इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने लॉन्च किया एसएचजी सेविंग्स अकाउंट, ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। डाक विभाग के अंतर्गत आने वाले इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ने गुरुवार को सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) सेविंग अकाउंट लॉन्च करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत भर में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाना है।
यह एसएचजी सेविंग्स अकाउंट जीरो बैलेंस और बिना किसी चार्ज के उपलब्ध होगा, ताकि सभी लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें। यह डिजिटल तरीके से आसानी से खोला जा सकता है और इसे डाकघर, पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों के जरिए गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
इस खाते की खासियतों में — कोई न्यूनतम जमा राशि की जरूरत नहीं, मासिक औसत बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं, अधिकतम 2 लाख रुपए तक बैलेंस रखने की सुविधा, हर तीन महीने में ब्याज मिलना, कैश जमा और निकासी पर कोई शुल्क नहीं, हर महीने एक फ्री स्टेटमेंट, खाता बंद करने पर कोई चार्ज नहीं और क्यूआर कार्ड के लिए भी कोई शुल्क नहीं — शामिल हैं ।
आईपीपीबी के एमडी और सीईओ आर विश्वेश्वरन ने कहा, हमारा उद्देश्य हर भारतीय के लिए बैंकिंग को आसान और सुलभ बनाना है। यह नया एसएचजी अकाउंट महिलाओं के समूहों को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
उन्होंने कहा कि डोरस्टेप बैंकिंग और डिजिटल सुविधाओं के जरिए एसएचजी को औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका रही है और ये ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसे प्रमुख पहलों और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा समर्थित कार्यक्रमों से निकटता से जुड़े हुए हैं।
डाक विभाग (डीओपी) के अद्वितीय नेटवर्क और डिजिटल तकनीक की मदद से आईपीपीबी का लक्ष्य है कि पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) के व्यापक नेटवर्क की मदद से एसएचजी तक बैंकिंग सेवाएं आसानी से पहुंचाई जाएं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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एग्जिट पोल के बाद आया ममता बनर्जी का पहला बयान, सरकार बनाने का किया दावा
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सबसे पहले राज्य की जनता का आभार जताया और कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोगों ने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. उन्होंने मतदाताओं की हिम्मत और धैर्य की सराहना करते हुए इसे लोकतांत्रिक जीत बताया.
केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उनके खिलाफ पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया. भारत सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की भारी तैनाती कर राज्य में डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई. उनका दावा था कि मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को दबाने के लिए शक्ति का दुरुपयोग हुआ, लेकिन जनता ने इन प्रयासों को नाकाम कर दिया.
भाजपा पर धन-बल के इस्तेमाल का आरोप
ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने चुनाव में धन-बल और बाहुबल का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि हथियारों और संसाधनों के दम पर बंगाल की जनता को प्रभावित करने की कोशिश की गई, लेकिन मतपेटियों ने सच्चाई सामने ला दी. उनके अनुसार, जनता ने किसी दबाव में आए बिना अपने अधिकार का प्रयोग किया.
एग्जिट पोल्स को बताया भ्रामक
एग्जिट पोल्स पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ये आंकड़े वास्तविकता से दूर हैं और जानबूझकर भ्रम फैलाने के लिए तैयार किए गए हैं. उन्होंने याद दिलाया कि पिछले चुनावों 2014, 2017 और 2021 में भी ऐसे ही एग्जिट पोल्स सामने आए थे, जो बाद में गलत साबित हुए. ममता ने विश्वास जताया कि इस बार उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस 230 सीटों तक पहुंच सकती है.
कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश
मतगणना से पहले ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि काउंटिंग सेंटरों पर निगरानी बनाए रखें और किसी भी स्थिति में अपनी जिम्मेदारी से पीछे न हटें. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मतगणना के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए सभी को अंत तक डटे रहना चाहिए.
‘मां, माटी, मानुष’ का भरोसा
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने एक बार फिर ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे को दोहराते हुए विश्वास जताया कि राज्य में उनकी सरकार फिर से बनेगी. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने हमेशा सच्चाई और विकास का साथ दिया है और इस बार भी वही परिणाम सामने आएंगे.
ममता बनर्जी का यह बयान चुनावी माहौल को और गर्माने वाला साबित हो सकता है. जहां एक ओर उन्होंने केंद्र और विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का संदेश भी दिया है. अब सभी की नजरें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा.
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