सिगरेट 17% तक महंगी हो सकती है:सोना एक दिन में ₹809 और चांदी ₹241 सस्ती हुई, मई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक
कल की बड़ी खबर सिगरेट से जुड़ी रही। देश में अगले महीने से सिगरेट पीना महंगा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख सिगरेट कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स मई में कीमतों में 17% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 809 रुपए घटकर 1,47,973 रुपए पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1,48,782 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। एक किलो चांदी 241 रुपए गिरकर 2,36,300 रुपए पर पहुंच गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. मई में 17% तक महंगी हो सकती है सिगरेट: इस खबर के बाद ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 7% तक चढ़े देश में अगले महीने से सिगरेट पीना महंगा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख सिगरेट कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स मई में कीमतों में 17% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। इस खबर के बाद सोमवार यानी 29 अप्रैल को इन कंपनियों के शेयरों में 6.5% तक की तेजी दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. आज सोना-चांदी के दाम में गिरावट: चांदी ₹241 गिरकर ₹2.36 लाख किलो पर आई, 10 ग्राम सोना ₹1.48 लाख का हुआ सोने-चांदी के दाम में 29 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 809 रुपए घटकर 1,47,973 रुपए पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1,48,782 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 241 रुपए गिरकर 2,36,300 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले 28 अप्रैल को इसकी कीमत 2,36,541 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 609 अंक बढ़कर 77,496 पर बंद: निफ्टी भी 182 अंक चढ़ा, ऑटो और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही शेयर बाजार में 29 अप्रैल को बढ़त रही। सेंसेक्स 609 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 182 अंक (0.76%) की तेजी रही, ये 24,178 पर बंद हुआ। आज ऑटो, IT, रियल्टी और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। एक्सपर्ट्स के अनुसार UAE के तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक+ से बाहर निकलने की घोषणा का बाजार पर पॉजिटिव असर दिखा है। इससे ओपेक की कच्चे तेल की कीमतों पर नियंत्रण करने की ताकत कमजोर होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. मई में 12 दिन बैंकों में काम नहीं होगा: 5 रविवार और 2 शनिवार के अलावा अलग-अलग जगहों पर 5 दिन बैंक बंद रहेंगे अगले महीने यानी मई में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 12 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। RBI की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने 5 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 5 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। महीने की शुरुआत छुट्टी से होगी। 1 मई को महाराष्ट्र दिवस, बुद्ध पूर्णिमा और मजदूर दिवस (लेबर डे) पर देश में लगभग सभी जगह बैंक बंद रहेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...
पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद रिटेल रेट न बढ़ने से कंपनियों को हर एक लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा हो रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इससे तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं रसोई गैस के लिए भी सरकार पर ₹80,000 करोड़ का बोझ बढ़ रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ने से कच्चा तेल $120 के पार मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है। जो कच्चा तेल कुछ समय पहले 70-72 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, उसकी कीमत अब 120-125 डॉलर के पार पहुंच गई है। तेल कंपनियों के लिए मुसीबत यह है कि वे महंगा तेल खरीदकर पुरानी कीमतों पर ही बेच रही हैं, जिससे उनका मुनाफा खत्म हो गया है। 61 दिन में इंडियन बास्केट 42 डॉलर महंगा होर्मुज रूट पर तनाव का असर दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस (LNG) का व्यापार 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' के समुद्री रास्ते से होता है। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से इस रास्ते में बाधा आ रही है। इससे केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि खाद और केमिकल बनाने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ गई है। रसोई गैस और खाद भी महंगी हुई इस संकट का असर आपकी रसोई और खेतों तक भी पहुंच रहा है: सरल भाषा में कहें तो जब कंपनियों को कोई चीज बनाने या खरीदने में ₹100 खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार या बाजार के दबाव में उसे ₹80 में ही बेचना पड़ता है, तो बचे हुए ₹20 के नुकसान को 'अंडर-रिकवरी' कहते हैं। पेट्रोल, डीजल और गैस के मामले में अभी यही हो रहा है। CNG और उद्योगों पर भी बुरा साया शहरों में गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG के मार्जिन में भी कमी आने की आशंका है, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। इक्रा ने केमिकल, प्लास्टिक और खाद सेक्टर का भविष्य 'नेगेटिव' बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव कम नहीं होते, तब तक इन सेक्टरों पर दबाव बना रहेगा।
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