Ayodhya Ram Mandir चंदा चोरी आरोपी के मकान पर सुनवाई 14 अगस्त को करेगा ADA
अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी के निर्माणाधीन मकान से जुड़े मामले की सुनवाई 14 अगस्त को करेगा। प्राधिकरण के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। एडीए ने सोहावल के बनीपुर इलाके में बन रहे मकान को लेकर लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
आरोप था कि निर्माण कार्य में भवन निर्माण के नियमों का उल्लंघन किया गया है। प्राधिकरण ने स्वीकृत भवन योजना और अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे थे। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी की जांच के बीच यह संपत्ति जांच के दायरे में आई है।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह संपत्ति लवकुश मिश्रा की गिरफ्तारी से पहले कथित तौर पर गबन किए गए चंदे से खरीदी गई हो सकती है। एडीए सचिव राजेश मिश्रा ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, लवकुश मिश्रा के मकान के मामले की सुनवाई अब 14 अगस्त को होगी। प्राधिकरण ने सबसे पहले तीन जुलाई को नोटिस जारी किया था।
कोई जवाब न मिलने पर 14 जुलाई को दो मंजिला इमारत पर अंतिम नोटिस चस्पा किया गया। इसमें सुप्रिया मिश्रा को जरूरी दस्तावेज पेश करने का मौका दिया गया और चेतावनी दी गई कि ऐसा न करने पर इमारत को सील किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, मिश्रा ने पिछले साल 16 अक्टूबर को बनीपुर में अपनी पत्नी के नाम पर 1,000 वर्ग फुट का प्लॉट खरीदा था।
वह राम मंदिर में नकद चंदे की गिनती करने वाले ‘आउटसोर्स’ कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था और उसे 15,000 रुपये मासिक वेतन मिलता था। मिश्रा फिलहाल कथित चोरी के मामले में जेल में बंद है और स्थानीय अदालत ने सोमवार को सभी आरोपियों की रिमांड 14 दिन और बढ़ा दी। अयोध्या पुलिस ने पहले उनके ठिकानों से 14.25 लाख रुपये बरामद किए थे।
वह मंदिर के चंदा-गिनती प्रक्रिया से जुड़े उन आठ लोगों में शामिल था, जिन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को दर्ज प्राथमिकी के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सबसे ज़्यादा नकद 20.39 लाख रुपये सह-आरोपी अविनाश शुक्ला से बरामद किया गया। जांचकर्ताओं ने विदेशी मुद्रा, सोना और चांदी के अलावा ‘रामराज्य कोष’ लिखा हुआ एक दान पात्र भी बरामद किया।
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला सात जून को सामने आया था और इस मामले की जांच की जा रही है।
Hemant Soren का आरोप: BJP राजनीतिक लाभ के लिए अभ्यर्थियों को गुमराह कर रही है
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए उसके नेताओं पर राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए आंदोलनकारियों से संवाद और विश्वास के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील भी की। झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया।
सोरेन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, मैं... समझता हूं कि आपके शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने माहौल खराब करने और राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि ऐसे किसी भी राजनीतिक बहकावे में न आएं। आप झारखंड का भविष्य हैं।
उन्होंने कहा कि यह छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करने का नहीं, बल्कि उसे सुनने और समस्याओं को सुलझाने का विषय है, जो कि सरकार की जिम्मेदारी है। सोरेन ने कहा, आपने अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना आपका अधिकार है और आपकी राय का सम्मान करना सरकार का फर्ज है।
मैं आपको आश्वासन देता हूं कि सरकार आपकी मांगों पर अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, हम परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। हमारा स्पष्ट उद्देश्य व्यवस्था की कमियों को दूर करना है ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की बात सुनी है और उनके साथ लगातार बातचीत जारी है। सोरेन ने कहा, पिछले कुछ दिनों में आपने देखा है कि सरकार ने किसी को भी नहीं बख्शा है, चाहे दोषी कोई भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास केवल समस्याओं पर चर्चा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाधान की एक नयी मिसाल कायम करने के लिए काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, बात आपकी आवाज को अनसुना करने की नहीं है, बल्कि आपकी बात सुनने और आपकी समस्याओं का समाधान करने की है – और यह हमारी जिम्मेदारी है। मैं अपनी बात दोहराऊंगा कि आइए बातचीत और आपसी विश्वास के जरिए मिलकर इस मुद्दे को सुलझाएं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को छात्रों के आंदोलन के दौरान स्थिति को धैर्य और संवेदनशीलता के साथ संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों व कर्मियों का आभार भी व्यक्त किया।
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