Putin का चौंकाने वाला फैसला, Red Square की Victory Day Parade में क्यों नहीं दिखेंगे रूसी टैंक?
नाजी जर्मनी की हार की 81वीं वर्षगांठ पर रूस में होने वाली पारंपरिक विजय परेड में इस साल सैन्य साजो सामान का प्रदर्शन नहीं होगा। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। यह 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण शुरू करने के बाद पहली बार होगा जब नौ मई को मास्को के रेड स्क्वायर पर सैन्य साजो सामान का प्रदर्शन नहीं होगा। यह दिन रूस के लिए उत्सव के समान होता है, जब वह अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करता है। मंत्रालय के बयान में सैन्य साजो सामान के काफिले और कैडेट को परेड से बाहर रखने का कारण ‘‘वर्तमान अभियानगत स्थिति’’ बताया गया है। बयान में इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया।
मंत्रालय ने बताया कि परेड में ‘‘विभिन्न उच्च सैन्य शिक्षण संस्थानों के कैडेट और रूसी सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं के कुछ सैनिक’’ शामिल होंगे। इसके साथ ही पारंपरिक सैन्य विमानों की उड़ानें भी होंगी। पिछले साल की परेड रूस द्वारा यूक्रेन में सेना भेजे जाने के बाद से अब तक की सबसे बड़ी परेड थी, जिसमें कई देशों के नेता मास्को पहुंचे थे। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको जैसे प्रमुख अतिथि शामिल थे।
पिछले साल की परेड में 11,500 से अधिक सैनिक शामिल थे और 180 से ज्यादा सैन्य वाहन प्रदर्शित किए गए थे। इनमें टैंक, बख्तरबंद सैन्य वाहन और तोपखाने शामिल थे, जिनका यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा यार्स परमाणु-सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन भी प्रदर्शित किए गए थे। रेड स्क्वायर के ऊपर लड़ाकू विमानों ने भी उड़ान भरी थी। पुतिन ने सात मई से 72 घंटे के एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की है। यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकने के प्रयास में अधिकारियों ने कई दिनों तक मास्को में सेलफोन इंटरनेट को अवरुद्ध कर दिया। वर्ष 2023 में यह परेड अपेक्षाकृत सीमित स्तर पर आयोजित की गई थी, जिसमें कम संख्या में सैनिक और सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए थे।
Pakistan के नए Test Coach बने Sarfaraz Ahmed, कहा- तकनीक बाद में, पहले भरोसा जरूरी
पाकिस्तान की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच सरफराज अहमद ने बुधवार को कहा कि एक सफल कोच बनने के लिए खिलाड़ियों के साथ आपसी भरोसा और स्पष्ट संवाद बहुत जरूरी है। चैंपियन्स ट्रॉफी 2017 जीतने वाले कप्तान सरफराज की पहली श्रृंखला आठ मई से बांग्लादेश में होने वाली दो टेस्ट मैच की श्रृंखला होगी। यह आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में पाकिस्तान की दूसरी श्रृंखला है।
कोच के तौर पर अपने कम अनुभव के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरफराज ने कहा, ‘‘तकनीकी बातें बाद में आती हैं। जरूरी यह है कि एक कोच का अपने खिलाड़ियों के साथ ऐसा रिश्ता हो कि वे समझ सकें कि वह क्या चाहता है और साथ ही वे इतने सहज हों और उस पर इतना भरोसा करते हों कि उसके साथ बैठकर किसी भी चीज पर बात कर सकें।’’
बांग्लादेश दौरे के लिए टेस्ट टीम में चुने गए अधिकतर खिलाड़ी अभी पाकिस्तान सुपर लीग के आखिरी चरण में खेलने में व्यस्त हैं। इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने माना कि एक महीने से अधिक समय तक टी20 क्रिकेट खेलने के बाद लाल गेंद के क्रिकेट में ढलना सीनियर खिलाड़ियों के लिए भी एक चुनौती होगी। सरफराज को यह भी लगता है कि टेस्ट टीम के कुछ खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनकी कप्तानी करने का अनुभव उन्हें अपनी नई नौकरी में जमने में मददगार साबित होगा। पिछले साल इस पूर्व कप्तान को पाकिस्तान अंडर-19 और शाहीन (पाकिस्तान ए) टीम का मार्गदर्शक (मेंटर) और मैनेजर बनाया गया था। वह एशिया कप और विश्व युवा कप के लिए उनके साथ गए थे लेकिन स्वदेश लौटने पर उन्हें राष्ट्रीय चयन समिति का सदस्य और बाद में टेस्ट प्रारूप में मुख्य कोच नियुक्त किया गया।
सरफराज ने कहा, ‘‘मेरा क्रिकेट करियर बहुत अच्छा रहा है और मैं एक कोच के तौर पर भी वैसी ही सफलता दोहराना चाहता हूं। मैंने घरेलू स्तर पर और क्रिकेट अकादमी में कोचिंग का कुछ अनुभव हासिल किया है लेकिन जाहिर है कि टेस्ट क्रिकेट बहुत अलग होता है। मुझे पूरा भरोसा है कि समय के साथ यह अनुभव मेरे बहुत काम आएगा।
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