में कई दिग्गज नेता थे शामिल
इस बैठक में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जितेंद्र सिंह जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए. कांग्रेस ने इस बार राज्य में रायजोर दल, असम जातीय परिषद (एजेपी), सीपीआई (एम), एपीएचएलसी और सीपीआई (एमएल) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है. गठबंधन के नेताओं का मानना है कि जमीन पर लहर उनके पक्ष में है और नतीजे चौंकाने वाले होंगे.
#WATCH | Guwahati, Assam | On exit polls, Assam Congress President Gaurav Gogoi says, "They are now just a game of TRP... and this is why they need some introspection..."
— ANI (@ANI) May 2, 2026
He also says, "People will shift from the BJP because they are already calling and saying they don't want… pic.twitter.com/7dDYkdDwUi
गठबंधन की जीत का अटूट भरोसा
बैठक खत्म होने के बाद असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि असम में बदलाव की बयार बह रही है. उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के सभी साथियों के बीच इस बात पर आम सहमति बनी है कि वे राज्य में आसानी से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रहे हैं. गौरव गोगोई ने उन तमाम एग्जिट पोल को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें भाजपा की बड़ी जीत दिखाई गई है. उन्होंने इसे सत्ताधारी दल की एक चाल बताया और कहा कि भाजपा केवल अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है ताकि मतगणना के दिन मानसिक बढ़त बना सके. गोगोई के अनुसार असम की जनता ने किसान विरोधी नीतियों और बेरोजगारी के खिलाफ वोट किया है.
जनता के मौन समर्थन का दावा
कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि इस बार मतदाताओं ने अपनी राय जाहिर नहीं की है. बैठक में यह बात निकलकर आई कि असम के किसानों, युवाओं और महिलाओं ने बहुत सोच समझकर नई सरकार चुनने के लिए मतदान किया है. गौरव गोगोई ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे 4 मई तक स्ट्रॉन्ग रूम पर कड़ी नजर रखें. उन्होंने कहा कि हमें किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए तैयार रहना होगा. गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और भाजपा के फैलाए हुए जाल में नहीं फंसने वाला है. कांग्रेस को उम्मीद है कि ग्रामीण इलाकों में उन्हें जबरदस्त समर्थन मिला है जो एग्जिट पोल में नजर नहीं आ रहा है.
एग्जिट पोल और जमीनी हकीकत की जंग
अगर हम विभिन्न एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखें तो वहां तस्वीर कुछ अलग नजर आती है. एक्सिस माई इंडिया और जेवीसी जैसे सर्वे संगठनों ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 126 सीटों में से 85 से 100 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है. दूसरी तरफ कांग्रेस गठबंधन को केवल 24 से 36 सीटों के बीच सिमटता दिखाया गया है. हालांकि, कांग्रेस इन आंकड़ों को महज एक अनुमान मान रही है. पार्टी का कहना है कि साल 2021 के चुनाव में भी कई सर्वे गलत साबित हुए थे और इस बार भी वही होगा.
असम का सियासी समीकरण क्या कहता है?
असम की सत्ता पर काबिज होने के लिए बहुमत का आंकड़ा 64 है. सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस बार भी अपनी पकड़ मजबूत रखने के लिए एनडीए के साथियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है. वहीं, कांग्रेस ने राज्य में छह दलों का एक मजबूत मोर्चा तैयार किया था ताकि विपक्षी वोटों का बंटवारा रोका जा सके. अब 4 मई को यह साफ हो जाएगा कि जनता ने बीजेपी के विकास के दावों पर मुहर लगाई है या कांग्रेस के बदलाव के वादे पर. फिलहाल, गुवाहाटी के होटलों में बढ़ती हलचल यह बता रही है कि असम की राजनीति में आने वाले कुछ दिन काफी गहमागहमी भरे रहने वाले हैं.
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चुनाव आयोग का फैसला, बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को दोबारा होगा मतदान
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा निर्णय लिया है. चुनाव आयोग ने फलता विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को वोटिंग स्थगित करने का ऐलान किया है. चुनाव आयोग ने अलग से इस सीट के सभी पोलिंग बूथों पर 21 मई को दोबारा से मतदान कराने का ऐलान किया है. इस सीट पर 24 मई को वोटों की गिनती होगी.
चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 29 अप्रैल 2026 को फलता विधानसभा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में पोलिंग स्टेशनों पर वोटिंग के दौरान गंभीर चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखलंदाजी की घटना सामने आई थी.
285 पोलिंग स्टेशनों पर नए सिरे से मतदान को कराया
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि इसके कारण सहायक पोलिंग स्टेशनों समेत सभी 285 पोलिंग स्टेशनों पर नए सिरे से मतदान को कराया जाएगा. सभी पोलिंग स्टेशनों पर 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे के बीच नए सिरे से वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 24 मई 2026 को होगी.
मतदान के दिन लगे थे गड़बड़ी के आरोप
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के 294 सीटों पर दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग हुई. 29 अप्रैल को वोटिंग के दौरान फलता सीट पर ईवीएम से छेड़छाड़ करने और टेप चिपकाने का केस सामने आया था. इसे लेकर चुनाव आयोग ने जांच के आदेश दिया था. जांच की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने फलता सीट पर वोटिंग को स्थगित करने का निर्णय लिया है.
राज्य में 4 मई को मतों की गितनी होगी. चुनाव आयोग के इस फैसले से साफ है कि इस दिन फलता विधानसभा सीट पर हुए मतदान की वोटिंग की गिनती नहीं होगी, बल्कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद 21 मई को फिर से फलता सीट पर मतदान कराये जाएंगे. चार मई को राज्य की 293 सीटों पर ही वोटों की गिनती होगी.
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