ईरान ने अमेरिका से युद्ध जारी रखने के दिए संकेत, बोला-ट्रंप की नीयत पर विश्वास नहीं कर सकते
ईरान अब अमेरिका के किसी भी प्रस्ताव को लेकर विश्वास नहीं जता रहा है. उसे डर है कि प्रस्ताव के पीछे किसी तरह का बड़ा षड्यंत्र तो नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सैन्य कमान से जुड़े अफसर मोहम्मद जाफर असदी ने साफ संकेत दिया है कि अमेरिका की हालिया बयानबाजी ही उसकी नीयत पर सवाल खड़े करती है. कुल मिलाकर ईरान के इस बयान से यही संदेश निकलकर आ रहा है कि उसे अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. दरअसल, इस पूरे मामले में बेचैनी तब और बढ़ गई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान सामने आया. ट्रंप ने साफ कहा कि 'हम पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं दे सकते हैं.' ट्रंप के बयान ने आग में घी का काम किया है. इसे ईरान के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है. इससे दोनों देशों के बीच माहौल को और भी ज्यादा गंभीर बना दिया है.
ईरान का साफ संदेश
ईरान की ओर से साफ कहा गया है कि उनकी सेना पूरी तरह से अलर्ट पर है. अगर हालात बिगड़ते हैं या अमेरिका की ओर से कोई नई कार्रवाई होती है तो उसका जवाब देने के लिए वे तैयार हैं. असदी के अनुसार, अगर कोई 'नई हरकत या गलती' होती है, तो ईरान पीछे हटने वाला नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के कई बयान सिर्फ दिखावे को लेकर दिए गए हैं.
अलग-अलग गुटों में ये बंटा हुआ
उनका मकसद असली समस्या को हल करना नहीं है. खास तौर पर तेल के दामों और अपनी छवि को लेकर अमेरिका ज्यादा चिंतित रहा है. वहीं दूसरी ओर ट्रंप ने यह साफ कर दिया कि ईरान के साथ बातचीत जारी है. वह उनकी शर्तों पर खरा नहीं उतर रही. उन्होंने कहा कि ईरान कुछ ऐसी मांगें रख रहा है, जिन्हें वह मानने को तैयार नहीं हैं. इसके साथ ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि ईरान के अंदर के नेतृत्व एकजुट नहीं हो रहा है. अलग-अलग गुटों में ये बंटा हुआ है.
जंग दोबारा से शुरू हो सकती है
इन बयानों से यह साफ हो चुका है कि दोनों देशों के बीच भरोसा लगातार कमजोर हो चुका है. एक ओर ईरान सीधे तौर पर यह कह रहा है कि जंग दोबारा से शुरू हो सकती है. वहीं दूसरी ओर अमेरिका भी कड़ रुख अपना रहा है. अब देखना यह है कि क्या तनाव आगे जाकर किसी बड़े टकराव में बदल जाएगा या कोई बातचीत से रास्ताा निकलेगा. फिलहाल हालात बता रहे हैं कि स्थिति नाजुक है. आने वाले तीन से चार काफी अहम हो सकते हैं.
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