'हमेशा की तरह हमारा काम...', वैभव और यशस्वी को लेकर रियान पराग ने दिया दिल जीतने वाला बयान
IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने मंगलवार की रात मुल्लांपुर स्टेडियम में सीजन की छठवीं जीत दर्ज की. इस मैच में राजस्थान ने पंजाब किंग्स को हराकर उनके विजयरथ पर विराम लगाया. मुकाबले में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रनों का लक्ष्य खड़ा किया था, जिसे राजस्थान की टीम ने 4 गेंदें शेष रहते हुए हासिल कर लिया और 6 विकेट से जीत दर्ज की. इसके बाद से हर तरफ RR टीम के प्रदर्शन की ही चर्चा है. तो आइए जानते हैं कि टीम के कप्तान रियान पराग ने पंजाब किंग्स को हराने के बाद क्या-क्या कहा?
रियान पराग ने बेहतर होने की कही बात
पंजाब किंग्स के साथ खेले गए मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने सफलतापूर्वक 223 रनों का लक्ष्य हासिल किया. मगर, इस शानदार जीत के बावजूद कप्तान रियान पराग का कहना है कि उनकी टीम ने 35 ओवर ही अच्छा खेला और वह और बेहतर खेल सकती थी. हालांकि, वह प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आए.
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जब पूछा गया कि क्या आज रात आपका खेल सर्वश्रेष्ठ था? इसपर रियान पराग ने कहा, "हां, 100%. मुझे लगता है कि हम कुछ ओवर बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे और बीच के ओवरों में कुछ ओवर बेहतर बल्लेबाजी कर सकते थे, लेकिन लगभग 35 ओवर, लेकिन आपको कभी भी 40 ओवर नहीं मिलेंगे, लेकिन फिर भी यह आकांक्षा हमेशा होनी चाहिए कि आप 40 ओवर का अच्छा क्रिकेट खेलेंगे."
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— IndianPremierLeague (@IPL) April 28, 2026
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मिडिल ऑर्डर के सवाल पर क्या बोले रियान पराग?
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का मिडिल ऑर्डर चिंता का विषय रहा है. हालांकि, सलामी बल्लेबाजों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है और शानदार प्रदर्शन किया. ऐसे में इस सीजन में मध्य क्रम से जुड़ी चिंताओं पर बात करते हुए कहा, "चिंताएं हमारे अलावा अन्य खिलाड़ियों से संबंधित थीं, ये सब दूसरों की वजह से था. जो भी देख रहे थे, जो भी कमेंट्री कर रहे थे. ये उनकी चिंताएं थीं, हमारी नहीं. हमें अपने खिलाड़ियों और उनकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है."
"जब मध्य क्रम अच्छा प्रदर्शन नहीं करता, तो सलामी बल्लेबाजों, तीसरे नंबर के बल्लेबाजों और निचले क्रम के बल्लेबाजों को जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है. जब मध्य क्रम अच्छा प्रदर्शन करता है और शीर्ष क्रम का कोई बल्लेबाज रन नहीं बना पाता या धीमी गति से रन बनाता है, तो हम जिम्मेदारी संभालते हैं. इसलिए एक टीम के रूप में, मुझे लगता है कि हमें अपने हर खिलाड़ी पर पूरा भरोसा है. सारी वजहें और सारी चिंताएं बाहर की हैं, हमारी नहीं."
रियान पराग ने की वैभव और जायसवाल की तारीफ
223 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की टीम के सलामी बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया. वैभव सूर्यवंशी ने 16 गेंद पर 43 और यशस्वी जायसवाल ने 27 गेंद पर 51 रनों की तूफानी पारी खेली.
चेज करते समय की योजना के बारे में पूछे जाने पर रियान पराग ने कहा, "मुझे लगता है कि योजना विकेट बचाकर रखने की थी, लेकिन रन-रेट से बहुत पीछे न रहने की. वैभव और जायसवाल जैसे सलामी बल्लेबाजों ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, मुझे लगता है कि इससे हमारा काम हमेशा की तरह बहुत आसान हो गया. लेकिन मुश्किल काम पावरप्ले के बाद उस लय को बनाए रखना, 10 रन प्रति ओवर की रफ्तार से रन बनाते रहना था. मुझे लगता है कि पावरप्ले के ठीक बाद, हमें पांच, आठ और इसी तरह के ओवर मिले. इसलिए हम थोड़ा पीछे हो गए, लेकिन फिर हमने वापसी कर ली."
