वांग यी और मार्को रुबियो के बीच फोन वार्ता
बीजिंग, 1 मई (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 30 अप्रैल को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को एंटोनियो रुबियो के साथ फोन पर चर्चा की।
इस मौके पर वांग यी ने कहा कि सर्वोच्च नेताओं की कूटनीति हमेशा से चीन-अमेरिका संबंधों का मार्गदर्शक सिद्धांत रही है।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रणनीतिक नेतृत्व में चीन-अमेरिका संबंध स्थिर कायम रहे। यह दोनों देशों के लोगों के मूल हित और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की आम अपेक्षा के अनुरूप है। दोनों पक्षों को बड़ी मेहनत से हासिल की गई स्थिरता को बनाए रखकर अहम उच्च स्तरीय वार्ता के एजेंडा को तैयार करना चाहिए।
वांग यी ने कहा कि थाईवान का मामला चीन के मूल हित से संबंधित है, जो चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे बड़ा जोखिम है। अमेरिका को अपना वादा निभाकर सही चुनाव करना होगा, ताकि चीन व अमेरिका के बीच सहयोग के लिए अवसर तैयार हो सके और विश्व शांति के लिए जरूरी प्रयास किया जा सके।
वहीं, रुबियो ने कहा कि अमेरिका-चीन संबंध दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंध हैं। सर्वोच्च नेताओं की कूटनीति अमेरिका-चीन संबंधों का केंद्र है। दोनों पक्षों को संपर्क और समनव्य कायम रहकर आपसी सम्मान करने के साथ मतभेद का उचित समाधान करना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय संबंध स्थिर रह सकें।
दोनों पक्षों ने मध्य-पूर्व की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका के प्रतिबंध पर जवाब दिया
बीजिंग, 1 मई (आईएएनएस)। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) द्वारा परीक्षण, प्रमाणन और दूरसंचार से संबंधित प्रतिबंध पारित करने पर संवाददाता के सवाल का जवाब दिया।
प्रवक्ता ने कहा कि एफसीसी ने प्रौद्योगिकी तटस्थता का सिद्धांत छोड़कर राष्ट्रीय सुरक्षा को सामान्य बनाया और तथ्यात्मक आधार के बिना बार-बार प्रतिबंध लगाया। एफसीसी चीन सहित अन्य देशों की कंपनियों और उत्पादों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करता है। इससे चीन और अन्य संबंधित व्यापारिक साझेदारों के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा। प्रतिबंधात्मक उपाय चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंधों की मुश्किल से हासिल की गई स्थिरता को कमजोर करता है और नेताओं के बीच संपन्न सहमति का उल्लंघन करता है। चीन इस पर कड़ी नजर रखता है और कड़ा विरोध करता है।
प्रवक्ता ने कहा कि एफसीसी संबंधित प्रतिबंधात्मक उपाय पर जनमत प्राप्त करेगा। अगर प्रतिबंध लगाता है, तो इससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक और आर्थिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। संचार इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित क्षेत्रों में वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बाधित होगी।
वैश्विक औद्योगिक सहयोग और तकनीकी नवाचार पर प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा, अमेरिकी उद्योग और उपभोक्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचेगा और अमेरिका की आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा पर भी प्रभाव पड़ेगा।
आशा है कि अमेरिका बाजार के नियम का सम्मान कर गलत कार्रवाई बंद कर संबंधित उपाय रद्द करेगा। अगर अमेरिका अपनी जिद पर अड़ा रहता है, तो चीन अपने उद्यमों के कानूनी हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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