Sawan Vrat Recipe: व्रत में भी समोसा खाने का है मन? सिंघाड़े के आटे से बनाएं क्रिस्पी स्नैक
Sawan Vrat Air Fryer samosa Recipe: व्रत में अगर हर बार साबूदाना, फल या आलू की वही पुरानी डिश खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार कुछ नया ट्राई करें। सिंघाड़े के आटे से बने कुरकुरे समोसे स्वाद और कुरकुरेपन का ऐसा मेल हैं, जो सावन के व्रत को और भी खास बना देंगे।
अगर डीप फ्राइ पसंद हैं तो घी या व्रत वाले तेल में तल सकते हैं, वहीं कम तेल में का हेल्दी खाना चाहते है तो एयर फ्रायर में भी बना सकते हैं शाम की हल्की भूख के लिए यह एक शानदार फलाहारी स्नैक साबित हो सकता है। इन 6 आसान स्टेप्स में घर पर बनाएं ये क्रिस्पी समोसे।
समोसे बनाने के लिए सामग्री
- आटा तैयार करने के लिए
- 2 कप सिंघाड़े का आटा
- 2 बड़े चम्मच घी
- स्वादानुसार सेंधा नमक
- जरूरत के अनुसार गुनगुना पानी
स्टफिंग के लिए
- 3 उबले हुए आलू
- 2 बारीक कटी हरी मिर्च
- 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- ½ छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- ½ छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
- स्वादानुसार सेंधा नमक
- 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
- तलने के लिए घी या व्रत में इस्तेमाल होने वाला तेल
ऐसे बनाएं सिंघाड़े के आटे के समोसे
स्टेप 1: आटा तैयार करें
एक बड़े बर्तन में सिंघाड़े का आटा, घी और सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंथ लें। इसे 10–15 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि आटा अच्छे से सेट हो जाए।
स्टेप 2: मसाले तैयार करें
एक पैन में थोड़ा घी गर्म करें। इसमें जीरा डालें। फिर बारीक कटी हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर हल्का भून लें।
स्टेप 3: भरावन तैयार करें
अब इसमें उबले और मैश किए हुए आलू, सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर, भुना जीरा पाउडर और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण तैयार होने के बाद इसे पूरी तरह ठंडा होने दें।
स्टेप 4: समोसे तैयार करें
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हल्का बेलें। इनमें तैयार आलू की स्टफिंग भरें और मनचाहा समोसे का आकार दें।
स्टेप 5: दो तरीकों से करें तैयार
कढ़ाही में तलने का तरीका: एक कढ़ाही में घी या व्रत वाला तेल गर्म करें। तैयार समोसों को धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें।
एयर फ्रायर का तरीक: समोसों पर हल्का-सा घी या तेल ब्रश करें। एयर फ्रायर को 180°C पर 3–4 मिनट प्रीहीट करें। फिर समोसों को 180°C पर 12–15 मिनट तक एयर फ्राई करें। बीच में 7–8 मिनट बाद उन्हें पलट दें ताकि दोनों तरफ से समान रूप से क्रिस्पी हो जाएं।
स्टेप 6: सर्व करें
गरमा-गरम समोसों को व्रत वाली हरी चटनी, दही या मूंगफली की चटनी के साथ परोसें और स्वाद का आनंद लें।
बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- आटा गूंथते समय पानी थोड़ा-थोड़ा डालें, क्योंकि सिंघाड़े का आटा जल्दी टूट सकता है।
- स्टफिंग को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही समोसे में भरें।
- कढ़ाही में तलते समय आंच धीमी से मध्यम रखें, इससे समोसे ज्यादा कुरकुरे बनेंगे।
- एयर फ्रायर में बनाने से पहले समोसों पर हल्का घी या तेल जरूर लगाएं, इससे उनका रंग और स्वाद बेहतर आता है।
- एयर फ्रायर को जरूरत से ज्यादा न भरें। समोसों के बीच थोड़ी जगह रखें, ताकि वे समान रूप से पक सकें।
- व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का ही उपयोग करें।