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जमानत मिली लेकिन शर्तें कड़ी! सोनम रघुवंशी पर इंदौर एंट्री बैन, चर्चा में ‘एकादशी’ कनेक्शन
हनीमून हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलना जितना चौंकाने वाला था, उससे कहीं ज्यादा चर्चा कोर्ट की उन शर्तों की हो रही है, जिन्होंने उसकी आजादी को सीमित कर दिया है। लोग सोच रहे थे कि जमानत मिलते ही वह इंदौर लौट आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
अदालत ने साफ कर दिया है कि जमानत का मतलब पूरी आजादी नहीं होता। इस केस में भी यही हुआ है, जहां गंभीर आरोपों के बीच सोनम को राहत तो मिली, लेकिन सख्त नियमों के साथ।
सोनम रघुवंशी जमानत की शर्तें
सोनम रघुवंशी जमानत मामले में अदालत ने कई स्पष्ट और सख्त शर्तें तय की हैं। सबसे अहम शर्त यह है कि वह शिलांग छोड़कर कहीं और नहीं जा सकती।
अदालत ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि जांच प्रभावित न हो और आरोपी फरार न हो सके। सोनम को हर सुनवाई पर अदालत में उपस्थित होना होगा। साथ ही उसे गवाहों और सबूतों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने से सख्ती से रोका गया है।
अगर वह इंदौर आना चाहती है, तो उसे पहले अदालत से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के क्षेत्र छोड़ना जमानत की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा, जिससे उसकी जमानत रद्द भी हो सकती है।
पुलिस की गलती बनी जमानत की वजह
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सोनम को जमानत कैसे मिल गई। अदालत ने पुलिस की कार्यवाही में कई खामियां पाईं। गिरफ्तारी के समय आरोपी को स्पष्ट रूप से कारण नहीं बताए गए, जो कि कानून के खिलाफ है।
दस्तावेजों में भी अलग-अलग धाराएं लिखी गई थीं, जिससे मामला कमजोर पड़ गया। अदालत ने माना कि इससे आरोपी को अपने बचाव का पूरा मौका नहीं मिला। यह स्थिति बताती है कि जांच में छोटी-छोटी गलतियां भी बड़े फैसलों को प्रभावित कर सकती हैं।
संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
अदालत ने यह भी माना कि गिरफ्तारी के समय आरोपी के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। हर व्यक्ति को यह अधिकार है कि उसे गिरफ्तारी का कारण तुरंत बताया जाए। यह अधिकार कानून में स्पष्ट रूप से दिया गया है। अदालत ने कहा कि जब यह प्रक्रिया सही तरीके से नहीं अपनाई जाती, तो आरोपी को जमानत मिलना स्वाभाविक हो जाता है, चाहे मामला कितना भी गंभीर क्यों न हो।
‘एकादशी’ कनेक्शन
इस मामले में एक और पहलू सामने आया है, जिसने लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। वह है ‘एकादशी’ का कनेक्शन। राजा रघुवंशी की हत्या जिस दिन हुई, वह एकादशी का दिन था। इसके बाद परिवार में बच्चे का जन्म भी एकादशी को हुआ। सबसे दिलचस्प बात यह है कि सोनम रघुवंशी की जमानत भी एकादशी के दिन ही हुई। हालांकि इसे सिर्फ एक संयोग माना जा सकता है, लेकिन इसने पूरे मामले को और भी चर्चा में ला दिया है।
कैसे शुरू हुई पूरी कहानी
इस मामले की शुरुआत एक शादी से हुई, जो कुछ ही दिनों में एक दर्दनाक घटना में बदल गई। इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी मई में हुई थी। शादी के बाद दोनों घूमने के लिए निकले। कुछ दिनों बाद राजा का शव मेघालय में एक खाई से मिला, जिससे हत्या की पुष्टि हुई।
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