ममता का गढ़ ढहाने की तैयारी: टुडेज चाणक्य के मुताबिक 48% वोट के साथ बंगाल में खिलेगा 'कमल', सर्वे ने बढ़ाई हलचल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में पिछले कई महीनों से चल रहा घमासान अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए हुए मतदान के बाद अब सबकी नजरें एग्जिट पोल्स पर टिकी थीं। Today's Chanakya के आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। यह सर्वे केवल हार-जीत का अंतर ही नहीं बता रहा, बल्कि बंगाल की राजनीतिक दिशा में एक युग के अंत और नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है।
भाजपा की प्रचंड बढ़त और सीटों का गणित
टुडेज चाणक्य के विश्लेषण के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी बंगाल में पहली बार सरकार बनाने के अपने सपने के बेहद करीब है। सर्वे में भाजपा को 192 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। यह संख्या बहुमत के जादुई आंकड़े 148 से बहुत आगे है। अगर ये अनुमान वास्तविकता में बदलते हैं, तो भाजपा बंगाल में दो-तिहाई बहुमत के साथ एक मजबूत सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।
ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए बड़ा झटका
वहीं, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए यह एग्जिट पोल बेहद निराशाजनक खबर लेकर आया है। चाणक्य के मुताबिक, टीएमसी महज 100 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। 2021 के चुनाव में 215 सीटें जीतने वाली ममता बनर्जी के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट साबित हो सकती है। सर्वे के अनुसार, एंटी-इंकंबेंसी और मतदाताओं के बदलते रुझान ने टीएमसी के 'अजेय' दुर्ग में बड़ी सेंध लगा दी है।
वोट शेयर में ऐतिहासिक बदलाव
सीटों के अलावा वोट शेयर के मामले में भी भाजपा काफी आगे निकलती दिख रही है। टुडेज चाणक्य के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा को 48% वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जबकि टीएमसी को 39% वोट मिलने की बात कही गई है। यह 9% का बड़ा अंतर ही सीटों के विशाल फासले की मुख्य वजह माना जा रहा है। अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में केवल 13% वोट शेयर के साथ मात्र 2 सीटें जाने का अनुमान है।
सामाजिक समीकरणों का विश्लेषण
सर्वे में यह भी बताया गया है कि भाजपा ने किस तरह समाज के विभिन्न वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत की है। आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति (SC) के 67%, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 61% और अनुसूचित जनजाति (ST) के 53% मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया है। यह डेटा साफ तौर पर दर्शाता है कि भाजपा का आधार अब बंगाल के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में काफी गहरा हो चुका है।
4 मई का इंतजार
टुडेज चाणक्य के साथ-साथ कई अन्य सर्वे जैसे 'Matrize' (146-161 सीट) और 'P-Marq' (150-175 सीट) भी भाजपा को बढ़त दिखा रहे हैं। हालांकि, एग्जिट पोल्स हमेशा सही साबित नहीं होते, लेकिन चाणक्य के इस 'लैंडस्लाइड विक्ट्री' वाले दावे ने 4 मई को होने वाली मतगणना की उत्सुकता को चरम पर पहुँचा दिया है। क्या बंगाल की जनता ने वाकई परिवर्तन का मन बना लिया है? इसका फैसला अब आधिकारिक नतीजों के साथ ही होगा।
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