MCC नीट यूजी काउंसलिंग 2026 का इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी: जानें इस बार के बड़े बदलाव, राउंड्स और नियम
MCC NEET UG Counselling 2026: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के लिए आधिकारिक इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके जरिए एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) और अन्य योग्य undergraduate मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए पात्रता मानदंड, सीट आवंटन प्रक्रिया और दिशानिर्देश तय कर दिए गए हैं।
एनटीए (NTA) द्वारा घोषित नीट यूजी 2026 के नतीजों के आधार पर एमसीसी ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की 15% सीटों, डीम्ड यूनिवर्सिटी, एम्स (AIIMS), जिपमर (JIPMER) और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की 100% सीटों पर ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित करेगा।
इस साल काउंसलिंग प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव 'सीट आवंटन के बाद ज्वॉइन और अपग्रेड' को लेकर किया गया है, जिसके तहत उम्मीदवारों को 'फ्रीज' (Freeze) और 'फ्लोट' (Float) दो श्रेणियों में बांटा गया है।
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चार चरणों में होगी ऑनलाइन काउंसलिंग
एमसीसी द्वारा इस बार कुल चार राउंड में ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित की जाएगी:
- राउंड 1 (Round 1)
- राउंड 2 (Round 2)
- राउंड 3 (Round 3)
- स्ट्रे वैकेंसी राउंड (Stray Vacancy Round)
अपग्रेडेशन की सुविधा केवल राउंड 3 तक ही उपलब्ध रहेगी। हालांकि, जो उम्मीदवार राउंड 3 में मिली सीट को स्वीकार करते हैं, उन्हें बहुत सोच-समझकर फैसला लेना होगा क्योंकि इसके बाद उन्हें सीट छोड़ने (resign) या इसके बाद किसी अन्य काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए एमसीसी राज्यों के साथ अलॉटमेंट डेटा साझा करेगा। केंद्रीय या राज्य काउंसलिंग प्रक्रिया की किसी भी सूची में जिन उम्मीदवारों का नाम आ जाएगा, उन्हें ऑल इंडिया स्ट्रे वैकेंसी राउंड से बाहर कर दिया जाएगा।
फ्रीज और फ्लोट (Freeze and Float) के नए नियम
संशोधित प्रक्रिया के तहत अब उम्मीदवारों को यह तय करना होगा कि वे अपनी अलॉट की गई सीट को 'फ्रीज' करना चाहते हैं या फिर अपग्रेडेशन के लिए 'फ्लोट' करना चाहते हैं।
- फ्रीज उम्मीदवार: जो छात्र अपनी अलॉट की गई सीट से पूरी तरह संतुष्ट हैं और अगले राउंड में अपग्रेड नहीं चाहते, वे 'Freeze' विकल्प चुनेंगे। ऐसे छात्रों को कॉलेज में जाकर फिजिकली रिपोर्ट करना होगा और दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होगा।
- फ्लोट उम्मीदवार: जो छात्र अपग्रेडेड सीट के लिए अगले दौर में भाग लेना चाहते हैं, वे 'Float' विकल्प चुनेंगे। इस चरण में उन्हें कॉलेज जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे ऑनलाइन अपग्रेडेशन की इच्छा जताएंगे और संबंधित संस्थान द्वारा ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए जरूरी दस्तावेज अपलोड करेंगे।
काउंसलिंग के विभिन्न राउंड्स के नियम
राउंड 1: उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन करेंगे, फीस भरेंगे, अपनी पसंद (Choices) भरकर लॉक करेंगे और सीट अलॉटमेंट में भाग लेंगे। संतुष्ट होने पर 'Freeze' कर कॉलेज रिपोर्ट कर सकते हैं, जबकि अपग्रेड चाहने वाले 'Float' चुन सकते हैं। जिन्हें सीट नहीं मिलेगी, वे बिना नए रजिस्ट्रेशन के राउंड 2 में जा सकेंगे।
राउंड 2: पहले राउंड में रजिस्टर्ड वे उम्मीदवार जिन्हें सीट नहीं मिली थी, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। नए छात्र इसमें फ्रेश रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। राउंड 2 में फ्रेश चॉइस भरनी होगी। यदि राउंड 2 में सीट अपग्रेड होती है, तो राउंड 1 की सीट स्वतः रद्द हो जाएगी और नए कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। सीट मिलने के बाद ज्वॉइन न करने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाएगी।
राउंड 3: इसमें पहले दो राउंड में रजिस्ट्रेशन न करने वाले, रेजिग्नेशन देने वाले या रिपोर्ट न करने वाले छात्र फ्रेश रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। राउंड 3 के परिणाम के बाद सभी अलॉटेड छात्रों के लिए फिजिकल रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। जो छात्र पहले फ्लोट पर थे और अपग्रेड नहीं हुए, उन्हें भी फिजिकली रिपोर्ट करना होगा। सीट मिलने पर रिपोर्ट न करने वाले छात्र काउंसलिंग से बाहर हो जाएंगे और उनकी सिक्योरिटी मनी जब्त हो जाएगी। इस राउंड के बाद सीट से इस्तीफा (Resignation) देने की अनुमति नहीं होगी।
स्ट्रे वैकेंसी राउंड: इसके लिए फाइनल स्ट्रे वैकेंसी राउंड में नया रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा। इस राउंड में सीट मिलने पर कॉलेज ज्वाइन करना अनिवार्य है, अन्यथा सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाएगी और आगे की किसी काउंसलिंग के पात्र नहीं होंगे।
किन सीटों पर होगी MCC की काउंसलिंग?
