Madhya Pradesh में भारी बारिश से 98 लोग सुरक्षित बचाए गए, नदियां उफान पर
मध्यप्रदेश के कई जिलों में सोमवार को भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं और जलभराव वाले इलाकों से राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) तथा होमगार्ड के जवानों ने 98 लोगों को सुरक्षित निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वहीं, राजगढ़ जिले में एक नाले को पार करते समय 11 यात्रियों से भरी एक वैन के तेज बहाव में बह जाने से एक लड़की समेत नौ लोगों की मौत हो गई।
पुलिस ने यह जानकारी दी। एसडीईआरएफ मुख्यालय, भोपाल से सभी संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सभी जिला मुख्यालयों पर त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), आपदा राहत वाहन, नाव और आधुनिक उपकरण तैयार रखे गए हैं।
होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को कई जिलों से जलभराव और बाढ़ में लोगों के फंसे होने की सूचनाएं मिलीं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय दलों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर विभिन्न स्थानों से 98 लोगों, सात मवेशियों और चार पालतू जानवरों को सुरक्षित निकाला। श्रीवास्तव ने बताया कि सीहोर जिले के जमनी गांव में नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से गंभीर स्थिति पैदा हो गई।
वहां 23 वर्षीय गर्भवती महिला गीता राजपूत और परिवार के तीन अन्य सदस्य घर में फंस गए थे। उन्होंने बताया कि एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रबर की नाव की मदद से गर्भवती महिला तथा परिवार के तीन सदस्यों को सुरक्षित निकालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया। सीहोर के अहमदपुर थाना क्षेत्र में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों को भी एसडीईआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।
भोपाल के सुखी सेवनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालमपुर गांव में बांध की दीवार टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी इलाके में घुस गया। एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बढ़ते पानी में फंसे 19 लोगों और चार पालतू जानवरों को सुरक्षित निकाला। इसी क्षेत्र में बाढ़ के पानी से भरे नाले में फंसे चार लोगों को त्वरित प्रतिक्रिया दल ने बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
विदिशा जिले के करारिया थाना क्षेत्र के बामनखेड़ा गांव में बाढ़ में फंसे 15 मजदूरों को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की संयुक्त टीम ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इन मजदूरों में दो महिलाएं और छह बच्चे शामिल थे। विदिशा के ही पथरिया गांव में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों और सात मवेशियों को भी बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इस बीच, ओंकारेश्वर के अभयपुरी घाट पर नदी में स्नान करते समय तेज बहाव में तीन श्रद्धालु बहने लगे। एसडीईआरएफ के जवान तेजपाल और बल बहादुर ने लाइफ जैकेट पहनकर नदी में छलांग लगाई और तीनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचा लिया। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के बड़ाहेरी गांव में बाढ़ के कारण मंदिर की छत पर शरण लिए 15 लोगों को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने सुरक्षित निकाला।
इसी तरह, आगर मालवा जिले के सोयत थाना क्षेत्र में व्यापक जलभराव की सूचना मिलने पर एसडीईआरएफ, होमगार्ड और आपदा राहत दल ने मौके पर पहुंचकर करीब 30 से 40 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
Ahmedabad में FIR दर्ज: PM Modi के होर्डिंग पर चिपकाए गए विवादित स्टिकर
अहमदाबाद में एक सरकारी होर्डिंग पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाने वाले विवादास्पद नारे वाले स्टिकर चिपके पाए गए। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच अगस्त को नवरंगपुरा इलाके में सरकारी होर्डिंग पर विवादास्पद स्टिकर चिपकाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बाद में स्टिकर हटा दिए। शिकायत के अनुसार, ये स्टिकर रेलवे क्रॉसिंग के पास प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को उल्लेखित करने वाले सरकारी विज्ञापन पोस्टर पर चिपकाए गए थे, जिस पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर थी। इन स्टिकरों पर नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन और उसमें ‘जेन-जी’ की भागीदारी को लेकर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लिखे थे।
प्राथमिकी में कहा गया है कि अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) की निविदा प्रक्रिया के तहत एक निजी कंपनी ने होर्डिंग को लीज पर लिया था और यह सरकारी संपत्ति थी। होर्डिंग का प्रबंधन करने वाली कंपनी के प्रबंधक ने शिकायत में कहा कि पांच अगस्त की शाम अज्ञात लोगों ने विवादास्पद स्टिकर चिपकाकर होर्डिंग के ढांचे, रोशनी और मूल पोस्टर को नुकसान पहुंचाया। शिकायत के अनुसार, नुकसान की कुल कीमत 26,500 रुपये आंकी गई है।
नवरंगपुरा थाने में रविवार शाम भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 324(4), जो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली शरारत से संबंधित है और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा तीन के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। नवरंगपुरा थाने के निरीक्षक एन.ए. देसाई ने कहा, ‘‘ऐसे पोस्टर चिपकाने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।’’ उन्होंने बताया कि विवादास्पद स्टिकर हटा दिए गए हैं।
निरीक्षक ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्टिकर चिपकाने तथा होर्डिंग को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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