Social Media KYC : फेसबुक-इंस्टाग्राम की केवाईसी होने से क्या रुक सकती है नागपुर जैसी घटना, जिंदगी की जंग लड़ रही 16 साल की लड़की
Social Media KYC : क्या आपको भी लगता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सभी अकाउंट की ई-केवाईसी जरूरी होना चाहिए. अगर ऐसा होता तो नागपुर जैसी घटना पर लगाम लगाई जा सकती थी, जहां 16 साल की एक नाबालिग जिंदगी की जंग लड़ रही है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया अकाउंट की केवाईसी की सुगबुगाहट अब चर्चा का विषय बनती जा रही है.
एआई निजी जानकारी जुटा रहा; प्राइवेसी के लिए सेटिंग्स बदलें:सामान्य बातचीत से भी एआई आपकी निजी जानकारी का अनुमान लगा सकता है
एआई सिर्फ आपके सवालों का जवाब नहीं देता, बल्कि हर बातचीत से आपकी आदतें, पसंद-नापसंद और व्यक्तित्व की डिजिटल प्रोफाइल भी तैयार करता है। एक हालिया प्रयोग में यह सामने आया कि एआई बिना सीधे बताए भी कई निजी बातें सटीक समझ सकता है। चैटजीपीटी या जेमिनी में मेमोरी फीचर को पर्सनलाइज करें... जितना जरूरी है, उतना ही लिखें एआई से सिर्फ चार सवाल पूछे गए कि उसने पुरानी बातचीत से यूजर के बारे में क्या सीखा है। जवाबों में उसने उम्र, आदतों और व्यक्तित्व तक का काफी सटीक अनुमान लगा लिया। ऐसे में अगर आपको प्राइवेसी की चिंता है तो ये करें। चैटजीपटी में मेमोरी बंद करने का तरीका - अपने अकाउंट की सेटिंग्स में जाएं। - इसके बाद पर्सनलाइजेशन या मेमोरी विकल्प पर क्लिक करें। यहां ‘Enable Memory’ को बंद कर दें। जेमिनी में मेमोरी बंद करने का तरीका - जेमिनी की सेटिंग्स खोलें। - पर्सनल इंटेलिजेंस सेक्शन में जाएं। - यहां मेमारी फीचर को बंद कर दें या इसे कस्टमाइज करने का विकल्प चुनें। टेक टिप - एआई चैट में हमेशा ‘न्यू चैट’ का ही इस्तेमाल करें अगर आप किसी एक ही चैट विंडो (थ्रेड) में लंबे समय तक अलग-अलग विषयों पर बात करते हैं, तो एआई के लिए आपके व्यवहार का पैटर्न समझना आसान हो जाता है। इससे बचने का सबसे आसान तरीका है कि हर नए विषय या सवाल के लिए एक ‘नई चैट’ खोलें। इससे AI पुरानी बातों को नई बातों से नहीं जोड़ पाएगा।
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