Gujarat में एशियाई शेरों की संख्या 891 हुई: CM Bhupendra Patel ने इसे बताया राष्ट्रीय गर्व
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को कहा कि एशियाई शेर राष्ट्रीय गौरव और सम्मान का अभिन्न अंग हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में इस प्रजाति के संरक्षण और संवर्धन की बड़ी जिम्मेदारी को भी स्वीकार किया। विश्व शेर दिवस के अवसर पर पोरबंदर में आयोजित एक कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया है।
राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री अर्जुन मोढ़वाडिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, एशियाई शेर हमारे राष्ट्रीय गौरव और सम्मान का अभिन्न हिस्सा हैं। इन शेरों के संरक्षण और उनके कुनबे को बढ़ाने की जिम्मेदारी गुजरात के लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने शेरों के संरक्षण और संवर्धन में स्थानीय लोगों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय समाज ने शेरों के साथ सह-अस्तित्व को पूरे दिल से स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इस भावना को और व्यापक बनाया जाए और जनभागीदारी बढ़ाई जाए, तो मानव-जंतु संघर्ष की अप्रिय घटनाओं को रोकने में और अधिक सफलता हासिल होगी। पटेल ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार के निरंतर और संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण गुजरात में शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों और शेरों के बीच सह-अस्तित्व की भावना मजबूत हुई है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले ढाई दशकों में शेरों का दायरा तीन जिलों से बढ़कर 11 जिलों तक फैल गया है।
Manipur के Kangpokpi जिले में उपद्रवियों ने जलाए घर, छात्र संगठन ने जताया विरोध
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार दोपहर हथियारबंद बदमाशों ने कुछ घरों को आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुकी बहुल जिले में हुई इस घटना से जुड़ीं परिस्थितियों का पता नहीं चल पाया है।
उन्होंने कहा कि नुकसान कितना हुआ है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बल इलाके में पहुंच गए हैं। इस बीच, कांगपोकपी जिला कुकी छात्र संगठन सदर हिल्स ने हथियारबंद समूहों द्वारा आम लोगों के घर जलाए जाने की कड़ी निंदा की।
छात्र संगठन ने एक बयान में कहा, यह कृत्य शांति को नुकसान पहुंचाने और निर्दोष ग्रामीणों में डर फैलाने का प्रत्यक्ष प्रयास है। संगठन ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से दोषियों को गिरफ्तार करने की अपील की। मणिपुर में जातीय हिंसा में 3 मई 2023 से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
लगातार जातीय हिंसा और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। करीब एक साल बाद चार फरवरी को इसे हटा दिया गया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








