Share Market Today: 788 अंक उछला सेंसेक्स, निफ्टी भी मजबूत; आज से F&O ट्रेडिंग में लागू हुए बड़े बदलाव
Share Market Today: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार मजबूती के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 788 अंक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 189 अंक चढ़कर हरे निशान में पहुंच गया। विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कई बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों ने बाजार की धारणा को मजबूत किया।
निवेशकों की नजर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की इस सप्ताह होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिकी है। ब्याज दरों और केंद्रीय बैंक के रुख से बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है।
आज से लागू हुआ F&O में बड़ा बदलाव
सोमवार से शेयर बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गया है। सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) से जुड़े शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की शुरुआत कर दी है।
इस नई व्यवस्था के तहत F&O शेयरों की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस अब ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए तय होगी। इसका उद्देश्य क्लोजिंग प्राइस को अधिक पारदर्शी बनाना, अंतिम मिनटों में संभावित हेरफेर की आशंका कम करना और बेहतर प्राइस डिस्कवरी सुनिश्चित करना है।
अब कैसे तय होगी क्लोजिंग प्राइस?
पहले F&O शेयरों की क्लोजिंग प्राइस कारोबार के अंतिम चरण में हुए सौदों के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के आधार पर तय होती थी।
नई व्यवस्था में दोपहर 3:15 बजे के बाद खरीद और बिक्री के ऑर्डर एकत्र किए जाएंगे और उन्हें एक संतुलित कीमत पर मैच किया जाएगा। यही कीमत उस शेयर की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस मानी जाएगी। इससे किसी एक बड़े ऑर्डर का अंतिम कीमत पर प्रभाव कम होगा और बाजार अधिक निष्पक्ष तरीके से काम करेगा।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
विशेषज्ञों का मानना है कि नया क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ डेरिवेटिव्स से जुड़े सौदों में बेहतर मूल्य निर्धारण में मदद करेगा। वहीं, इस सप्ताह RBI की MPC बैठक, वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां घरेलू शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
Gold ETF Demand: गोल्ड ईटीएफ में निवेश 136% बढ़ा, ज्वेलरी की मांग क्यों घटी?
सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब होने के बावजूद निवेशकों का भरोसा गोल्ड पर लगातार मजबूत बना हुआ। हालांकि महंगे दामों की वजह से लोगों ने ज्वेलरी की खरीदारी कम की, लेकिन निवेश के लिए गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) की ओर रुझान तेजी से बढ़ा।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में गोल्ड ईटीएफ में निवेश मूल्य के हिसाब से दोगुने से भी अधिक बढ़कर 6300 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
गोल्ड ईटीएफ में 49 फीसदी अधिक निवेश
रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में गोल्ड ईटीएफ में 4.2 टन का शुद्ध निवेश हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2.8 टन था। यानी निवेश की मात्रा में 49% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं मूल्य के लिहाज से निवेश 2670 करोड़ रुपये से बढ़कर 6300 करोड़ रुपये हो गया, जो 136% की शानदार वृद्धि है। डॉलर में देखें तो निवेश 0.3 अरब डॉलर से बढ़कर 0.6 अरब डॉलर हो गया, यानी इसमें 104% का इजाफा हुआ।
ज्वेलरी की जगह ईटीएफ में बढ़ा निवेश
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की ऊंची कीमतों के कारण जहां ज्वेलरी खरीदना महंगा हो गया, वहीं निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ को बेहतर विकल्प माना। गोल्ड ETF में निवेश करने पर मेकिंग चार्ज, शुद्धता (Purity) और स्टोरेज जैसी परेशानियां नहीं होतीं। यही वजह है कि अनिश्चित बाजार और वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों ने फिजिकल गोल्ड की बजाय फाइनेंशियल गोल्ड को प्राथमिकता दी।
भारत की गोल्ड डिमांड घटी
दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान भारत की कुल गोल्ड डिमांड 6% घटकर 131.4 टन रह गई। ज्वेलरी की मांग में 15% की गिरावट आई और यह 75.1 टन पर पहुंच गई। इसके विपरीत, निवेश के उद्देश्य से खरीदे जाने वाले गोल्ड बार और सिक्कों की मांग 9% बढ़कर 50.3 टन हो गई। इससे साफ है कि महंगे दामों के बावजूद निवेशकों का सोने पर भरोसा कायम है।
जून तिमाही में गोल्ड ETF की प्रमुख बातें
- गोल्ड ETF में शुद्ध निवेश: 4.2 टन
- पिछले साल: 2.8 टन
- मात्रा में बढ़ोतरी: 49%
- निवेश मूल्य: 6300 करोड़
- पिछले साल: 2670 करोड़
- मूल्य में बढ़ोतरी: 136%
- डॉलर में निवेश: 0.3 अरब डॉलर से बढ़कर 0.6 अरब डॉलर
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की वरिष्ठ बाजार विश्लेषक लुईस स्ट्रीट के अनुसार, दूसरी तिमाही में कीमतों में कुछ नरमी आने के बावजूद गोल्ड की सुरक्षित निवेश और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन की भूमिका मजबूत बनी रही। वहीं वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल इंडिया के रीजनल सीईओ सचिन जैन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईटीएफ से निकासी के बावजूद भारत में गोल्ड ETF में 4.2 टन का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई की चिंता, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म की आसान पहुंच ने गोल्ड ETF में निवेश को बढ़ावा दिया है। आने वाले त्योहारी और शादी के सीजन में फिजिकल गोल्ड की मांग बढ़ सकती है, लेकिन यदि मौजूदा रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में भारत के निवेश बाजार में गोल्ड ईटीएफ की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है।
(प्रियंका कुमारी)
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