एमसीसी निम्नलिखित प्रमुख संस्थानों और कोर्सेज के लिए काउंसलिंग आयोजित करेगा:
- 15% AIQ एमबीबीएस/बीडीएस सीटें
- 100% डीम्ड यूनिवर्सिटी की सीटें
- 100% एम्स (AIIMS) की सीटें
- 100% जिपमर (JIPMER) की सीटें
- केंद्रीय विश्वविद्यालय और संस्थान
- ईएसआईसी (ESIC) की लागू श्रेणियां
- दिल्ली यूनिवर्सिटी की कुछ सीटें
- बीएचयू (BHU) और एएमयू (AMU)
- जामिया मिल्लिया इस्लामिया का फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री
- एएफएमसी (AFMC) रजिस्ट्रेशन
- भाग लेने वाले केंद्रीय संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की सीटें
एमसीसी की भूमिका मेरिट और पसंद के आधार पर केवल ऑनलाइन सीट आवंटन तक सीमित है। वह नॉमिनेशन या मैनुअल तरीके से सीटें आवंटित नहीं करती है।
आरक्षण नीति और रजिस्ट्रेशन शुल्क
15% ऑल इंडिया कोटा के लिए आरक्षण ढांचा इस प्रकार रहेगा:
- एससी (SC): 15%
- एसटी (ST): 7.5%
- ओबीसी-एनसीएल (OBC-NCL): केंद्रीय सूची के अनुसार 27%
- ईडब्ल्यूएस (EWS): 10%
- दिव्यांग (PwD): लागू नियमों के तहत 5% क्षैतिज आरक्षण
राज्य कोटे की सीटों के लिए छात्रों को संबंधित राज्य प्राधिकरणों से संपर्क करना होगा।
रजिस्ट्रेशन फीस विवरण:
- सामान्य/ईडब्ल्यूएस (UR/EWS): 1,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस + 10,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।
- एससी/एसटी/ओबीसी/दिव्यांग (SC/ST/OBC/PwD): 500 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस + 5,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।
- डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए: 5,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस + 2,00,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।
जो छात्र सरकारी और डीम्ड दोनों सीटें चाहते हैं, उन्हें दोनों फीस अलग से नहीं बल्कि ऊंची वाली फीस चुकानी होगी।
जरूरी निर्देश और दस्तावेज से जुड़े नियम
एमसीसी ने चेतावनी दी है कि रजिस्ट्रेशन के समय नाम, जन्म तिथि, कैटेगरी या संपर्क विवरण जैसी जानकारियां बहुत सावधानी से भरें, क्योंकि बाद में इनमें बदलाव का मौका नहीं मिलेगा। एनटीए फॉर्म में भरा गया डेटा ही काउंसलिंग में प्री-पुत होकर आएगा, इसलिए वही मोबाइल नंबर और ईमेल इस्तेमाल करें जो एनटीए फॉर्म में दिया गया था।
- दिव्यांग (PwD) उम्मीदवार: इस कोटे के तहत सीट चाहने वालों को एमसीसी के मेडिकल असेसमेंट बोर्ड से पात्रता प्रमाण पत्र (Eligibility Certificate) लेना होगा, जिसके लिए नीट यूजी स्कोरकार्ड, UDID कार्ड और शपथ पत्र जरूरी है। फर्जी दस्तावेज मिलने पर सीट रद्द और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- एनआरआई और ओसीआई (NRI and OCI) उम्मीदवार: एनआरआई सीटों के लिए अलग प्रक्रिया है। प्रायोजक (Sponsor) के साथ संबंध या कानूनी guardianship के दस्तावेज अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन वेरिफिकेशन कमेटी इनकी जांच करेगी। योग्य ओसीआई कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के बराबर माना जाएगा।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग शेड्यूल, सीट मैट्रिक्स और परिणामों के लिए नियमित रूप से आधिकारिक एमसीसी वेबसाइट चेक करते रहें।
इग्नू जुलाई 2026 एडमिशन: आवेदन की आखिरी तारीख फिर बढ़ी, अब 16 अगस्त तक करें अप्लाई
IGNOU July 2026 admission: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2026 सत्र के लिए नए आवेदन करने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है। यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए जानकारी साझा की है। अब योग्य और इच्छुक उम्मीदवार सभी घोषित ओडीएल (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) और ऑनलाइन प्रोग्राम्स के लिए 16 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
जरूरी डायरेक्ट लिंक्स और वेबसाइट
जो उम्मीदवार इन कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे संबंधित ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से ओडीएल और ऑनलाइन दोनों माध्यमों के लिए अलग-अलग पोर्टल लिंक जारी किए गए हैं:
- ओडीएल प्रोग्राम्स (ODL Programmes): ignouadmission.samarth.edu.in
- ऑनलाइन प्रोग्राम्स (Online Programmes): ignouiop.samarth.edu.in/index.php/registration/user/register
आवेदन के लिए APAAR ID है अनिवार्य
