भारत-पाकिस्तान के फुटबॉल मैच में अर्चना पूरन सिंह के बेटे ने दागे थे 4 गोल, पड़ोसी देश को अकेले चटाई थी धूल
Archana Puran Singh son Aryamann Sethi: टीवी और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सितारों के बच्चे अक्सर अपनी लाइफस्टाइल और करियर को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. लेकिन कभी कभी उनकी जिंदगी के ऐसे पहलू सामने आते हैं, जो लोगों को चौंका देते हैं. हाल ही में ऐसा ही कुछ खुलासा हुआ है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. बात हो रही है अर्चना पूरन सिंह ( Archana Puran Singh) के बेटे आर्यमन सेठी (Aaryamann Sethi) की जिनकी जिंदगी से जुड़े एक पुराने किस्से की है. यह कहानी सिर्फ एक स्टार किड की नहीं, बल्कि स्ट्रगल, सपनों और अधूरे रह गए एक सफर की है. आइए जानते हैं-
जब मैदान में दिखा आर्यमन का जलवा
आर्यमन सेठी ने एक व्लॉग में अपने फुटबॉल करियर के दिनों को याद किया जब उन्होंने भारत के लिए खेलते हुए पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में शानदार प्रदर्शन किया था. यह मुकाबला उनके लिए बेहद खास रहा, क्योंकि उन्होंने अकेले फुटबॉल में 4 गोल दागकर टीम को जीत दिलाई थी. वह पल उनके और उनके परिवार के लिए गर्व से भरा हुआ था. उनकी मां अर्चना पूरन सिंह को भी इस अचीवमेंट की जानकारी कोच के फोन के जरिए मिली थी और इस यादगार परफॉर्मेंस की तारीफ की थी. उस समय ऐसा लग रहा था कि आर्यमन का फ्यूचर फुटबॉल की दुनिया में काफी उज्ज्वल है.
बचपन में झेली बुलिंग
हालांकि इस कामयाबी के पीछे आर्यमन की लाइम में कई मुश्किलें भी रही हैं. उन्होंने बताया कि चाइल्डहुड में उन्हें अक्सर बुलिंग का सामना करना पड़ा. सेलिब्रिटी परिवार से होने की वजह से लोग उन्हें रिच किड समझते थे और बड़े बच्चे उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते थे. उनका कद छोटा था, जिससे वे और ज्यादा टार्गेट पर रहते थे.
कभी कभी अपने उम्र के बच्चों के साथ खेलते हुए वे खुद भी एग्रेसिव हो जाते थे, जिसे लेकर आज उन्हें पछतावा है. इंग्लैंड जाने के बाद भी उन्हें रेसिज्म और अलग तरह की चैलेंज का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने गेम पर ध्यान देते रहे.
चोट ने तोड़ दिया करियर का ड्रिम
आर्यमन का सपना प्रोफेशनल फुटबॉलर बनने का था, जिसके लिए उन्होंने बहुत हार्डवर्क भी की. उनके पिता परमीत सेठी ने उन्हें ट्रेनिंग में पूरी तरह झोंक दिया था. सिर्फ कुछ महीनों में उन्होंने अपनी फिटनेस और स्पीड में जबरदस्त स्किल हासिल की और स्टेट लेवल पर पहचान बनाई.
उन्हें विदेश में एक क्लब के लिए ट्रायल का मौका भी मिला. लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. इंग्लैंड में उनका पैर टूट गया और लंबे समय तक उन्हें रिहैब से गुजरना पड़ा. जब वह ठीक होकर वापस मैदान में उतरे, तो एक प्रैक्टिस मैच के दौरान शुरुआती सेकंड्स में ही फिर से उनका पैर टूट गया.
इस बार चोट इतनी सीरियस थी कि डॉक्टरों को सर्जरी करनी पड़ी. इसके बाद उन्हें साफ कह दिया गया कि वे पहले जैसा परफॉर्म नहीं कर पाएंगे. यहीं से उनका फुटबॉल करियर लगभग फिनिश हो गया.
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आर्यमन अब बना रहे हैं नई पहचान
फुटबॉल का ड्रिम टूटने के बाद आर्यमन सेठी ने खुद को पूरी तरह टूटने नहीं दिया. उन्होंने अपनी लाइफ को एक नई डायरेक्शन देने का फैसला किया. इसी के साथ आज वह म्यूजिक और डिजिटल कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. वह सिंगर और म्यूजिशियन के तौर पर उभर रहे हैं और अपने व्लॉग्स के जरिए फैंस से जुड़े रहते हैं. उनकी सिम्प्लिसिटी और ऑनेस्ट लोगों को पसंद है. धीरे धीरे उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक जबरदस्त फैन फॉलोइंग बना ली है, जो उनके काम को सपोर्ट करती है.
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योगी सरकार का श्रमिकों के लिए बड़ा ऐलान: 5 लाख तक कैशलेस इलाज और बीमा
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के निर्माण और औद्योगिक श्रमिकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं. उन्होंने श्रमिकों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज और दुर्घटना बीमा देने का ऐलान किया, जिसे श्रमिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच माना जा रहा है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर श्रमिक को उसके श्रम का पूरा पारिश्रमिक मिलेगा और किसी भी प्रकार के शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
लाखों श्रमिकों को मिलेगा स्वास्थ्य लाभ
कार्यक्रम में बताया गया कि अब तक 12.26 लाख निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान योजना से जोड़ा जा चुका है. इसके अलावा शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी जल्द इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी.
इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को भी स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा देने की योजना बनाई जा रही है, जिससे लगभग एक करोड़ श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा.
औद्योगिक विकास और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में करीब 3 करोड़ लोग कार्यरत हैं. पिछले कुछ वर्षों में 18 हजार नए उद्योग स्थापित किए गए हैं, जिससे लगभग 65 लाख लोगों को रोजगार मिला है. उन्होंने उद्योग और श्रमिकों को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए औद्योगिक शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.
श्रमिकों के लिए आवास और सुविधाएं
सरकार ने श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए आवासीय सुविधाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया है. निर्देश दिए गए हैं कि जहां उद्योग स्थापित हैं, वहीं श्रमिकों के लिए आवास की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही श्रमिकों के लिए डारमेट्री और सस्ती व गुणवत्तापूर्ण कैंटीन की सुविधा भी विकसित की जाएगी.
स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है. ग्रेटर नोएडा में 300 बेड के ईएसआईसी अस्पताल के निर्माण की योजना है, वहीं गोरखपुर में भी अस्पताल के लिए जमीन चिन्हित की गई है. वर्तमान में 41 जिलों में 116 ईएसआईसी औषधालय संचालित हैं, जबकि शेष 34 जिलों में भी जल्द इनकी स्थापना की जाएगी.
शिक्षा और सम्मान की पहल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्रों को टैबलेट और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया. इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना है.
इसके अलावा, कुछ निर्माण श्रमिकों को प्रतीकात्मक रूप से टूल किट भी प्रदान की गई, जिससे उनके कौशल और रोजगार को बढ़ावा मिल सके.
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