विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह का न्यूयॉर्क दौरा, अंतरराष्ट्रीय माइग्रेशन फोरम में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। विदेश राज्यमंत्री (एमओएस) कीर्तिवर्धन सिंह 4 से 8 मई तक न्यूयॉर्क में होने वाले दूसरे इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम (आईएमआरएफ) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह जानकारी शनिवार को विदेश मंत्रालय (एमईए) ने दी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम (आईएमआरएफ) एक अहम वैश्विक मंच है, जहां देश मिलकर माइग्रेशन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं और यह देखते हैं कि ग्लोबल कॉम्पैक्ट ऑन माइग्रेशन और सतत विकास लक्ष्यों पर कितना काम हुआ है।
इस फोरम में चार इंटरैक्टिव राउंड टेबल होंगी, जिनमें अलग-अलग पक्षों की भागीदारी होगी। साथ ही एक पॉलिसी डिबेट और एक प्लेनरी सेशन भी होगा। आखिर में एक प्रोग्रेस डिक्लेरेशन (प्रगति घोषणा) अपनाई जाएगी।
यह दूसरा आईएमआरएफ है, जो 2022 में हुए पहले फोरम के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस समय भारत ने इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था और अपने प्रवासी समुदाय के हितों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह इस फोरम के प्लेनरी सेशन में भारत की ओर से राष्ट्रीय बयान देंगे। इसके अलावा, भारत एक साइड इवेंट भी आयोजित करेगा, जिसका विषय होगा “माइग्रेशन गवर्नेंस में डिजिटल इनोवेशन का इस्तेमाल-भारत का ई-माइग्रेट अनुभव”।
अमेरिका दौरे के दौरान सिंह संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों और फोरम में शामिल होने वाले अन्य देशों के मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
आईएमआरएफ एक ऐसा प्रमुख वैश्विक मंच है, जहां ग्लोबल कॉम्पैक्ट फॉर सेफ, ऑर्डरली एंड रेगुलर माइग्रेशन (जीसीएम) के लागू होने की प्रगति की समीक्षा की जाती है। यह एक गैर-बाध्यकारी ढांचा है, जो देशों के बीच माइग्रेशन से जुड़े सभी पहलुओं पर सहयोग को बढ़ावा देता है।
यह दूसरा आईएमआरएफ, जो हर चार साल में होता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष की मेजबानी में आयोजित किया जा रहा है। इसका मकसद जीसीएम पर हुई प्रगति की समीक्षा करना और आने वाले पांच सालों की दिशा तय करना है।
इसमें चार इंटरैक्टिव राउंड टेबल, एक पॉलिसी डिबेट और एक प्लेनरी सेशन शामिल होगा। इससे पहले चार मई को एक अनौपचारिक मल्टी-स्टेकहोल्डर बैठक भी होगी, जिसकी मेजबानी महासभा के अध्यक्ष करेंगे। अंत में सभी देश मिलकर एक प्रोग्रेस डिक्लेरेशन पर सहमति बनाएंगे।
--आईएएनएस
एवाई/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अब तक 2,922 नाविक सुरक्षित वापस लाए गए, खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले जहाज पूरी तरह सुरक्षित: सरकार
नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। सरकार ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि अब तक 2,922 से अधिक भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 30 लोग खाड़ी क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से लाए गए हैं।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और समुद्री गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहा है।
मंत्रालय ने कहा, क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम ने अब तक 8,335 कॉल्स और 17,838 से अधिक ईमेल संभाले हैं। पिछले 24 घंटों में 67 कॉल और 144 ईमेल प्राप्त हुए।
बयान में आगे कहा गया है कि देश भर के बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी जाम (कंजेशन) की स्थिति नहीं है।
विदेश मंत्रालय भी खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रहा है।
सरकार ने बताया कि समय-समय पर नई एडवाइजरी जारी की जा रही हैं, जिनमें स्थानीय नियम, यात्रा और उड़ानों की जानकारी, कांसुलर सेवाएं और अन्य सुविधाओं के बारे में बताया जाता है। भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीयों और संगठनों से लगातार संपर्क में हैं और उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
उड़ानों की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है और खाड़ी क्षेत्र से भारत के लिए अतिरिक्त उड़ानें भी चलाई जा रही हैं। यूएई में सुरक्षा और संचालन के आधार पर सीमित कमर्शियल फ्लाइट्स चल रही हैं। सऊदी अरब और ओमान से भी भारत के लिए नियमित उड़ानें जारी हैं।
सरकार ने बताया कि इराक का हवाई क्षेत्र सीमित उड़ानों के साथ खुला है, जिससे लोग भारत आ सकते हैं। ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है, जहां कार्गो और चार्टर्ड उड़ानें चल रही हैं।
भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है और जो लोग वहां हैं, उन्हें भारतीय दूतावास की मदद से जमीनी रास्तों से वापस आने के लिए कहा गया है।
अब तक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 2,490 भारतीय नागरिकों को ईरान से जमीनी रास्तों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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