इग्नू की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले छात्रों के पास अपनी APAAR ID तैयार रखना अनिवार्य किया गया है। यदि किसी छात्र को अपनी APAAR ID बनाने में किसी भी तरह की परेशानी आ रही है, तो वे एडमिशन पोर्टल पर दिए गए सहायता लिंक (assistance link) की मदद ले सकते हैं।
इसके अलावा, एडमिशन कन्फर्म होने के बाद योग्य उम्मीदवार राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से भारत सरकार की विभिन्न छात्रवृत्तियों के लिए भी आवेदन कर सकेंगे।
फॉर्म भरने के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया पूरी करने से पहले छात्रों को अपने पास कुछ जरूरी दस्तावेजों को तैयार रखना होगा, जिनका साइज और फॉर्मेट तय किया गया है:
- पासपोर्ट साइज फोटो: सफेद बैकग्राउंड के साथ रंगीन फोटो, जो जेपीईजी (JPEG) फॉर्मेट में और 100 केबी से कम साइज की होनी चाहिए।
- हस्ताक्षर (Signature): स्कैन किए गए हस्ताक्षर जेपीईजी फॉर्मेट में और 100 केबी से कम साइज के होने चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र: सर्टिफिकेट या दस्तावेज जेपीईजी या पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में, जिनका साइज 200 केबी से कम हो।
- अनुभव प्रमाण पत्र: यह दस्तावेज केवल उन उम्मीदवारों के लिए जरूरी है जिनके पास कार्य अनुभव (Work Experience) है।
- श्रेणी प्रमाण पत्र: यदि लागू हो तो एससी, एसटी या ओबीसी (SC/ST/OBC) का कैटेगरी सर्टिफिकेट।
आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया
- सबसे पहले इग्नू के आधिकारिक एडमिशन पोर्टल ignouadmission.samarth.edu.in पर जाएं।
- यदि आप पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो "New Registration" विकल्प पर क्लिक करें।
- अपने चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से रजिस्ट्रेशन करें, फिर ओटीपी (OTP) के जरिए दोनों को वेरिफाई करें।
- अपनी पसंद का यूजरनेम और 8 से 16 कैरेक्टर का अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड बनाएं।
- अपने रजिस्टर्ड लॉगिन विवरण का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
- अपनी पसंद के पाठ्यक्रम (करिकुलम) का चयन करने के बाद सावधानीपूर्वक आवेदन फॉर्म भरें।
- तय फॉर्मेट में अपने हस्ताक्षर, फोटो और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसी जरूरी फाइलें अपलोड करें।
- फॉर्म का प्रीव्यू देखकर सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लें।
- क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई (UPI) के जरिए आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
- फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए कंफर्मेशन पेज को सुरक्षित सेव कर लें।
इग्नू की रिफंड पॉलिसी (Refund Policy)
- रजिस्ट्रेशन फीस: इग्नू की नीति के अनुसार रजिस्ट्रेशन फीस किसी भी स्थिति में नॉन-रिफंडबल (अप्रतिदेय) होती है।
- एडमिशन कंफर्मेशन से पहले: यदि एडमिशन कन्फर्म होने से पहले कैंसिलेशन का अनुरोध किया जाता है, तो प्रोग्राम फीस पूरी तरह रिफंड हो जाएगी।
- एडमिशन कंफर्मेशन के बाद: यदि एडमिशन कंफर्म होने के बाद छात्र कैंसिलेशन के लिए आवेदन करता है, तो प्रोग्राम फीस का 15% हिस्सा काट लिया जाएगा, जिसमें अधिकतम कटौती 2,000 रुपये तक हो सकती है।
- सॉफ्ट कॉपी स्टडी मटेरियल: जो छात्र पढ़ाई के लिए स्टडी मटेरियल की सॉफ्ट कॉपी चुनते हैं, उन्हें रजिस्ट्रेशन फीस काटने के बाद नियमानुसार रिफंड मिलेगा।
- रिफंड की समय सीमा: एडमिशन की आखिरी तारीख से 60 दिन बीत जाने के बाद किसी भी रिफंड अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
- रजिस्ट्रेशन करते समय छात्र केवल अपने खुद के चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का ही उपयोग करें।
- पूरी एडमिशन प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करें कि आपका रजिस्टर्ड ईमेल पूरी तरह से एक्टिव और चालू रहे।
- पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए अपने यूजरनेम या रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का ही इस्तेमाल करें।
- एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय हमेशा गूगल क्रोम (Google Chrome) के सबसे नए वर्जन का उपयोग करें।
- फॉर्म अपलोड करने के लिए हमेशा मूल दस्तावेजों (Original Copies) को ही स्कैन करें।
- सबमिट करने से पहले अपने पूरे आवेदन फॉर्म की अच्छी तरह से जांच जरूर कर लें।
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