ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की किस्मत का फैसला आज, NIA और बख्तरबंद गाड़ियों के साये में बंगाल का आखिरी रण
West Bengal 2nd Phase Voting: पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है. सूबे में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस चरण में राज्य की बाकी बची 142 सीटों पर जनता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही है. पहले चरण में हुई भारी वोटिंग के बाद अब सबकी निगाहें इस अंतिम मुकाबले पर टिकी हैं. चुनाव आयोग और प्रशासन के लिए यह चरण काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस बार चुनावी मैदान में कई दिग्गज नेताओं की साख दांव पर लगी है.
भवानीपुर में सबसे बड़ा मुकाबला
इस चरण में सबसे अधिक चर्चा भवानीपुर विधानसभा सीट की हो रही है. यह सीट पूरे बंगाल का सियासी केंद्र बन गई है क्योंकि यहां से खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव मैदान में हैं. उनके सामने बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को उतारा है. याद रहे कि 2021 के चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को मात दी थी, इसलिए इस बार भवानीपुर की लड़ाई केवल सीट जीतने की नहीं, बल्कि राजनीतिक वजूद की भी बन गई है. वैसे तो भवानीपुर को तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, लेकिन बीजेपी की आक्रामक रणनीति ने इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और एनआईए की चौकसी
दूसरे चरण के चुनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले चरण के मुकाबले काफी सख्त रखी गई है. सूत्रों के मुताबिक, इस चरण में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका ज्यादा जताई गई है. खासकर सुतली बम जैसे हमलों की साजिश को नाकाम करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की टीमों को तैनात किया गया है. स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों को आदेश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए. माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है.
बख्तरबंद गाड़ियां और हजारों जवान तैनात
मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने पूरी ताकत झोंक दी है. इस चरण में बीएसएफ और सीआरपीएफ समेत तमाम केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2400 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं. सड़कों पर 100 से अधिक बख्तरबंद गाड़ियां उतारी गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. सभी पोलिंग बूथों पर पहले केंद्रीय बलों के जवानों ने मोर्चा संभाला और उसके बाद ही चुनाव टीमों को वहां पहुंचने की अनुमति दी गई. संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है.
चुनावी मैदान में उम्मीदवारों का गणित
इस अंतिम चरण में कुल 1448 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें 1228 पुरुष और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं. मतदाताओं की संख्या 3 करोड़ 22 लाख 13 हजार 778 है. खास बात यह है कि ट्रिब्यूनल के आदेश पर 1468 ऐसे मतदाताओं को दोबारा सूची में जोड़ा गया है, जिनके नाम पहले काट दिए गए थे लेकिन जांच में सही पाए गए. हालांकि, करीब 34 लाख मतदाता ऐसे भी हैं जिनकी अपील अभी पेंडिंग है और वे इस बार भी अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे.
बंपर वोटिंग की उम्मीद
पहले चरण में पश्चिम बंगाल में 93.19 फीसदी की रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई थी. चुनाव आयोग को उम्मीद है कि दूसरे चरण में भी मतदान का आंकड़ा 90 फीसदी के पार जा सकता है. जानकारों का मानना है कि लोगों में इस बार गजब का उत्साह है. खासकर बाहर के राज्यों में काम करने वाले लोग भी सिर्फ इसलिए गांव लौटे हैं ताकि उनका नाम वोटर लिस्ट से न कट जाए. इसके अलावा महिलाओं और युवाओं में वोटिंग को लेकर बड़ी जागरूकता देखी जा रही है.
ये वोटर निभाएंगे बड़ी भूमिका
आंकड़ों के अनुसार, इस बार 30 से 39 साल की उम्र वाले करीब 73 लाख से ज्यादा वोटर हार-जीत का फैसला करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे. अब देखना यह होगा कि बंगाल की जनता सत्ता की चाबी किसे सौंपती है.
यह भी पढ़ें: West Bengal Election 2026: आरजी कर केस की पीड़िता की मां मैदान में, क्या पानीहाटी में बदलेगा बंगाल का मिजाज?
अमेरिका-ईरान के बीच इस दिन हो सकती है शांति वार्ता, पाकिस्तान ने बताया कब इस्लामाबाद आएंगे विदेश मंत्री अराघची
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान ने कहा है कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शुक्रवार रात इस्लामाबाद आ सकते हैं. जहां उनके अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल हो की संभावना है.
उधर मंगलवार को ईरान ने कहा कि अमेरिका अब अन्य देशों को कार्रवाई करने के लिए "निर्देश" नहीं दे सकता, क्योंकि वाशिंगटन पश्चिम एशिया युद्ध को समाप्त करने के लिए तेहरान के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. सरकारी टेलीविजन के अनुसार, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रजा तलाई-निक ने कहा कि अमेरिका को अपनी "अवैध और तर्कहीन मांगों" को छोड़ना होगा.
'हर देश को प्रभावित कर रहे हैं समुद्री सुरक्षा खतरे'
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि समुद्री सुरक्षा खतरे अब हर तटरेखा और देश को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चारों ओर से जमीन से घिरे देशों भी इससे प्रभावित हो रहे हैं. गुटेरेस ने आगे कहा कि बढ़ते वैश्विक विभाजन विश्वास को कमजोर कर रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून को चुनौती दे रहे हैं और सामूहिक सुरक्षा की नींव पर गंभीर दबाव डाल रहे हैं.
होर्मुज पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी
उधर होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की नाकाबंदी जारी है. जिससे ईरानी तेल लेकर जाने वाले जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर पा रहे हैं. अमेरिकी केंद्रीय कमान ने बताया कि निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत यूएसएस राफेल पेराल्टा ने टैंकर एम/टी स्ट्रीम को रोककर उसे उसके गंतव्य तक पहुंचने से रोक दिया. बयान के अनुसार, जहाज को तब रोका गया जब उसने एक ईरानी बंदरगाह की ओर जाने की कोशिश की.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
होर्मुज पर नाकाबंदी का असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है. इसके पीछे की वजह व्यापारी ईरान संघर्ष में शांति वार्ता की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं. उधर अमेरिका तेहरान के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी काफी हद तक बंद है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 2.8 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 109 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है.
ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा व्हाइट हाउस
उधर व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उसने अपनी कुछ सख्त शर्तें दोहराईं हैं. जिनमें तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना शामिल है. क्षेत्र के दो अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कम करने की पेशकश की है, जिसके बदले में अमेरिका नाकाबंदी हटाकर संघर्ष समाप्त करे और अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा स्थगित करे.
ये भी पढ़ें: तेल टैंकर जब्त करने पर भड़का ईरान, अमेरिका को सुनाई खरी-खोटी; कहा- ये समुद्री लुटेरों की वापसी
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने की संभावना कम है, क्योंकि यह पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया है और इसमें कई प्रमुख विवाद अनसुलझे हैं. वे मुद्दे जिनके कारण 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि ट्रंप ने प्रस्ताव का आकलन करने के लिए आज सुबह राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा, "ईरान के संबंध में उनकी सीमाएं बहुत स्पष्ट कर दी गई हैं," और साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रपति इस मुद्दे पर "बहुत जल्द" ध्यान देंगे.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation














.jpg)



