Ghaziabad: लोनी में दुकान की छत गिरने से कर्मचारी की मौत, दो घायल
गाजियाबाद के लोनी इलाके में सोमवार शाम हार्डवेयर की दुकान की छत का एक हिस्सा गिर जाने से एक कर्मचारी की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना शाम करीब पांच बजे लोनी बॉर्डर पुलिस थाना इलाके के गुलाब वाटिका में स्थित आयरन मार्केट में ‘पारस स्टील’ नाम की हार्डवेयर की दुकान पर हुई।
पुलिस, दमकल के कर्मचारी और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव अभियान शुरू किया। दुकान के पिछले हिस्से में तीन कर्मचारी काम कर रहे थे, तभी अचानक छत गिर गई और वे मलबे और ऊपर रखे सामान के नीचे दब गए। अंकुर विहार के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अमरदीप कुमार मौर्य ने बताया कि दुकान दिल्ली के ज्योति नगर निवासी अभिषेक जैन की है और घटना के समय उनके परिवार के सदस्य कुणाल जैन काउंटर पर बैठे थे।
पुलिस के मुताबिक, घटना के कुछ ही देर बाद जतिन और अर्जुन को बचा लिया गया। उन्हें मामूली चोटें आईं। बाराबंकी निवासी तीसरा कर्मचारी मुकेश मलबे में फंसा हुआ था।
पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), दमकल विभाग और नगर निगम की टीमों ने मिलकर करीब तीन घंटे तक बचाव अभियान चलाया। इसके बाद मुकेश को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि मुकेश की मौत दम घुटने से हुई।
मौर्य ने बताया कि दुकान पहली मंजिल पर थी। आरोप है कि वहां पर्याप्त पिलर नहीं थे और कोई मजबूत कंक्रीट स्लैब भी नहीं था; छत बीम और स्लैब से बनी थी। उन्होंने कहा कि जब छत गिरी, तब तीसरी मंजिल पर कुछ निर्माण कार्य भी चल रहा था।
पुलिस और बचाव दलों ने इलाके की घेराबंदी की और मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी रखा। अधिकारियों ने बताया कि छत गिरने के कारण और इमारत की हालत की जांच की जा रही है। लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य में तेजी लाने तथा पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
Madhya Pradesh में भारी बारिश से 98 लोग सुरक्षित बचाए गए, नदियां उफान पर
मध्यप्रदेश के कई जिलों में सोमवार को भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं और जलभराव वाले इलाकों से राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) तथा होमगार्ड के जवानों ने 98 लोगों को सुरक्षित निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वहीं, राजगढ़ जिले में एक नाले को पार करते समय 11 यात्रियों से भरी एक वैन के तेज बहाव में बह जाने से एक लड़की समेत नौ लोगों की मौत हो गई।
पुलिस ने यह जानकारी दी। एसडीईआरएफ मुख्यालय, भोपाल से सभी संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सभी जिला मुख्यालयों पर त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), आपदा राहत वाहन, नाव और आधुनिक उपकरण तैयार रखे गए हैं।
होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को कई जिलों से जलभराव और बाढ़ में लोगों के फंसे होने की सूचनाएं मिलीं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय दलों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर विभिन्न स्थानों से 98 लोगों, सात मवेशियों और चार पालतू जानवरों को सुरक्षित निकाला। श्रीवास्तव ने बताया कि सीहोर जिले के जमनी गांव में नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से गंभीर स्थिति पैदा हो गई।
वहां 23 वर्षीय गर्भवती महिला गीता राजपूत और परिवार के तीन अन्य सदस्य घर में फंस गए थे। उन्होंने बताया कि एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रबर की नाव की मदद से गर्भवती महिला तथा परिवार के तीन सदस्यों को सुरक्षित निकालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया। सीहोर के अहमदपुर थाना क्षेत्र में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों को भी एसडीईआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।
भोपाल के सुखी सेवनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालमपुर गांव में बांध की दीवार टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी इलाके में घुस गया। एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बढ़ते पानी में फंसे 19 लोगों और चार पालतू जानवरों को सुरक्षित निकाला। इसी क्षेत्र में बाढ़ के पानी से भरे नाले में फंसे चार लोगों को त्वरित प्रतिक्रिया दल ने बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
विदिशा जिले के करारिया थाना क्षेत्र के बामनखेड़ा गांव में बाढ़ में फंसे 15 मजदूरों को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की संयुक्त टीम ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इन मजदूरों में दो महिलाएं और छह बच्चे शामिल थे। विदिशा के ही पथरिया गांव में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों और सात मवेशियों को भी बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इस बीच, ओंकारेश्वर के अभयपुरी घाट पर नदी में स्नान करते समय तेज बहाव में तीन श्रद्धालु बहने लगे। एसडीईआरएफ के जवान तेजपाल और बल बहादुर ने लाइफ जैकेट पहनकर नदी में छलांग लगाई और तीनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचा लिया। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के बड़ाहेरी गांव में बाढ़ के कारण मंदिर की छत पर शरण लिए 15 लोगों को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने सुरक्षित निकाला।
इसी तरह, आगर मालवा जिले के सोयत थाना क्षेत्र में व्यापक जलभराव की सूचना मिलने पर एसडीईआरएफ, होमगार्ड और आपदा राहत दल ने मौके पर पहुंचकर करीब 30 से 40 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
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