अमेरिका-ईरान के बीच इस दिन हो सकती है शांति वार्ता, पाकिस्तान ने बताया कब इस्लामाबाद आएंगे विदेश मंत्री अराघची
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान ने कहा है कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शुक्रवार रात इस्लामाबाद आ सकते हैं. जहां उनके अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल हो की संभावना है.
उधर मंगलवार को ईरान ने कहा कि अमेरिका अब अन्य देशों को कार्रवाई करने के लिए "निर्देश" नहीं दे सकता, क्योंकि वाशिंगटन पश्चिम एशिया युद्ध को समाप्त करने के लिए तेहरान के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. सरकारी टेलीविजन के अनुसार, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रजा तलाई-निक ने कहा कि अमेरिका को अपनी "अवैध और तर्कहीन मांगों" को छोड़ना होगा.
'हर देश को प्रभावित कर रहे हैं समुद्री सुरक्षा खतरे'
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि समुद्री सुरक्षा खतरे अब हर तटरेखा और देश को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चारों ओर से जमीन से घिरे देशों भी इससे प्रभावित हो रहे हैं. गुटेरेस ने आगे कहा कि बढ़ते वैश्विक विभाजन विश्वास को कमजोर कर रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून को चुनौती दे रहे हैं और सामूहिक सुरक्षा की नींव पर गंभीर दबाव डाल रहे हैं.
होर्मुज पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी
उधर होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की नाकाबंदी जारी है. जिससे ईरानी तेल लेकर जाने वाले जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर पा रहे हैं. अमेरिकी केंद्रीय कमान ने बताया कि निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत यूएसएस राफेल पेराल्टा ने टैंकर एम/टी स्ट्रीम को रोककर उसे उसके गंतव्य तक पहुंचने से रोक दिया. बयान के अनुसार, जहाज को तब रोका गया जब उसने एक ईरानी बंदरगाह की ओर जाने की कोशिश की.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
होर्मुज पर नाकाबंदी का असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है. इसके पीछे की वजह व्यापारी ईरान संघर्ष में शांति वार्ता की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं. उधर अमेरिका तेहरान के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी काफी हद तक बंद है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 2.8 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 109 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है.
ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा व्हाइट हाउस
उधर व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उसने अपनी कुछ सख्त शर्तें दोहराईं हैं. जिनमें तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना शामिल है. क्षेत्र के दो अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कम करने की पेशकश की है, जिसके बदले में अमेरिका नाकाबंदी हटाकर संघर्ष समाप्त करे और अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा स्थगित करे.
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हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने की संभावना कम है, क्योंकि यह पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया है और इसमें कई प्रमुख विवाद अनसुलझे हैं. वे मुद्दे जिनके कारण 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि ट्रंप ने प्रस्ताव का आकलन करने के लिए आज सुबह राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा, "ईरान के संबंध में उनकी सीमाएं बहुत स्पष्ट कर दी गई हैं," और साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रपति इस मुद्दे पर "बहुत जल्द" ध्यान देंगे.
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