सावन के व्रत में समोसा खाना चाहते हैं, तो मन को साइड में मत रखिए घर पर अपनी पसंद के हिसाब से बनाइए चटपटे समोसे, बाहर से कुरकुरे और अंदर से आलू की स्टफिंग वाले ये समोसे शाम की हल्की भूख के लिए एक शानदार फलाहारी स्नैक हैं। व्रत वाली चटनी या दही के साथ परोसें और पूरे परिवार के साथ इसका स्वाद लें।
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Organic Compost: बाजार से नहीं खरीदनी पड़ेगी महंगी खाद! घर की इन चीजों से तैयार करें जैविक कंपोस्ट, पौधे बनेंगे हरे-भरे
Organic Compost: होम गार्डनिंग का शौक रखने वाले लोग अक्सर पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए महंगी खाद खरीदते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई और घर से निकलने वाला जैविक कचरा ही पौधों के लिए बेहतरीन खाद बन सकता है? इससे न केवल पैसे की बचत होती है, बल्कि घर का जैविक कचरा भी सही तरीके से इस्तेमाल हो जाता है। यही वजह है कि आजकल ऑर्गेनिक कंपोस्टिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
घर पर तैयार की गई जैविक कंपोस्ट मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, पौधों की जड़ों को मजबूत बनाने और बेहतर फूल-फल देने में मदद करती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती। बस कुछ सामान्य घरेलू चीजें और थोड़ा धैर्य आपकी बालकनी या किचन गार्डन को हरा-भरा बना सकता है।
क्यों फायदेमंद है घर की बनी जैविक कंपोस्ट?
जैविक कंपोस्ट प्राकृतिक पोषक तत्वों से भरपूर होती है। यह मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाती है, उसमें नमी बनाए रखने में मदद करती है और लाभदायक सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाती है। रासायनिक खाद की तुलना में इसका असर लंबे समय तक रहता है और यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित मानी जाती है।
सब्जियों और फलों के छिलकों से बनाएं खाद
आलू, लौकी, केला, सेब, पपीता, गाजर और अन्य फलों-सब्जियों के छिलकों को फेंकने के बजाय एक ढक्कन वाले डिब्बे में जमा करें। इसमें सूखे पत्ते या थोड़ा सूखा मिट्टी का चूरा मिलाते रहें। कुछ हफ्तों बाद यही मिश्रण पोषक तत्वों से भरपूर कंपोस्ट में बदल जाएगा।
चाय की पत्ती और कॉफी का इस्तेमाल करें
उपयोग की हुई चाय की पत्ती और कॉफी ग्राउंड्स पौधों के लिए अच्छी जैविक खाद माने जाते हैं। इन्हें पहले अच्छी तरह धोकर चीनी या दूध के अवशेष हटा दें, फिर कंपोस्ट में मिलाएं। इससे मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ते हैं।
सूखे पत्ते और घास भी हैं उपयोगी
बगीचे या आसपास गिरे सूखे पत्ते और कटी हुई घास कंपोस्ट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये कार्बन का अच्छा स्रोत होते हैं और गीले किचन वेस्ट के साथ मिलकर कंपोस्ट बनने की प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं।
अंडों के छिलके मिलाएं
अंडों के छिलकों में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। इन्हें अच्छी तरह धोकर सुखाएं और बारीक पीसकर कंपोस्ट में मिला दें। इससे पौधों की जड़ों को मजबूती मिलती है और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है।
कंपोस्ट तैयार करते समय इन बातों का रखें ध्यान
कंपोस्ट के डिब्बे में गीले और सूखे कचरे का संतुलन बनाए रखें। समय-समय पर मिश्रण को पलटते रहें ताकि हवा मिलती रहे। मांस, तेलयुक्त भोजन और प्लास्टिक जैसी चीजें कभी भी कंपोस्ट में न डालें। लगभग 6 से 8 सप्ताह में तैयार कंपोस्ट गहरे भूरे रंग की और मिट्टी जैसी खुशबू वाली हो जाती है।
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लेखक: (कीर्ति)
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