बॉक्स ऑफिस का ब्लैक फ्राइडे: बॉलीवुड के लिए मनहूस साबित हुआ 7 अगस्त, देवानंद से अक्षय कुमार तक के लिए रहा अनलकी
फिल्म इंडस्ट्री में फिल्मों की सफलता और असफलता उनके कंटेंट के साथ-साथ उनके रिलीज टाइम पर भी निर्भर करती है. लेकिन, बॉलीवुड के इतिहास में 7 अगस्त एक ऐसी तारीख बन गई है जिसने कई बड़े मेकर्स और सुपरस्टार्स की किस्मत पलट दी है. देव आनंद की 'मैं सोलह बरस की' से लेकर अक्षय कुमार की 'बारूद' और रितेश देशमुख की 'बंगिस्तान' तक... इस दिन हर तरह की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुईं. 7 अगस्त का इतिहास इस बात का गवाह है कि इस तारीख को रिलीज हुई फिल्मों को फ्लॉप और डिजास्टर का लेबल दिया गया.
37 साल पुराना सावन का दर्दभरा गाना, तड़प-तड़प कर गाता रहा हीरो, बारिश में मदहोश होकर नाची हीरोइन
बरसात के मौसम में जब भी बॉलीवुड के सबसे दर्दभरे और सदाबहार गीतों की बात होती है, तो 'लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है' का नाम जरूर लिया जाता है. साल '1989 में रिलीज हुई फिल्म 'चांदनी' का यह गीत आज भी प्रेम, बिछड़न और अधूरी मोहब्बत का सबसे खूबसूरत प्रतीक माना जाता है. यह गाना फिल्म निर्माता 'यश चोपड़ा' की रोमांटिक फिल्मों की पहचान बन चुका है. ये सिर्फ एक रेन सॉन्ग नहीं, बल्कि विरह की ऐसी कहानी है, जिसमें बारिश यादों का प्रतीक बन जाती है. गीत के बोल और सुर श्रोताओं को सीधे भावनाओं से जोड़ते हैं. यही वजह है कि 37 साल बाद भी यह गाना हर सावन में रेडियो, टीवी, म्यूजिक ऐप्स और सोशल मीडिया पर खूब सुना जाता है.
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