Hemant Soren का आरोप: BJP राजनीतिक लाभ के लिए अभ्यर्थियों को गुमराह कर रही है
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए उसके नेताओं पर राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए आंदोलनकारियों से संवाद और विश्वास के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील भी की। झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया।
सोरेन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, मैं... समझता हूं कि आपके शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने माहौल खराब करने और राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि ऐसे किसी भी राजनीतिक बहकावे में न आएं। आप झारखंड का भविष्य हैं।
उन्होंने कहा कि यह छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करने का नहीं, बल्कि उसे सुनने और समस्याओं को सुलझाने का विषय है, जो कि सरकार की जिम्मेदारी है। सोरेन ने कहा, आपने अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना आपका अधिकार है और आपकी राय का सम्मान करना सरकार का फर्ज है।
मैं आपको आश्वासन देता हूं कि सरकार आपकी मांगों पर अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, हम परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। हमारा स्पष्ट उद्देश्य व्यवस्था की कमियों को दूर करना है ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की बात सुनी है और उनके साथ लगातार बातचीत जारी है। सोरेन ने कहा, पिछले कुछ दिनों में आपने देखा है कि सरकार ने किसी को भी नहीं बख्शा है, चाहे दोषी कोई भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास केवल समस्याओं पर चर्चा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाधान की एक नयी मिसाल कायम करने के लिए काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, बात आपकी आवाज को अनसुना करने की नहीं है, बल्कि आपकी बात सुनने और आपकी समस्याओं का समाधान करने की है – और यह हमारी जिम्मेदारी है। मैं अपनी बात दोहराऊंगा कि आइए बातचीत और आपसी विश्वास के जरिए मिलकर इस मुद्दे को सुलझाएं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को छात्रों के आंदोलन के दौरान स्थिति को धैर्य और संवेदनशीलता के साथ संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों व कर्मियों का आभार भी व्यक्त किया।
Prayagraj में फर्जी LLB अंकपत्र से वकालत प्रमाण पत्र पाने वाले 39 वकीलों पर FIR दर्ज
प्रयागराज की सिविल लाइंस पुलिस ने कथित तौर पर एलएलबी के फर्जी अंक पत्र के आधार पर नामांकन कराने और वकालत का प्रमाण पत्र (सीओपी) हासिल करने वाले 39 अधिवक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सिविल लाइंस थाना के प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल, उप्र) के सचिव आरके शुक्ला ने ऐसे 105 अधिवक्ताओं के खिलाफ तहरीर दी है जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी अंक पत्र के आधार पर सीओपी हासिल किया और वकालत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में 39 अधिवक्ताओं के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं और अगले एक- दो दिनों में शेष अधिवक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर इस मामले की विवेचना शुरू की जाएगी।
पुलिस द्वारा शुक्रवार को सहारनपुर निवासी दीपक कश्यप के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मोहम्मद कफील बनाम उप्र सरकार के मामले में तीन जून, 2026 को पारित आदेश में निर्देश दिया था कि बार काउंसिल, उप्र में पंजीकृत ऐसे अधिवक्ता जिनकी डिग्री सत्यापन के दौरान फर्जी पाई गई, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। तहरीर के मुताबिक, दीपक कश्यप ने सीओपी आवेदन के साथ जो डिग्री संलग्न की थी, उसके सत्यापन के लिए उसे श्रीधर विश्वविद्यालय, पिलानी, राजस्थान प्रेषित किए जाने पर यह आख्या प्राप्त हुई कि अभिलेख के अनुसार, अंक पत्र की छायाप्रति गलत एवं असत्य है। यादव ने बताया कि कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 338 (जाली दस्तावेज तैयार करने की जालसाजी), 336(3) (छल करने के इरादे से जाली दस्तावेज तैयार करना) और 340(2) (जाली दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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