गर्मी का मौसम आते ही ठंडा पानी पीने की इच्छा बढ़ जाती है। ऐसे में लोग फ्रिज में पानी की बोतलें भरकर रखने लगते हैं। कई लोगों को बेहद ठंडा पानी पीने की आदत होती है, इसलिए वे सिर्फ फ्रिज का पानी ही नहीं बल्कि उसमें बर्फ भी मिलाकर पीते हैं। हालांकि यह पानी पीने में भले ही ताजगी देता हो, लेकिन बहुत अधिक ठंडा पानी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
ऐसी स्थिति में मिट्टी का मटका एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। मटके का पानी पीने का अनुभव ही अलग होता है, इसकी सोंधी खुशबू मन को ताजगी और सुकून देती है और प्यास भी अच्छी तरह शांत होती है। लेकिन कई लोग यह शिकायत करते हैं कि नया मटका लेने के बाद भी पानी पर्याप्त ठंडा नहीं होता या उसमें से हल्की बदबू आने लगती है। इसलिए जरूरी है कि मटके का सही तरीके से उपयोग किया जाए। हम आपको कुछ आसान उपाय बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर ही नए मटके में पानी भरना बेहतर रहेगा।
सबसे पहले मटके को भिगोना जरूरी
कुछ लोग नया मटका लेकर आते हैं और उसे धुलकर तुरंत पानी भर देते हैं। यह सही तरीका ये है कि उसे लाने के बाद तुरंत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मटके को पानी से पूरा भरा रहने दें या किसी बड़े बर्तन में डुबोकर 24 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इससे मटके की मिट्टी पानी को अच्छे से सोख लेती है और अंदर की धूल भी आसानी से निकाल जाती है। यदि आप ऐसा बिल्कुल नहीं करेंगी, तो पानी का स्वाद आपको कच्चा लग सकता है।
साबुन या डिटर्जेंट से न धोएं
कई लोग अक्सर मटका साफ करने के लिए बर्तन धोने वाले साबुन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करने से आपके पूरे मटके का स्वाद ही बिगड़ जाता है। बता दें कि, मटका मिट्टी का होता है, जो केमिकल को एब्जॉर्ब कर लेता है। इससे पानी में बदबू और खराब स्वाद आ सकता है।
इस तरह से करें सफाई
मटके को साफ करना का सही तरीका है कि, थोड़ा नमक, बेकिंग सोडा और नींबू का रस मिलाकर घोल बना लें। अब इसे मटके के अंदर डालकर इसको हल्का सा हिलाएं, ताकि ये घोल पूरे मटके में अच्छे से लग जाए। अब 3-4 मिनट के बाद साफ पानी से मटके धो दें। इससे मटका अंदर से साफ हो जाएगा और कोई भी गंध नहीं आएगी।
मटके में न डालें बर्फ
कुछ लोग जल्दी ठंडा पानी पाने के लिए पानी भरते समय उसमें बर्फ डाल देते हैं। इससे आपका मटका सही तरीके से पानी को ठंडा नहीं करेगा। असल में मटके का पानी नेचुरल तरीके से ठंडा होता है, जिसमें थोड़ा समय लगता है।
मटका रखने का सही तरीका भी जानें
अगर आप मटका को सही ढंग से रखते हैं, तो इससे पानी की ठंडक पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। कई लोग मटके को सीधे जमीन पर रख देते हैं, जो कि एक गलत तरीका है। मटके को हमेशा किसी स्टैंड पर ही रखना चाहिए। आप इसके ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट सकते हैं। आप चाहे तो नीचे थोड़ी गीली रेत रखकर उस पर मटका रख सकते हैं। इससे मटका जल्दी ठंडा हो जाएगा और पानी भी ज्याद ठंडा रहेगा।
इन बातों का रखें ध्यान
- मटके को हर हफ्ते में एक बार जरुर साफ करना चाहिए।
- ढक्कन हमेशा लगाकर रखें।
- मटके को ऐसी जगह पर रखें, जहां हवा आती हो।
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संयुक्त राष्ट्र, 1 मई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है। यूएन चीफ के अलावा सिंगापुर के पीएम और यूरोप यूनियन की भी यही राय है।
सोशल मीडिया पोस्ट में गुटेरेस ने कहा कि इस जलडमरूमध्य में अवरोध के कारण “ऊर्जा, परिवहन, विनिर्माण और खाद्य बाजार” प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था “दम तोड़ रही है।”
उन्होंने मध्य-पूर्व संकट पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, “हर गुजरते घंटे के साथ हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।”
गुटेरेस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे समाधान चाहिए जो हमें इस खतरनाक स्थिति से वापस ले आएं।”
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय बाजारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और यूरोपीय यूनियन ने भी इसे लेकर फिक्र जाहिर की है। ईयू की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा है कि होर्मुज में बढ़ा तनाव अभी कम होता नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा अब इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस हालात से रूस को फायदा हो रहा है।
वहीं लॉरेंस वोंग ने चेतावनी दी कि ईरान पर युद्ध के कारण इस साल शहर-राज्य में आर्थिक विकास धीमा हो जाएगा। मई दिवस के मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीद नहीं है, और आने वाले महीनों में स्थिति और भी खराब हो सकती है।
वोंग ने कहा, हम पर इसका असर पड़ेगा क्योंकि हम खाड़ी से ऊर्जा और दूसरी जरूरी सप्लाई के लिए बहुत ज्यादा निर्भर हैं।
उन्होंने आगाह किया कि दुनिया भर में, महंगाई बढ़ेगी। इसका असर एनर्जी से खाने और फिर दूसरी जरूरी चीजों पर पड़ेगा। कुछ देश मंदी झेल सकते हैं, और इसका सिंगापुर पर सीधा असर हो सकता है। वोंग ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल भी जाता है, तो भी हालात तुरंत सामान्य नहीं होंगे।
उन्होंने कहा, बंदरगाहों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। शिपिंग लेन को माइन मुक्त करना होगा।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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